206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

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गधा, असल में एक प्रकार का जानवर होता है जो की घोड़ों की प्रजाति में आता है। और यह जो गधा होता है वह हरी घास खाता है मतलब यह शाकाहारी होता है। और इसका उपयोग मुख्य रूप से वजन ढोने के लिए किया जाता है। 🫏🌿

गधा लगभग सभी का देखा हुआ है, और गधे पर कई कहानियां भी प्रसिद्ध है। जैसे की गधा और धोबी वाली कहानी। और इन सभी कारणों से गधा आज चारों ओर फेमस है। 📖✨

और आज के इस लेख में आपके लिए गधे पर शायरी लेकर आए है, तो यदि आप गधों पर शायरी पढ़ना पसंद करते है तो आइए शायरी पढ़े — 📖👇


206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

😂 1 – गधे पर शायरी , शादी और पति-पत्नी वाली शायरी

✍️ शायरी 1

काली सूरत वाली की सफेद लुगाई होती है
तभी तो चारों ओर गधों की धुलाई होती है।

⚫➡️⚪🫏🧼

✍️ शायरी 2

जिसे समझा था मैंने रखवाला
वो तो व्यापारी निकला।
जो था जंगल का राजा
वो तो गधों का सरदार निकला।

👑➡️🫏💼

✍️ शायरी 3

चढ़कर दुल्हा घोड़े पर
खूब मुस्कुराने लग गया।
जब हो गया विवाह को एक साल
तो फिर दुल्हा गधा बन गया।

🐎😊➡️🫏😩

✍️ शायरी 4

शादी करकर
आज मैं पछताता हूं।
बनकर गधा
वजन जो उठाता हूं।

💍😢🫏🏋️

✍️ शायरी 5

लेकर ढोल बाजा
वो शादी करने चला है।
अरे समझाओ कोई उसे
वो खुद को गधा बनाने चला है।

🥁💍🫏😅

✍️ शायरी 6

गधा भी देखकर तुझे खूब हंसता है।
जब जब तू अपनी पत्नी के कपड़े धोता है।

🫏😂👕🧺

✍️ शायरी 7

शादी के बाद में
यार मेरा गधा बन गया।
जो रहता था राज बनकर
आज वो पत्नी का गुलाम बन गया।

👫🫏👑

✍️ शायरी 8

तेरे नखरों में
गधा बनकर उठाऊंगा।
अगर हो जाए राजी तू
तो बारात लेकर आऊंगा।

💃🫏💍🎉

✍️ शायरी 9

तेरे नखरों में भी आजकल
वजन बढ़ने लग गया।
तभी तो जान मैं आजकल
गधा पास अपने रखने लग गया।

💃⚖️🫏

206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

✍️ शायरी 10

करवा चौथ पर
मीठे मीठे पकवान बनाए थे।
मगर फिर भी प्यारे गधे को
हम खिला न पाए थे।

🌙🍬🫏😢

✍️ शायरी 11

काजू बादाम की
खीर बनाकर खिलाई थी।
मगर फिर भी जान मेरी
गधी कहलाई थी।

🥛🥜🍚🫏😅

✍️ शायरी 12

शादी के मौके पर
घोड़े ही काम आते है।
तभी तो गधे
बेकार कहलाते है।

🐎✅🫏❌

✍️ शायरी 13

धनतेरस पर
मैं भी सोने का हार बनाऊंगा।
अगर मान जाए गधी शादी के लिए
तो संग गुलाब का फूल लाऊंगा।

✨🫏💍🌹

✍️ शायरी 14

अगर हो जाए मन की इच्छा पूरी
तो घेवर का भोग लगाऊंगा।
करके तेरी पूजा सच्चे मन से
ढोल मैं खूब बजाऊंगा।

🙏🥁✨

❁ • ❁ • ❁


💕 2 – गधे पर शायरी इश्किया अंदाज़ में

✍️ शायरी 1

देखकर औरत की सीधी साधी सूरत को
समाज गाय कहने लग जाता है।
तो फिर देखकर आदमी की भोली सूरत को
गधा क्यों कहने लग जाता है।

🐄🤔🫏😅

✍️ शायरी 2

तेरे नखरों में भी आजकल
वजन बढ़ने लग गया।
तभी तो जान मैं आजकल
गधा पास अपने रखने लग गया।

