Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

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दोस्त, गोभी कई प्रकार की होती है जैसे की फूल गोभी, पत्ता गोभी, आलू गोभी, बंदगोभी और  गांठगोभी आदी। और इन सभी गोभी की सब्जी बडी खास बनती है। जिसके कारण से बहुत से लोग गोभी की सब्जी खाने का पसंद करते है। और यही वह कारण है कि बाजार में गोभी सबसे ज्यादा बिकती है।

और यदि आप गोभी खाते है या बेचते है तो आपके लिए हम शानदार शायरी लेकर आए है। जो की गोभी पर शायरी होगी । क्योकी गोभी कई प्रकार की होती है, इसलिए इसकी शायरी भी अलग अलग होती है।

और आज के इस लेख में हम सभी गोभी पर शायरी पढेगे, जो की अलग अलग तरह की गोभी पर शायरी होगी । तो आइए शायरी पढे ।

Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

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फूल है गुलाब का,

इसमे चमेली का तुम न समझना,

अरे है यह गोभी का फूल

इसे मामूली तु न समझना।

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गोभी का फूल भी

बडा अजीब होता है।

बाहर से सुंदर तो

अंदर किडो से भरा होता है।

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गोभी का फूल भी

गुलाब सा महकने लग गया।

जब गोभी का फूल

किसानों के हाथों मे खिल गया।

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जीवन की गाडी को

धक्का देकर चला रहे है।

खा खाकर गोभी के पराठे

पेट अपना हम भर रहे है।

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पत्तो की परत से

मिलकर जो बना होता है

आखिर वही तो गोभी का फूल

तो पत्ता गोभी कहलाता है।

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पत्ता गोभी की भी

अजीब दास्तान होती है

बाहर से चमक

तो अंदर मीठास होती है।

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आलू के साथ रहकर

गोभी का फूल भी

आलूगोभी बन गया।

तभी तो बाजार में आज

यह सस्ता बिक गया।

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हजारों पकवान भी फिके पड जाते है।

जब मां के हाथ के गोभी के पराठे बन जाते है।

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गोभी का पराठा भी खुद पर

घमंड करने लग गया।

जब पराठे में

सोया सॉस मिलने लग गया।

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जो समझता है खुदको गुलाब का फूल

वो असल में गोभी का फूल होता है।

कुचल देते है लोग पैरों से

जो खुद पर घमंड ज्यादा करता है।

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हकीकत के सामने

गोभी का फूल भी मुर्झाने लग जाता है।

जब तपता है सुरज दिनभर

तब गोभी का फूल किसान से लिपट जाता है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

फूल गोभी के फूल के सामने

गुलाब का फूल भी मुर्झा जाता है।

जब फूलगोभी का पराठा

मां के हाथों से खाया जाता है।

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वो बचपन के दिन

याद मुझे आने लग जाते है।

जब रसोई में फिर से

गोभी के पराठे बनने लग जाते है।

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गोभी का फूल भी

तेरी सुरत के सामने फिका लगता है।

देखता है गोभी का फूल तुझे

और दिल उसका धडकता है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

तु गोभी का फूल लगने लग जाता है

जब मुंह फूलाकर दूर बैठने लग जाता है।

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गोभी के फूल जैसा

तुने मुंह फूला रखा है।

और तुने देखकर तिखी निगाहों से

मेरे दिल को भी डरा रखा है।

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तेरे गुलाबी होठो की मुस्कान ने

न जाने कितनों का दिल चुराया होगा।

और तेरे गोभी के फूल जैसे चेहरे ने

आशिकों को ​दिन रात तडपाया होगा ।

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गोभी के बिना आलू भी

अधुरा लगने लग जाता है।

जिसकदर मेरे बिना तुझे

जमाना सुना सुना लगने लग जाता है।

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गुलाब का फूल भी आजकल महंगा हो गया

तभी तो इश्क का इजहार करने के लिए

मैं गोभी का फूल लेकर आ गया।

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गोभी का फूल देकर

इश्क का इजहार करते है।

करते है तुझसे ही प्यार हम

यह आई लव यु बोलकर बताते है।

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हवा भी बादलों से पूछकर

गुजरने लग जाती है।

जब किसानों के खेत मे

गोभी का फुल पकने लग जाता है।

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तेरी काली काली जुल्फों ने

रातभर मुझे सोने न दिया।

और एक तेरे गोभी जैसे चेहरे ने

पास मुझे आने न दिया।

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फिका जीवन भी मीठा लगने लग जाता है

जब गोभी का पराठा बनने लग जाता है।

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सदिर्यों के दिनों मे बडे चाव से खाया जाता है।

जब गोभी का पराठा बनया जाता है।

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आलू की टीकी का

स्वाद बढ जाता है।

जब गोभी का लेस

मिलाया जाता है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

गोभी का फूल भी

दिन रात हंसने लग जाता है।

जब बाजार में आलू

महंगा बिकने लग जाता है।

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गोभी की महक ने

ग्राहक को पास अपने बुलाया है।

खिलाने के लिए गोभी का पराठा

शहर से मां ने घर बुलाया है।

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पेट में भी कई बार खलबली मचने लग जाती है।

