Gujiya par shayari, गुजिया पर शायरी, gujiya shayari in hindi, गुजिया शायरी
होली के अवसर पर बनाए जाने वाली गुजिया मिठाई अपने भारत में काफी अधिक पसंद की जाती है। असल में यह मिठाई मैदे के द्वारा बनती है। इसके लिए मैदे को एक अर्धचंद्राकार दिया जाता है, जिसके बीच में मीठा खोया यानि मावा, चीनी, सूखे मेवे और सूखे नारियल का मिश्रण भरा जाता है। और फिर इसे तेल में जला जाता है और अब यह जो कुछ बनता है उसे ही गुजिया कहा जाता है। 🥟✨
यदि आपने भी होली के अवसर पर गुजिया खाया है, तो जरूर आप इस पर शायरी पढ़ना पसंद करेंगे। असल में आज के इस लेख में हम गुजिया पर शायरी लेकर आए है, और यह शायरियां कुछ ऐसे है — 📖👇

🎨 1 – होली के पलों से जुडी गुजिया पर शायरी
✍️ शायरी 1
आज मौसम भी तबाही मचाने लग गया
जब मैं गुजिया बनाने लग गया।
🌤️😵🥟
✍️ शायरी 2
मौसम भी आज बदल गया है
गुजिया खाने का मन हो गया है।
पर बनाने लगा गुजिया तो
भुजिया बन गया है।
🥟➡️🥨😅
✍️ शायरी 3
मिठाईयों की दुनिया में
नाम हो गया।
जब होली के अवसर पर
गुजिया मीठा बन गया।
🍬✨🥟
✍️ शायरी 4
रंगों का त्योहार जब जब आता है
बाजार में गुजिया बड़ा महकता है।
अरे बिकता है बाजार में गुलाल के साथ गुजिया
तभी तो गुजिया इतना ज्यादा बिकता है।
🎨🛍️🥟📈
✍️ शायरी 5
होली के अवसर पर
कई मिठाइयों को खाया है।
पर गुजिया जैसा
मीठा फल न पाया है।
🥟🥇
✍️ शायरी 6
प्यार के रंगों से पिचकारी भरकर
आपको रंगों से रंगना है।
बनाया है जो मैंने गुजिया
वो आपको अपने हाथों से खिलाना है।
💦🎨🥟💑

✍️ शायरी 7
होली के अवसर पर
गुजिया मैंने प्यार से बनाया है।
तभी तो आज
जानम का चेहरा खिल पाया है।
🥟😊💓
✍️ शायरी 8
होली है भाई होली है
बुरा न मानो होली है
खाओ गुजिया तुम भर भर पेट
और मुबारको तुमको होली है।
होली की शुभकामनाएं।
🎨🥟🎉🙏
✍️ शायरी 9
होली के अवसर पर
चिड़िया भी गीत गाने लगती है।
और खा कर गुजिया तू
गुलाब सी महकने लगती है।
🐦🎶🌹🥟
✍️ शायरी 10
गुजिया भी बुरा मान गया
जब गुजिया से पहले
ग्राहक रंग खरीद ले गया।
🥟😤🎨
✍️ शायरी 11
होली के अवसर पर
जानम मेरी गुजिया बनाती है।
और खिलाती है मुझे अपने हाथों से
तभी तो वो खुश होती है।
💑🥟😊
✍️ शायरी 12
खुशियों से आपकी झोली भर जाए
जब आप हमारे घर के गुजिया खा जाए।
🎒😊🥟

✍️ शायरी 13
देखकर मुझे छिपने लग जाती है
जब जानम मेरी होली के अवसर पर
गुजिया खाने लग जाती है।
🙈💓🥟
✍️ शायरी 14
पिचकारी का रंग
आज तुम पर चढ़ेगा।
अगर न खिलाओगे गुजिया
तो बुरा हाल तेरा होगा।
💦🎨🥟😈
✍️ शायरी 15
गुजिया की मिठास ने
मुझे पास अपने बुलाया है।
करके मीठी बातें दिल से
दिल को धड़काया है।
💓🥟✨
✍️ शायरी 16
तेरी आंखों से नशीला तो गुजिया होता है।
तभी तो खा कर गुजिया दिल खुश होता है।
👁️🥟💓
✍️ शायरी 17
आज गुजिया भी देखकर मुझे मुस्कुराने लग गया
जब रंगों से लिपटकर मैं घर आ गया।
🎨😊🥟
❁ • ❁ • ❁
🙏 2 – भक्ति रस गुजिया पर शायरी(देवताओं के लिए गुजिया)