💃⚖️🫏

✍️ शायरी 3

उम्र बढ़ने से
गधों को अक्ल आया नहीं करती।
और देखकर सामने छोरे को
छोरी मुस्कुराया नहीं करती।

👴🫏🤷‍♀️

206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

✍️ शायरी 4

आंखों में अजीब सी मुस्कान छा गई।
जब जान मेरी गधे पर बैठकर आ गई।

👁️😊🫏

✍️ शायरी 5

करकर उसका चेहरा काला
गधे पर बैठाना होगा।
तभी तो वो
लोगों की ताकत समझेगा।

⚫🫏💪

✍️ शायरी 6

दिल का दर्द
जब हद से गुजरता है।
तो गधा भी
इश्क में तड़पता है।

💔🫏😢

✍️ शायरी 7

आंखों से आंसुओं की
बरसात हो गई।
जब गधे की पीठ पर रखी रुई
भीगकर भारी हो गई।

😢🌧️🫏

✍️ शायरी 8

तेरे होठों की कसम
तू किसी परी से कम नहीं लगती।
और जब पहनती है काला सूट
किसी गधी से कम नहीं लगती।

💋🧚‍♀️➡️🫏😅

✍️ शायरी 9

दिल की धड़कन भी
इश्क का गीत गाने लग जाती है।
जब गधे के सामने
गधी श्रृंगार करकर आ जाती है।

💓🎶🫏💄

✍️ शायरी 10

देखकर गधा तुझे
न जाने क्यों हंसता है।
लगता है गधा भी
अपनों को पहचानता है।

🫏😂👀

✍️ शायरी 11

काली काली आंखों से
तूने वार मेरे दिल पर किया है।
और मिलने बुलाकर मुझे पास अपने
गधे पर सवार तूने किया है।

👁️💘🫏

✍️ शायरी 12

तेरे से अच्छा तो मेरा गधा लगता है
कम से कम दिन के चार पैसे तो कमाता है।

🫏💰😅

✍️ शायरी 13

तेरी सूरत तो मेरे गधे से मिल गई।
लगता है तू इससे बचपन में बिछड़ गई।

🫏👀😅

✍️ शायरी 14

तू जब रोती है
तो बादल गरजते है।
अरे मत रोया कर इतना
बिचारे गधे भी तुझसे डरते है।

😭⛈️🫏😨

✍️ शायरी 15

पहनकर काली साड़ी
जब तुम आती हो।
खुदा कसम
गधी नजर आती हो।

👗⚫🫏😅

206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

✍️ शायरी 16

दिल की धड़कने भी
इश्क का गीत गाती है।
जब जान मेरी
गधी बनकर आती है।

💓🎶🫏

✍️ शायरी 17

गुलाब के फूल में
तेरे होठों की खुशबू आती है।
छू ले तू मेरे दिल को
इतनी खास नजर आती है।

🌹💋💓

✍️ शायरी 18

दिल का हाल बुरा हो गया
खा कर रसगुल्ला जो गधा खुश हो गया।

🍬🫏😊

✍️ शायरी 19

तेरी वाणी इतनी मधुर
कि कोयल भी तुझसे जलने लग जाए।
मगर सुनकर तेरा संगीत
गधा भी डरने लग जाए।

🎵🐦🫏😨

❁ • ❁ • ❁


🏇 3 – गधा vs घोड़ा (रेस और मुकाबला) गधे पर शायरी

✍️ शायरी 1

गधों की रेस में
घोड़ों का काम होता नहीं।
तभी तो चारों ओर
किसी का नाम होता नहीं।

🫏🏇🚫

✍️ शायरी 2

आजकल गधे भी रेस में
जीतने लग गए।
लगता है घोड़े रेस में
उतरने से पीछे हट गए।

🫏🏆🐎📉

✍️ शायरी 3

गधों की रेस में
दांव कोई लगाता नहीं है।
तभी तो गधा
रेस में भागता नहीं है।

🫏🏁💸🚫

✍️ शायरी 4

जिसे समझा था गधा
वो तो रेस का चीता निकला।
जब दौड़कर गधा
घोड़ों से जीत निकला।

🫏🐆🏆🐎

✍️ शायरी 5

जीत भी
उसके कदम चूम लेती है
जो गधे पर सवार होकर
मुस्कुरा लेती है।

🏆🫏😊

✍️ शायरी 6

घोड़ों की रेस में
गधे को दौड़ाया नहीं जाता।
क्योंकि घोड़ों के सामने
गधा जीत नहीं पाता।