जब गोभी की सब्जी पेट में गलती से चली जाती है।

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गर्म तवे पर वो गोभी को

​सेकने में लग गया।

जो मिलाकर गोभी को आटे में

पराठा बनाने लग गया।

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पेट की चर्बी भी हंसने लग जाती है।

जब गोभी की सब्जी अच्छी बन जाती है।

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किसान के पसीने ने

खेतों को दिन रात सिंचा है।

तब जाकर खेतों मे

गोभी का फूल हंसा है।

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उस मिट्टी में भी खुशबू बडी अच्छी आती है।

जहां पर गोभी की फसल लहराती है।

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किसान को देखकर

खुश गोभी का फूल होता है।

तभी तो गोभी का फूल

अंदर से मीठा होता है।

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गोभी का फूल भी

गजब खिलता रहता है।

फैलाकर अपनी खुशबू खेतों मे

किडों को अंदर पालता रहता है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

किसान की मेहनत भी

रंग लाने लग जाती है।

जब खेतों मे गोभी की फसल

पकने लग जाती है।

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ठडी हवा जब बदन को छूती है

किसान के चेहरे पर भी हंसी आती है।

और जब खिलता है खेतों मे गोभी का फूल

दिल की धडकन भी खुश होती है।

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गोभी का फूल भी उदास हो जाता है।

जब बाजार में आलू महंगा हो जाता है।

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आलू की खुशबू ने

गोभी को दिवाना बना रखा है।

करकर मीठी मीठी बातें आलू ने

गोभी को मिलने पास बुला रखा है।

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लाल लाल टमाटर ने

गोभी के दिल पर इश्क का तीर चलाया है।

करकर मीठी मीठी बातें

गोभी का दिल धडकाया है। 

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बैंगन की सब्जी भी

दिल को बुरी लगती है।

जब गोभी की सब्जी की

खुशबू रसोई से आती है।

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करेले का कडवापन भी

खास लगने लग जाता है।

जब करेला गोभी के साथ

उठने बैठने लग जाता है।

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लौकी का फिका स्वाद भी

मीठा लगने लग जाता है।

जब लौकी की सब्जी में

गोभी का तडका लगाया जाता है।

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दुनिया में धन दौलत

सब कुछ तुझे मिल जाएगा।

पर जब खाओगे गोभी की सब्जी तुम

उसके अंदर बडा सा किडा मिल जाएगा।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

चांद सी सुरत वाली गोभी भी

दिल को बुरी लगने लग गई।

जब गोभी में

किडे की Family मिल गई।

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बादलों मे चांद भी छिपकर

गोभी को देखने लग जाता है।

जब किसान की छांव में

गोभी का फूल हंसने लग जाता है।

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गोभी के हर एक फूल में

किडा निकलने लग गया।

और देखकर देखकर

दिल मेरा उदास हो गया।

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जिस सब्जी को खाते थे चाव से

उसमें भी किडों का बसेरा होता है।

तभी तो आजकल गोभी के बिना

​जीवन खिलकर हंसता है।

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गोभी का पराठा खाकर

वो मुस्कुराने लग जाती है।

जो लगाकर होठो पर लाली

गाल मेरा चुमने लग जाती है।

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तेरे गोभी के फूल जैसी सुरत ने

दिल को घायल कर रखा है।

उपर से करकर तुने होठा लाल अपने

दिल का बुरा हाल कर रखा है।

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जिस थाली में गोभी सजकर बैठती है।

उसी थाली में प्याज की हंसी लूटती है।

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अंधेरी रात में तेरी याद दिल को आ गई।

जैसे गोभी का पराठा तु अकेली खा गई।

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तेरे बिना जिंदगी भी

फिकी लगने लग जाती है।

जैसे बिना गोभी के

थाली उदास हो जाती है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

मंडी में भी अफवाह उडने लग गई

तभी तो ग्राहकों की भीड बड गई।

और खरीदने लगे लोग गोभी को

जब सस्ती यह मिलने लग गई।

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जिस दिन मंडी में भीड ग्राहकों की बढती है।

तब गोभी ही सबसे पहले बिकती है।

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मंडी में सब्जियों कतार में खडी हो जाती है।

मगर फिर भी गोभी ज्यादा बिक जाती है।

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मंडी में जब भाव

आसमान छूने लगते है

तो ग्राहक भी

गोभी खरीदने लगते है।

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आलू टमाटर की आंखो से भी

आंसू आने लग जाते है।

जब मंडी में गोभी के फूल

ज्यादा​ बिकने लग जाते है।

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किसान की टोकरी में सजकर

गोभी मंडी में आती है।

और रहकर सभी से सस्ते भाव में

गोभी ज्यादा बिक जाती है।

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भूखा पेट भी हंसने लग जाता है