✍️ शायरी 1
देखकर गुजिया को
लड्डू अपना गणेश ने छोड़ा है।
और खा कर मीठा गुजिया
खुश गणेश जी हुआ है।
🐘🥮❌🥟✅
✍️ शायरी 2
शिव का दिल भी
धड़कने लग जाता है।
जब भक्त गुजिया का भोग
लगाने लग जाता है।
🔱💓🥟
✍️ शायरी 3
मंदिर में खुशबू छा गई।
जब भक्त गुजिया का भोग
हनुमान जी को लगा गई।
🛕👃🙊🥟
✍️ शायरी 4
गुजिया भी आज कुछ खास बना है
तभी तो शिव ने गुजिया भर पेट खाया है।
🔱😋🥟
✍️ शायरी 5
मैदे की खुशबू में मिलकर
गुजिया भी खास बन गया।
और लेकर गुजिया भक्त
मां लक्ष्मी को चढ़ा गया।
🌾👃🥟🪷
✍️ शायरी 6
शनिदेव का दोष दूर हो जाता है
जो भक्त शनिदेव को गुजिया चढ़ा जाता है।
🪐❌🥟✅
✍️ शायरी 7
साढ़े साती से
छुटकारा तुझे पाना है।
तो गुजिया का भोग
शनिदेव को लगाना है।
🪐❌🥟🙏
✍️ शायरी 8
होली के अवसर पर
ईश्वर को भोग लगाया जाता है।
जब घर में पहली बार
गुजिया बनाया जाता है।
🎉🙏🥟
✍️ शायरी 9
गोगाजी का दिल भी खुश हो गया
जब भक्त गोगानवमी को
गुजिया का भोग लगा गया।
😊🥟🙏
✍️ शायरी 10
बचपन के उन दिनों में
माखन कृष्ण जी खाया करता था।
मगर देखकर गुजिया को सामने
माखन को भूल जाया करता था।
💙🧈❌🥟✅
✍️ शायरी 11
लड्डू गोपाल की पूजा में
कई पकवानों को सजाया है।
मगर फिर भी लड्डू गोपाल ने
गुजिया चाव कर खाया है।
💙🥟😋

✍️ शायरी 12
खुदा भी धरती पर आ जाता है
जब होली पर गुजिया बन जाता है।
😇🌍🥟
✍️ शायरी 13
गुजिया की मीठी चमक ने
जादू अपना चलाया है।
बुलाकर कैलाश से शिव को
गुजिया का मीठा रस भक्त ने पिलाया है।
🔱✨🥟
✍️ शायरी 14
चंदन का माथे पर तिलक लगाकर
भक्त पूजा करने आता है।
और संग अपने गुजिया
भोग लगाने लाता है।
🤚🪵🥟🙏
✍️ शायरी 15
भक्त की भक्ति ने
न जाने ईश्वर को क्या क्या खिलाया है।
मगर होली के अवसर पर
भक्त ने गुजिया खिलाया है।
🙏🥟✨
✍️ शायरी 16
देखकर गुजिया की चमक को
खाने को दिल करता है।
तभी तो ईश्वर
गुजिया खाने धरती पर आता है।
😇🌍🥟
❁ • ❁ • ❁
💕 3 – इश्किया अंदाज़ (महबूबा वाली गुजिया पर शायरी)
✍️ शायरी 1
तेरी आंखों के जादू ने
दिल का बुरा हाल कर दिया।
और खिलाकर तूने गुजिया मुझे
कमाल कर दिया।
👁️✨🥟💓
✍️ शायरी 2
लगा कर आंखों पर चश्मा
वो होटल में बैठ गई।
और मंगवा कर गुजिया
अकेली खाने लग गई।
🕶️🍽️🥟