🐎🏁🫏❌

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✍️ शायरी 7

वो गधा भी लाखों में बिक गया।
जो 100 घोड़ों को हराकर रेस में जीत गया।

🫏🏆💰🐎

✍️ शायरी 8

घोड़ों की रेस में
गधे को भी शामिल कर दिया।
अरे जो बनाया था नाम मैंने
वो खुद ही बदनाम कर दिया।

🐎🫏😅📉

✍️ शायरी 9

घोड़ों की रेस में
गधा भी भाग लेगा।
दौड़ेंगे घोड़े शान से
और गधा बिचारा रेंगने लगेगा।

🐎🏃🫏🐢

✍️ शायरी 10

घोड़ों की कीमत तो आसमान छूने लग गई।
और गधों की कीमत बिचारी जमीन पर पड़ गई।

🐎💰📈🫏📉

✍️ शायरी 11

युद्ध के मैदान में
घोड़े का ही मान होता है।
और गधा तो बस
बोझ ढोने का सामान होता है।

⚔️🐎👑🫏🏋️

✍️ शायरी 12

घोड़े और गधे का मुकाबला होगा।
जब चारों ओर आसमान लाल होगा।

🐎⚔️🫏🌅

✍️ शायरी 13

लाखों रुपये लगाए जाते है
घोड़ों की रेस में।
और एक रुपया भी लगाया न जाता है
गधों की रेस में।

🐎💰100000🫏💰1

✍️ शायरी 14

सोने की खान में
हीरों का ढेर निकला।
जिसे समझा था मैंने घोड़ा
वो तो गधा निकला।

💎🐎➡️🫏😅

❁ • ❁ • ❁


🧠 4 – इंसानी गधा (अक्ल और व्यंग्य) गधे पर शायरी

✍️ शायरी 1

गधे की सी ज़िद पाल के
तू शेर बना फिरता है।
अरे आकर देख इस दुनिया में
तेरे जैसा गधा वजन ढोता फिरता है।

🦁➡️🫏🏋️

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✍️ शायरी 2

इंसान होकर भी
तू अकल से काम न लेता है।
तभी तो तू
इंसानी गधा कहलाता है।

🧠🚫🫏😅

✍️ शायरी 3

हां में हां मिलाकर
आज इंसान ऊपर उठने लग गया।
मगर फिर भी वो इंसान
न जाने क्यों गधा कहलाने लग गया।

🙋✅🫏😅

✍️ शायरी 4

गधे की तरह जो हां में हां मिलाता है
वही इंसान तो इंसानी गधा कहलाता है।

🫏✅🧠

✍️ शायरी 5

दिमाग से तू खाली लगता है
मगर फिर भी तू प्यारा लगता है।
मगर बोलता है तू जब पटर पटर
तो गधे जैसा लगता है।

🧠❌😊🫏

✍️ शायरी 6

घास देखकर
दिल जिसका धड़कता है।
वही तो अक्ल से अंधा
गधा लगता है।

🌿💓🫏🙈

✍️ शायरी 7

लात मारकर
जो खुद की औकात दिखाता है।
वही तो गधा
भारी वजन उठाता है।

🦵🫏🏋️

✍️ शायरी 8

लाख समझाने पर भी
तुझे कुछ समझ में आता नहीं।
अरे है तू तो मूर्ख
मगर फिर भी गधा तू कहलाता नहीं।

🤷🫏😅

✍️ शायरी 9

अक्ल जिसकी घास चरने जाती है
वही तो मेरी बहन कहलाती है।
अरे करती है हर बात में हां हां
तभी तो गधी वो कहलाती है।

🌿👩🫏

206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

✍️ शायरी 10

ज्ञान की बातों में
ध्यान उसका लगता नहीं।
जैसे देखकर हरी घास को
गधा रुकता नहीं।

📚😴🫏🌿

✍️ शायरी 11

अक्ल के नाम पर
गधे को मूर्ख बता दिया।
वाह रे इंसान
खुद को ऊंचा बताने के लिए
गधे को नीचा दिखा दिया।

