Top 155+ नाराज दोस्त शायरी naraj dost shayari

Top 155+ नाराज दोस्त शायरी naraj dost shayari

नाराज दोस्त शायरी naraj dost shayari नाराज दोस्त के लिए शायरी

दोस्त, जब दोस्त नाराज होता है तो ऐसे में काफी दुख और कष्ट होते है। क्योकी कोई भी अपने दोस्त को नाराज देखना पसंद नही करता है।

असल में सभी चाहते है की उनका अपना दोस्त, उनसे राजी रहे । मगर कुछ ऐसे पल आ जाते है जब दोस्त नाराज होता है।

और जब दोस्त नाराज होता है तो ऐसे में दोस्त को मनाने के लिए या फिर जो पल बितते है उनके आधार पर कुछ शायरी बन जाती है।

Top 155+ नाराज दोस्त शायरी naraj dost shayari

और इस लेख मे हम ऐसी ही नाराज दोस्ती पर शायरी लेकर आए हैं जो की आपको निचे ​लेख के माध्यम से मिल रही है।

दुख दर्द सब मिट जाता है,

जब पास मेरा कोई अपना हो,

दुनिया में कोई ऐसा नही है

जो तुम जैसा दोस्त मेरा हो ।

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तेरे रुठने से चेहरे की मुस्कान गायब हो गई,

मैं क्या था क्या हू सब कुछ मैं भूल गया,

तुमने वायदा किया था हम कभी दूर नही होगे,

मगर क्या आज तुम यह वायदा भी भूल गया ।

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दुनिया में तुमसे अच्छा कोई दूसरा न होगा,

जो मुझे रुठा देख कर मनाना नही चाहेगा ।

चांद जमीन पर तो सब लाने की बात करते है,

पर मेरे लिए खुशिया लाने वाला तेरे अलावा कोई नही होगा ।

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दुनिया पैसे वालो को पसंद करती है,

और मैं ठहरा पागल जो तुम्हारे पसंद करता हूं मेरे दोस्त,

कही भूल तो नही गए हो वह दिन,

जब एक चड्डी पहना करते थे मेरे दोस्त,

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फटी चड्डी को फैंकना भूल गया,

अब दुख क्या होता है मैं तो यही भूल गया ।

जब दूर हुआ मेरा अपना दोस्त,

मैं तो इस दुनिया के हर एक व्यक्ति को भूल गया ।

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तुम्हें खोकर तुम्हारी अहमियत समझ ली,

आखिर तुम क्या थे मरे लिए यह जान लिया ।

अब लौट आओ मरे प्यारे दोस्त,

तुम्हारे ​अलावा कोई मेरा अपना नही यह भी जान लिया ।

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तुम्हारे नाराज होने पर दुनिया अधुरी लगती है,

तेरे बिना तो मेरा जीवन भी खत्म लगता है।

इतना भी क्या नाराज होना दोस्त,

लौट आओ दोस्त, तेरे बिना सब अधुरा लगता है।

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आम खा के चीनी खाया नही करते,

जब दोस्त, अपना हो तो किसी से डरा नही करते ।

मगर नाराज दोस्त को न मनाया

तो बिन दोस्त जीवन जीया नही करते ।

Top 155+ नाराज दोस्त शायरी naraj dost shayari

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आखों गिले शिकवा हो

वह दोस्त हमारी नही,

और दोस्त नाराज हो 

ऐसी दोस्ती हमारी नही ।

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एक दोस्त तु ही तो मेरा अपना है

बाकी सारी दुनिया तेरे बिना एक सपना है।

अब मान भी जाओ दोस्त,

तेरे बिना यह जीवन भी अधुरा सपना है।

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मिट्टी में साथ खेलते थे,

कभी एक दूसरे से झगड़ते थे ।

मगर आज तुम नाराज होकर बैठे हो

ऐसा तो तु कभी था ही नही जो मुंह फुलाए बैठे हो ।

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यह दोस्त, मेरा अपना है,

दुनिया से अलग मेरा दिवाना है।

भले ही अभी यह नाराज है,

मगर फिर भी यह मेरा रखवाला है।

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कष्ट मुझ पर आए

तो तकलिफ दोस्त को होती है,

नाराज अगर दोस्त हो,

तो दोस्त बिना जिन्दगी मेरी अधुरी होती है।

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दोस्ती की दुनिया यकिन पर टीकी है,

बिन दोस्त जीवन अधुरा होता है ।

ओर नाराज हो दोस्त,

तो तकलीफ दिल से पहले दिमाग को होती है।

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किस्मत भले ही बुरी हो

पर मेरा दोस्त मेरे साथ होता है।

मगर भले ही आज वह नाराज है,

मगर मुझे दुख मे देख कर

पास वह मेरे खड़ा होता है।

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Top 155+ नाराज दोस्त शायरी naraj dost shayari