✍️ शायरी 3
तेरे होठों की तारीफ में
कई ग़ज़लें मैंने लिखी थी।
और खिलाने के लिए तुझे गुजिया
प्रेम कहानी लिखी थी।
💋📝🥟
✍️ शायरी 4
उसके खूबसूरत हाथों से बना
हर एक गुजिया खास होता है।
जैसे मिला हो अमृत उसमें
इतना अच्छा गुजिया का स्वाद होता है।
✨🥟💫
✍️ शायरी 5
लगा कर होठों पर लाली
वो गुजिया खाने लगती है।
और देखकर आशिकों को सामने
आंखों से प्रेम के तीर चलाने लगती है।
💄👁️🏹💘
✍️ शायरी 6
तेरी नशीली आंखों ने
मुझे मदहोश कर दिया।
और खिलाकर तूने गुजिया मुझे
कमाल कर दिया।
🥴✨🥟
✍️ शायरी 7
जिस गुजिया को तूने छुआ था
वो सोने से भी महंगा हो जाता है।
और लगे जब उस गुजिया की बोली
तो लाखों का वो तुरंत बिक जाता है।
✨🥟💰📈
✍️ शायरी 8
तेरा नाम ही काफी था
मेरे दिल को धड़काने के लिए।
पर तूने बनाया है गुजिया
मुझे पटाने के लिए।
💓🥟😍
✍️ शायरी 9
सुबह उठते ही जिसकी तस्वीर मैं देखता हूं।
वो अक्सर होली पर मेरे लिए गुजिया बनाती है।
🖼️🎨🥟
✍️ शायरी 10
तेरे हाथों से बना गुजिया भी
इश्क की बातें करता है।
जब यह पेट में जाकर
मेरे दिल से मिलता है।
🥟💓
✍️ शायरी 11
तेरे गुलाबी गालों की कसम
तू आज आसमान से उतरी परी लगती है।
और खाती है तू जब गुजिया
तो बड़ी कातिल दिखती है।
😇💀🥟
✍️ शायरी 12
मेरा नादान दिल तो
तेरी आंखों का गुलाम बन गया।
जबसे तूने खिलाकर गुजिया
मेरे दिल को चुरा लिया।
💓👁️🥟
✍️ शायरी 13
लाल सूट में तू
कातिल लगती है
जैसे हो गुजिया कोई
ऐसी हसीन लगती है।
👗❤️💀🥟
✍️ शायरी 14
चांद से उतरी
कोई परी लगती हो।
जैसे हो गुजिया तू
ऐसी हसीन दिखती हो।
🌙🧚♀️🥟
✍️ शायरी 15
देखकर तेरे गुजिया जैसे बदन को
दिल मेरा भी धड़क गया।
तभी तो देकर सोने का गुलाब तुझे
मैं इश्क का इजहार कर गया।
💓🌹💛
✍️ शायरी 16
अरे क्या कहना तेरी उन आंखों का
वो हमेशा इश्क की बात करती है।
और बनाती है तू जब गुजिया
तो खुदा को भी दीवाना बनाती है।
👁️✨😇🥟