🧠🫏👇😅

✍️ शायरी 12

रावण को जलाने वाले
खुद को राम समझते है।
अरे गधे की तरह करते है दिनभर काम
और खुद को घोड़े समझते है।

🔥🏹🫏🐎

✍️ शायरी 13

दस हजार रुपये के लिए
वो गधे की तरह काम करने लग गया।
और देखकर हजारों रुपये साथ
वो चोर बन गया।

💰🫏🏋️➡️🕵️

✍️ शायरी 14

इंसानों के भेष में
छिपकर शैतान बैठे है।
किस पर करूं यकीन मैं
सारे गधे बनकर बैठे है।

😈👥🫏🤷

✍️ शायरी 15

चंद रुपयों के खातिर
इंसान इंसान को मारता है।
अरे सीखो उस गधे से तुम कुछ
जिसे मालिक रोज मारता है।
और गधा फिर भी वफादार बनकर रहता है।

💔💰🫏💪

✍️ शायरी 16

पैसों की लालच में
इंसान दिन रात दौड़ने लग गया।
तभी तो इंसान आजकल
गधे को पीछे छोड़ने लग गया।

💰🏃🫏😅

✍️ शायरी 17

सब कुछ मिलने के बाद भी
इंसान दुखी रहता है।
अरे सीखो इंसानों कुछ गधों से
जो केवल हरी घास खाकर खुश रहता है।

😢💭🫏🌿😊

✍️ शायरी 18

पहनकर शेर की खाल
खुद को शेर समझता है।
अरे कैसा है तू इंसान
एक गधे को दिन रात पीटता है।

🦁👊🫏😤

✍️ शायरी 19

शेर की खाल में
भेड़िया छिप गया।
जब सामने गधा
जिम करके निकल गया।

🐺🦁🫏💪

✍️ शायरी 20

ओकात नहीं गधे पर बैठने की
और खुद कर पीएम बनने का सपना लिए बैठे है।
अरे है मेरे मुल्क के लोग बड़े शातिर
खुद को चोर बनाए बैठे है।

🫏💭👨‍💼🕵️

206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

✍️ शायरी 21

चंद व्यू के लिए
काला चेहरा अपना किया है।
और बैठकर गधे पर
नाम मां बाप का रोशन किया है।

🎭⚫🫏✨

✍️ शायरी 22

इंसान के भेष में
वो गधा बनकर छिपा है।
चुरा चुराकर धन वो
नेता बनकर छिपा है।

🕵️🫏💰👨‍💼

✍️ शायरी 23

देखकर उसके मोटे शरीर को
हर कोई हंसने लग जाता है।
मगर जब आए वो गधे के सामने
तो गधा बिचारा डरने लग जाता है।

😅🐃🫏😨

❁ • ❁ • ❁


💔 5 – गधे पर शायरी मेहनत, दर्द और वफादारी (भावुक शायरी)

✍️ शायरी 1

चंद पैसों की लालच में
इंसान पागल हो गया।
बेचकर अपने गधे को
फिर कौनसा मालामाल हो गया।

💰😈🫏

✍️ शायरी 2

सोने की चमक ने
गधे को भी चमकाया है।
तभी तो मालिक
इतना तेल निकाल पाया है।

✨🫏💰

✍️ शायरी 3

चंद पैसों की खातिर
इंसान लालची हो जाता है।
जो उठाता है वजन दिन रात
उस गधे को पीट जाता है।

💰😤🫏🏋️👊

✍️ शायरी 4

गधे की पीठ पर
पहाड़ सा बोझ लाद दिया है।
और लेकर पैसे इंसान
खुशी से मुस्कुराया है।

🫏⛰️🏋️😊💰

✍️ शायरी 5

पेट अपना भरने के लिए
गधा भी नौकर बन गया।
उठा उठाकर वजन पर वजन
गधा बिचारा बीमार होकर मर गया।

🫏🍽️🏋️💀😢

✍️ शायरी 6

दुबला पतला शरीर
कहीं रोड से चिपक न जाए।
थोड़ा तो रहम करो भाई
कहीं गधा वजन से मर न जाए।