जब गोभी की सब्जी थाली में बसती है।

और खुश दिल की धडकन होती है

जब गोभी स्वाद अपना जीभ पर चढाती है।

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गोभी का स्वाद भी

बडा अजीब होता है।

मगर फिर भी गोभी खाने का

दिल बार बार करता है।

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आलू से दोस्ती करकर

गोभी खूब हंसने लग जाती है।

तभी तो आलू की सब्जी में

गोभी अपनी खुशबू फैलाती है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

गोभी की सब्जी ने

जादू अपना चलाया है ।

फैलाकर खुशबू चारो ओर

पडोसी को बडा तरसाया है।

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वो पराठा भी महक उठता है

जिसमें गोभी का स्वाद चढता है।

और खा कर गोभी के पराठे को

दिल की धडकना भूल जाता है।

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दिल भी अपना दर्द भुलाने लग जाता है

जब गोभी का पराठा महकने लग जाता है।

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गोभी तुम दिन रात खाओगे

तो शरीर अपना स्वस्थ पाओगे।

जो है बीमारी तुम्हारे शरीर में

उसे दूर तुम हमेशा के लिए भगाओगे।

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थाली में जब गोभी की खुशबू आती है

दिल की धडकन भी स्वस्थ होकर हंसती है।

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गोभी का स्वाद तो

दिल पर राज करता है।

और शरीर की बीमारी को

दूर हमेशा के​ लिए करता है।

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अरे कैसे होगा मेरा शरीर बीमार

यह तो स्वास्थ्य का खजाना है।

खाता हू गोभी दिन रात मैं

तभी तो यह सेहत का रखवाला है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

जिस कदर घर का रखवाला

घर की हिफाजत करता है।

वैसे ही गोभी का स्वाद तो

दिल को स्वस्थ रखता है।

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गोभी में छीपा है सेहत का खजाना

यही है हर बीमारी का दवा खाना।

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किसान की मेहनत ने

किसान की तारिफ करनी शुरु की है।

जबसे गोभी की फसल

घर आनी शुरु की है।

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दिन भर की थकावट भी दूर हो जाती है

जब खेतों में गोभी की फसल लहराती है।

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हवा भी खुशी से झूम उठती है

जब किसान के खेतों से

गोभी की खुशबू आती है।

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चांद तारे भी धरती पर

आने का ख्वाब देखते है।

जब किसान के खेतों मे

गोभी के फूल महकते है।

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मिट्टी में जिन सपनों को

अपने हाथों से बोया था ।

वही गोभी का फूल

बनकर पनप पाया था।

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खेतों मे राज करने वाली गोभी

खेतो की रानी बन गई।

और जो थी किसान की मेहनत

वो चांद सी चमक गई।

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किसान के तन बदन को

सर्दी बडा सताती है।

मगर फिर भी गोभी का फूल

हंसकर गले अपने किसान को लगाती है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

चांद को भी हंसी

आने लग जाती है ।

जब गोभी के फूल की

खुशबू छाने लग जाती है।

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पालक और मैथी भी हंसने लग जाती है

जब गोभी की सब्जी बनने लग जाती है।

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मूली का पराठा भी फिका लगता है

जब रसोई में गोभी का पराठा बनता है।

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मटर पनीर भी

बुरा मानने लग जाती है।

जब उसके सामने गोभी की सब्जी

महकने लग जाती है।

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शिमला मिर्च के तिखे स्वाद ने

जीभ को बडा जलाया है।

पर खिलाकर मां ने गोभी का पराठा

खुश मेरे दिल को किया है।

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मां के हाथों से गोभी का पराठा

बचपन में जब मैंने खाया था।

खुदा कसम धरती पर बना अमृत

गले मैंने पहली बार लगाया था।

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किसान के हाथों मे

जब घाव कई होते है।

तब जाकर मंडी में

गोभी के फूल मिलते है।

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पत्तागोभी भी आजकल

बडी महकने लग गई।

तभी तो आज फूलगोभी से

ज्यादा यह बिक गई।

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दिल ने तेरे दिल से

इश्क इसकदर किया है।

जैसे गोभी के स्वाद ने

दिल को घायल किया है।

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तेरे चांद से मुखडे से

इश्क मुझे हो गया।

और खा कर गोभी का पराठा मैं

तुझे ही भूल गया।

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तेरे खुबसूरत हाथों से

जब गोभी का पराठा बनता है।

खुदा कसम धरती पर

मिलने वाला अमृत बनता है।

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Gobhi Par Shayari, गोभी पर 183+ शायरी

तेरी यादों की खुशबू ने

दिल का बुरा हाल कर रखा है।

जैसे गोभी ने महक कर ​

रसोई पर राज कर रखा है।

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तेरी मोहब्बत का स्वाद मुझे

खट्टा मीठा लगने लग गया।

लगता है तु आजकल फिर से

गोभी का पराठा खाने लग गया।

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इस तरह से दोस्त, गोभी पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।

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