इंस्टा पर रील एक दूसरे को भेजना अच्छा लगता है,

जब दोस्त, अपने साथ हो तो जीवन जीना बडा अच्छा लगता है।

मगर तुम नाराज क्या हो गए,

यह जीवन भी बडा दुख भरा लगता है।

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मोटू और पतलू जैसी दोस्ती हमारी है,

कष्ट एक पर आता है, तो दूख दूसरे को होता है।

भले ही आज वह नाराज हो गया है,

मगर मुझे मुश्बित में देख कर

सबसे पहले वही पास मेरे होता है।

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भले ही तुममें लाख बुराईयां है,

मगर तुमसे अच्छा कोई न होता है

और आज तुम नाराज हो गए हो,

मगर फिर भी तुमसा कोई अपना न होता है।

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खामोशी तेरी ये क्या सज़ा है,

नाराज होकर भी तुम अपने हो यह क्या अदा है।

सुना है दुखों मे सब भूल जाते है,

मगर नाराज होकर भी तुम साथ हो यह कैसी अदा है।

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दुनिया अपनी थी, और तुम भी अपने थे ।

फिर भी न जाने आज क्यों तुम नाराज हो ।

अगर हो गई हो गलती तो माफ करना,

आखिर तुम ही तो मेरे प्रिय मित्र हो ।

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गुलाब का फुल कांटो से भरा है

और मेरा दिल तुम्हारी दोस्ती की बातो से भरा है।

लाख नाराज हो जाओं तुम मुझसे

मगर फिर भी तु मेरी जिंदगी में भरा है।

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दोस्त, वह मेरा अपना था

जिसे दिल तड़पता है हर घड़ी याद करके,

यू तो वह मेरे सपनो का ताज था,

मगर नाराज होने पर दुख भी बडा होता है उसे याद करके ।

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उम्र भर साथ निभाने का वादा था तुमसे,

अब इस कदर चुप क्यों हो दोस्त,

मालूम है तुम नाराज हो,

मगर मनाने पर मान भी जाओ मेरे दोस्त,

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तुम मेरे जीवन की खुशी वाली लड़ी हो,

सिर पर जिसे पहले वह तुम पगड़ी हो,

आखिर नाराज क्यों हो दोस्त,

आखिर तुम ही तो मेरी दिवाली में खुशी देने वाली फुलझगड़ी हो,

Top 155+ नाराज दोस्त शायरी naraj dost shayari

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दुख जब तुम पर आता है, कष्ट मुझे होता है ।

नाराज तुम होते हो और मनाना मुझे होता है।

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गुलाब का फूल आसानी से तोड़ा नही जाता ,

और मेरे प्रिय दोस्त के नाराज होने पर उसे मनाया नही जाता ।

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तेरी यादों के साहारे जी रहे है दोस्त,

तेरी नाराजगी दूर करने का इलाज बता दो ।

वापस तो आओ मेरी जिंदगी में,

मुस्कुराया कैसे जाता है यह तो मुझे बता दो ।

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हर एक रिश्ते में झगड़े होते है,

यही तो ज़िंदगी का सच है ,

नाराज दोस्त को मनाना ,

यह तो सच्चे दोस्त का हक है।

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दोस्ती एक अनमोल रिश्ता है

इसमें नाराज नही होया जाता दोस्त,

लाख गलती होती है,

फिर भी रूठा नही करते मेरे दोस्त ।

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सुना है मुझसे नाराज होकर खुब रोते हो,

घुट घुट कर करे अपने आसू पीते हो ।

आखिर क्या गलती हो गई हमसे,

जो तुम इतने ज्यादा दुखी होते हो ।

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ना तोड़ो दोस्ती को

एक छोटी सी गलती पर,

जीवन की नया पार लगेगी,

दो दोस्तो के साथ होने पर,

Top 155+ नाराज दोस्त शायरी naraj dost shayari

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दोस्ती के बिना हर पल सूना है,

नाराज जब दोस्त होता है

जीवन जीना भी खाख जीना है ।

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दोस्त, तेरे बिना हर दिन अधूरा है।

तेरे बिना सोने का महल भी एक पिंजरा होना है ।

आ जाओ दोस्त मना लो मुझे,

आखिर क्यों मुझसे तुम्हे नाराज होना है।

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जब नाराज दोस्त होता है

तो दिल भी घुट घुट कर रोता है।

लाख खुशिया आ जाए जीवन में,

दोस्ती के बिना जीवन जीना अधुरा होता है।

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