🫏😢💀

✍️ शायरी 7

वजन उठाना तो मजबूरी बन गई।
वरना कौनसी गधे की सरकारी नौकरी लग गई।

🏋️🫏🤷

206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

✍️ शायरी 8

भारी वजन उठाकर भी
जो गुलाब सा खिलता है।
वही गधा तो
सबको अच्छा लगता है।

🏋️🌹🫏😊

✍️ शायरी 9

दिन भर मेहनत करने का भी कोई मोल मिलता नहीं।
और गधे के जीवन में सुख कभी खिलता नहीं।

🏋️😢🫏💔

✍️ शायरी 10

भूखा रहकर भी गधा
दिन रात मेहनत करता है।
मगर फिर भी मालिक
गधे की तारीफ न करता है।

🍽️❌🫏💪😢

✍️ शायरी 11

भूख जब गधे को लगे
तो बिचारा कुछ बोल पाता नहीं।
क्योंकि इंसानों की भीड़ में
गधे की बात कोई समझ पाता नहीं।

🍽️😢🫏🤷

✍️ शायरी 12

गधे को भी सलाम
दुनिया करने लग गई।
जब एक गधे के कारण
हजारों की जान बच गई।

🫏🙏💪❤️

✍️ शायरी 13

वो गधा भी दिल को प्यारा लग गया।
जो एक बच्ची को बचाने के लिए खुद मर गया।

🫏👧❤️😢

✍️ शायरी 14

आंखों की चमक भी
धीरे धीरे गायब होने लग गई।
जबसे मेरी प्यारी गधी
बीमार पड़ गई।

👁️😢🫏🤒

✍️ शायरी 15

गधा भी हंसकर
काम करने लग जाता है।
जब मालिक गधे को
घी लगी रोटी खिलाने लग जाता है।

🫏😊🧈🍞

✍️ शायरी 16

मजबूरी में बंधकर
काम करना गधे से सीखो।
कैसे उठाता है भारी वजन
वो मेहनत गधे से सीखो।

🫏💪🏋️📖

✍️ शायरी 17

खाने का काम तो
गधे का होता है।
तभी तो गधा
खाने के लिए काम करता है।

🍽️🫏💪

✍️ शायरी 18

दिल जान लगाकर मेहनत गधा करता है।
मगर फिर भी इंसान घोड़े को दिल से लगाकर रखता है।

🫏💪❤️🐎😢

✍️ शायरी 19

खिला खिलाकर खाना
गधे को मोटा बनाया है।
मगर फिर भी
गधा घोड़ा न कहलाया है।

🍽️🐃🫏❌🐎

❁ • ❁ • ❁


🎭 6 – गधे पर शायरी राजनीति, समाज और अन्य शायरी

✍️ शायरी 1

जब काली सूरत वाले को
सफेद लुगाई मिलती है।
तो जमाना भी कहता है
घोड़ों को मिल नहीं रही घास
और गधे खा रहे चमनप्रकाश।

⚫⚪🐎❌🌿🫏✅

✍️ शायरी 2

लेकर गधा संग अपने
गली में तेरे आऊंगा।
और उठाकर तुझे गोद में
तेरे नखरों को गधे पर लदाऊंगा।

🫏💑🏋️😅

206+ गधों पर शायरी gadhe par shayari

✍️ शायरी 3

राम के जमाने में
गधा भी राजा होता था।
तभी तो रहकर सेना में
गधा युद्ध लड़ता था।

🏹👑🫏⚔️

✍️ शायरी 4

इंसान और गधे का भी
आज मिलन होगा।
जब उठाना होगा भारी वजन
तो गधा ही ताकतवर बैल होगा।

👥🫏💪🐂

✍️ शायरी 5

जरा सी लेट होते देखकर
कोड़ों की बरसात होती है।
और जब पहुंच जाए गधा समय पर
तो फिर कौनसी सौगात होती है।

⏰👊🫏✨

✍️ शायरी 6

लेकर हाथ में किताबें
गधा पढ़ने स्कूल चला है।
अरे जो उठाता था वजन भारी भारी
आज वो अफसर बनने चला है।

📚🫏🏫👮

✍️ शायरी 7

आज तो भाई गजब हो गया
एक रुपये में एक सेब मिल गया।
जब खाया सेब काटकर मैंने
तब पता चला मैं तो गधा बन गया।

🍎💰🫏😅

❁ • ❁ • ❁


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तो इस तरह से दोस्त, गधे पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।

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