दोस्त, मेरा नाम रोहिताश कुमार है, और मैं पिछले 10 वर्षों से शायरी लिखने की दुनिया में काम कर रहा हूं । पहले मैने 2 वर्षों तक शायरी लिखने का अभयास ओफलाइन किया था । और फिर बिच में किसी रिजन की वजह से छोड़ दिया ।
मगर फिर जब मैंने गुगल पर शायरी लिखना शुरु किया तो बहुत सारे कंपिटीसन के कारण से मुझे सफलता हासिल नही हुई । जब सफलता मिली तो उसके छ महिने में गुगल ने साथ छोड़ दिया और हमारी वेबसाईट को निचे गेर दिया ।
मगर मैंने हार नही मानी और फिर से कोशिश में लगा और आज फिर आपके सामने padhakushayari.in ब्लॉग को लेकर आ गया ।
अब मैंने यह निर्णय लिया है की मैं केवल इस padhakushayari.in ब्लॉग पर शायरी ही पोस्ट करूगा । अब मेरा मक्सद पैसे कमान नही रहा बल्की मैं एक अलग पहचान बनाना चाहता हू ।
मैं चहता हूं की मैं आपके दिल में जो बाद है वह शायरी की मदद से आपके सामने रखु और बदले में आप मेरे ब्लॉग padhakushayari.in और मेरा नाम रोहिताश याद रखे ।
बस मेरे लिए इतना ही काफी है।
वैसे आपको बता दे की इस शायरी के अलावा मैंने कई बुक तक लिखी है जैसे की