✍️ शायरी 17
तेरी पतली कमर ने
दिल का बुरा हाल किया है।
और खिलाकर तूने गुजिया अपने हाथों से
मेरे गालों को चूम लिया है।
💃💋🥟
✍️ शायरी 18
करके दिल से मीठी मीठी बातें
वो धड़कन दिल की बढ़ाती जाती है।
और लगा कर होठों पर लाली
वो गुजिया खिलाती जाती है।
💬💄🥟
✍️ शायरी 19
भाई आज तो मजा आ गया
महबूबा ने जब गुजिया का रस
अपने होठों से पिला दिया।
😋💋🥟
✍️ शायरी 20
तेरे सामने गुजिया भी
बेकार लगता है।
तभी तो देखकर तुझे
दिल मेरा धड़कता है।
💓🥟❌
✍️ शायरी 21
देखकर तेरी चांद सी सूरत को
गुजिया भी तेरा दीवाना हो गया।
तभी तो लेकर मीठा रस
पास गुजिया तेरे आ गया।
🌙🥟💓
✍️ शायरी 22
गुजिया भी दिन रात
हंसने लग जाता है।
जब तेरे जैसा जीवन साथी
गुजिया को मिल जाता है।
🥟😊💑
✍️ शायरी 23
दिल को धड़काने वाली ने
आंखों से रस पिलाया था।
खिला खिलाकर गुजिया
गालों को चूम लिया था।
👁️💋🥟
✍️ शायरी 24
तेरे बिना हर पल मुझे सूना लगता है
जैसे बिना गुजिया के होली का त्योहार लगता है।
💔🎨❌🥟
✍️ शायरी 25
तेरी पतली कमर ने
आशिकों का बुरा हाल किया है।
और खिला खिलाकर गुजिया तूने
पैसों का इंतजाम किया है।
💃💰🥟
✍️ शायरी 26
गुजिया बनाने वाली ने
हंगामा बाजार में मचा दिया।
तभी तो गुलाब जामुन
आज इतना कम बिक गया।
🥟📢🍬📉
✍️ शायरी 27
तेरे होठों में जो मीठास है
उसका स्वाद गुजिया जैसा लगता है।
तभी तो देखकर तेरे होठों को
मेरा दिल जोर से धड़कता है।
💋🥟💓
✍️ शायरी 28
तेरी नाक की नथ ने
दिल को बड़ा तरसाया है।
करके तेरी गुजिया से बढ़कर तारीफ
दीवाना मुझे तेरा बनाया है।
👃💍🤪
✍️ शायरी 29
तेरे सामने गुजिया भी फीका बन जाता है
जब तू आंखों पर चश्मा लगाकर निकलता है।
🥟❌🕶️
✍️ शायरी 30
हमे तो अपनों ने लूटा
गैरों में कहाँ दम था।
जिस गुजिया को मैंने चुना
उसमें मीठास कम था।
😢🥟❌
✍️ शायरी 31
तेरे बिना दिल का बुरा हाल हो गया
जैसे गुजिया के बिना मुंह फीका हो गया।
💔🥟❌
✍️ शायरी 32
आंखों में आंसू लेकर
वो होठों से रस पिलाती है।
अरे क्या कहे उनका
वो गुजिया अपने हाथों से खिलाती है।
😢💋🥟

✍️ शायरी 33
दिल को धड़काने वाली ने
हाल दिल का बुरा किया है।
पिलाकर होठों से रस मुझे
गुजिया का अहसास दिलाया है।
💓💋🥟
✍️ शायरी 34
दिल को धड़काने वाली ने
प्यार से धड़काया था।
बुलाकर मुझे पास अपने
गुजिया होठों से खिलाया था।
💓💋🥟
❁ • ❁ • ❁
🍬 4 – मिठाइयों की तुलना (कॉम्पिटिशन वाली गुजिया पर शायरी)
✍️ शायरी 1
रसगुल्ला चाशनी में डूबता रह गया
इतने में होली पर गुजिया बिक गया।
🍬🥟📈
✍️ शायरी 2
होली के अवसर पर
गुलाब जामुन भी फीका पड़ता है।
और देखकर गुलाब जामुन की चमक को
दिल हर किसी का धड़कता है।

🍬❌💓
✍️ शायरी 3
गुलाब जामुन की मीठी खुशबू ने
दिल का बुरा हाल कर दिया।
करके मीठी मीठी बातें दिल से
गुजिया मुझे खिला दिया।
🍬💬🥟
✍️ शायरी 4
जलेबी को भी घमंड होने लग गया
जब ग्राहक जलेबी ज्यादा खरीदने लग गया।
अरे आया मजा दिल को भी
जब रोग इश्क का लग गया।
🍯😤💓
✍️ शायरी 5
देखकर गुजिया की चमक को
जलेबी भी दिल अपना हार गई।
तभी तो लेकर गुलाब का फूल
जलेबी गुजिया के पास चली गई।
🍯💔🌹🥟
✍️ शायरी 6
गुजिया भी बदनाम हो गया
तभी तो होली के अवसर पर
काजू कतली ज्यादा बिक गया।
🥟😤🥜📈
✍️ शायरी 7
होली के त्योहार पर
काजू कतली भी महंगी हो गई।
तभी तो होली पर
गुजिया की मिठाई बन गई।
🥜💰🥟

✍️ शायरी 8
काजू कतली तो दिलों पर राज करती है।
मगर गुजिया के सामने काजू कतली छिपकर रहती है।
🥜🙈🥟
✍️ शायरी 9
लड्डू भी फीका लगने लग गया।
जबसे मैं होली पर गुजिया खाने लग गया।
🥮❌🥟✅
✍️ शायरी 10
गुजिया को भी फेमस करना होगा।
जब आएगी होली तो गुजिया ही
सबसे पहले खरीदना होगा।
🥟⭐
✍️ शायरी 11
कलाकंद की चमक ने
ग्राहक को भी दीवाना बनाया था।
पर गुजिया के सामने
कलाकंद ग्राहक खरीद न पाया था।
🍬❌🥟✅
❁ • ❁ • ❁
😂 5 – हास्य (मजेदार गुजिया पर शायरी)
✍️ शायरी 1
दिल को जब दर्द तेज होता है
तो शराब के साथ भुजिया होता है।
पर जब हो होली जैसा पवित्र त्योहार
तो फिर खाने को गुजिया होता है।
🍾🥨➡️🥟

✍️ शायरी 2
जब तक न खाए गुजिया
तब न भाए भुजिया।
🥟✅🥨❌
✍️ शायरी 3
डाइट वाइट सब पीछे छूट जाती है
जब गुजिया की खुशबू आ जाती है।
🏃♂️🚫👃🥟
✍️ शायरी 4
रोज मिठाइयों से
खुद को बचाया करता था।
मगर देखकर गुजिया को
पीछे खुद को कर न पाया था।
🍬❌🥟😍
✍️ शायरी 5
दिल का क्या कहे जनाब
यह तो गुजिया जितना मीठा है।
तभी तो इसे इश्क का रोग लगा है।
💓🥟
✍️ शायरी 6
लगा कर चश्मा आंखों पर
खुद को अमीर समझते हो।
और खाते हो जब तुम गुजिया
तब खुशनसीब समझते हो।
🕶️💰🥟😊
✍️ शायरी 7
पेट की चर्बी भी दिन रात बढ़ने लग गई।
मगर फिर भी गुजिया पेट भरकर वो खाने लग गई।
🍔📈🥟
✍️ शायरी 8
मोटी मोटी कहकर
उसे दिन रात चिढ़ाता था।
खिला खिलाकर गुजिया उसे
भैंस जैसी मैं बनाता था।
😈🥟🐃
✍️ शायरी 9
जब सामने गुजिया हो
तो फिर भुजिया भी बेकार हो।
🥟✅🥨❌
✍️ शायरी 10
शराब के साथ तो मैंने भुजिया खाया था।
मगर गुजिया जितना मस्त अहसास न पाया था।
🍾🥨❌🥟✅

✍️ शायरी 11
लेकर रम की बोतल
वो नाचने लग गया।
इतने में देखकर गुजिया
वो ताबड़तोड़ खाने लग गया।
🍾💃🥟😋
✍️ शायरी 12
भुजिया समझकर वो गुजिया खा गया
तभी तो आज वो डायबिटीज का मरीज बन गया।
🥨❌🥟😷
✍️ शायरी 13
क्या कहे उनका
जो दीवाने दिल के होते है।
पिलाते है होठों से गुजिया का रस
जो घरवाली के रखवाले होते है।
💋🥟💑
❁ • ❁ • ❁
👩👦 6 – माँ के हाथों की गुजिया पर शायरी(यादें)
✍️ शायरी 1
बचपन के उन दिनों में
माँ ने हाथों से गुजिया खिलाया था।
और आज तक उस पल को
मैं भूल न पाया था।
👩👦🥟💭
✍️ शायरी 2
माँ के प्यार ने
हर दर्द को मिटाया है।
और खिलाकर मुझे गुजिया
तूने पटाया है।
💓🥟
✍️ शायरी 3
होली के अवसर पर
माँ ने हाथों से पकवान बनाया है।
जिसे कहते है लोग गुजिया
वो भी लाजवाब बनाया है।
👩🍳🎉🥟
✍️ शायरी 4
होली हो या दिवाली
गुजिया हम जरूर बनाते है।
जब करे मन भुजिया खाने का
तो गुजिया खा जाते है।
🎉🥟

✍️ शायरी 5
माँ की ममता ने
मुझे दुखों से दूर रखा है।
और खिलाकर गुजिया अपने हाथों से
पास अपने रखा है।
👩👦🥟💕
✍️ शायरी 6
माँ के जितना कोई करीब न होता।
जैसे गुजिया के जैसा भुजिया न होता।
👩👦💓🥟❌🥨
🎯 आपकी राय जरूरी है!
तो इस तरह से दोस्त, गुजिया पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।
💬👇😊
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