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रसमलाई असल में एक प्रकार की मीठाई होती है, जो की रसगुल्ले की जैसी ही होती है, मगर इसमें जो खाने वाला भाग होता है वह मलाई के अंदर डूबा रहता है। और यह खाने में इतना स्वादिष्ट लगता है कि हर कोई इसे खाना चाहता है। 🥛😋✨
यदि आप भी रसमलाई खाने के शौकीन है, तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए ही है, क्योंकि आज के इस लेख में हम आपके लिए रसमलाई पर बेहतरीन शायरी लेकर आए है, जो की रसमलाई और इश्क के अंदाज में “तू मेरी रसमलाई” पर शायरी है। 💕
तो आइए रसमलाई पर शायरी पढ़े — 📖👇
🙏 भाग 1 – भक्ति रस (देवताओं के लिए रसमलाई) Rasmalai Par Shayari

✍️ शायरी 1
रसमलाई की खुशबू ने
देवताओं को भी महकाया है।
करकर मीठी मीठी बातें
धरती पर मिलने बुलाया है।
👃✨🌍🙏
✍️ शायरी 2
रसमलाई के रस ने
जादू दिल पर कर दिया।
और खिलाकर भक्त ने रसमलाई
शिव को खुश कर दिया।
💫🔱😊
✍️ शायरी 3
रसमलाई खाने की इच्छा
मां पार्वती को होने लग गई।
तभी भक्त लेकर रसमलाई की कटोरी
भोग लगाने आ गई।
🌺🙏🥛
✍️ शायरी 4
रसमलाई में केसर का स्वाद आ गया।
तभी तो रसमलाई आजकल महंगा हो गया।
💛💰📈
✍️ शायरी 5
जबसे रसमलाई में केसर डूबने लगा है।
रसमलाई भी खूब बिकने लगा है।
💛📈🥛
✍️ शायरी 6
हनुमान जी की कृपा ने
जीवन से सारे कष्टों को दूर किया है।
और खिलाकर भक्त ने रसमलाई
हनुमान जी को खुश किया है।
🙊✨🥛
✍️ शायरी 7
हनुमान जयंती पर
भक्त ने रसमलाई का भोग लगाया है।
तभी तो हनुमान जी ने
जीवन के कष्टों को दूर भगाया है।
🙊🎉🥛
✍️ शायरी 8
सफलता की दौड़ में
न जाने मैंने कौन कौनसा काम किया है।
खिला खिलाकर शिव को रसमलाई
सफलता की विनती बार बार किया है।
🏃♂️🔱🥛🙏
✍️ शायरी 9
सफलता जब मिलती है
खुदा कसम दिल की धड़कन भी खिलती है।
और आता है देवताओं को भी मजा
जब भक्त रसमलाई अपने हाथों से खिलाती है।
💓✨🥛

✍️ शायरी 10
आजकल भक्त भी अजीब होने लग गए।
रसमलाई खिलाकर लाखों की विनती करने लग गए।
🙏🥛😅
✍️ शायरी 11
शिवरात्री के अवसर पर
भोग रसमलाई का लगाया था।
तभी तो शिव जैसा,
जीवन साथी मैंने पाया था।
🔱💑🥛
✍️ शायरी 12
लड्डू का भोग भी
गणेश जी भूलने लग जाते है।
जब भक्त लेकर रसमलाई
सामने आ जाते है।
🐘🥮❌🥛✅
✍️ शायरी 13
राम नाम का जाप करने से
जो खुश हो जाते है।
वो खा कर रसमलाई
इच्छा पूरी कर जाते है।
🏹🙏🥛
✍️ शायरी 14
जब भक्त रसमलाई लेकर आते है,
तो ईश्वर भी दौड़कर पास आते है।
🏃♂️🙏🥛
✍️ शायरी 15
मूषक भी लड्डू खाना भूल जाता है।
जब भक्त गणेश जी को रसमलाई खिला जाता है।
🐭🥮❌🥛✅

✍️ शायरी 16
रसमलाई भी कमाल की होती है
तभी तो खा कर लक्ष्मी मां खुश होती है।
🪷😊🥛
✍️ शायरी 17
बचपन के दिनों मे
कृष्ण जी माखन चुराकर खाते थे।
पर देखकर सामने रसमलाई को
माखन खाना भूल जाते थे।
💙🧈❌🥛✅
✍️ शायरी 18
रसमलाई की खुशबू ने
विष्णु जी के धाम को महकाया है।
लगा कर भोग भक्तों ने
विष्णु जी को बहकाया है।
💙👃✨
✍️ शायरी 19
मां दुर्गा भी
धरती पर आ जाती है
जब रसमलाई लेकर
भक्त सामने आ जाती है।
🌺🌍🥛
❁ • ❁ • ❁
💕 भाग 2 – इश्किया अंदाज़ (तू मेरी रसमलाई) Rasmalai Par Shayari

✍️ शायरी 1
तेरे लाल होठो की मीठास भी
फिकी लगने लग जाती है।
जब रसमलाई मेरे
सामने आ जाती है।
💋❌🥛✅
✍️ शायरी 2
तू मेरी रसमलाई
मैं तेरा गुलाब जामुन बन जाऊं।
आएगा बड़ा मजा तुमको
जिस दिन मैं तेरा दुल्हा बन जाऊं।
💑🍬🥛
✍️ शायरी 3
तेरी रसमलाई जैसी अदाओं ने
दिल को बड़ा तड़पाया है।
करकर मीठी मीठी बातें मुझसे
होठो का रस पिलाया है।
💃💋🥛
✍️ शायरी 4
तेरे सामने रसमलाई भी फिकी लगती है।
जब तू लाल साड़ी पहनकर चलती है।
👗❤️🥛
✍️ शायरी 5
तेरा हुस्न तो रसमलाई से भरा है
और देखकर तुझे
आशिकों का बुरा हाल हुआ है।
💫💀😍
✍️ शायरी 6
तू ही मेरी रसमलाई
तू ही मेरी काजू कतली है।
कैसे छोड़ दूंगा तुझे जानम
तू ही तो मेरी घरवाली है।
💑🥛🥜
✍️ शायरी 7
लगा कर आंखो पर काला चश्मा
वो बड़ी मुस्कुराती है।
और देखकर रसमलाई को
चुरा कर खाती है।
🕶️😊🥛
✍️ शायरी 8
देखकर तेरी नशीली आंखो को
डूबने का दिल करता है।
और है जो तेरे रसमलाई जैसे होठ
उन्हें चूमने का दिल करता है।
👁️💋🥛
✍️ शायरी 9
देखकर रसमलाई को
वो टूटकर पड़ जाते है।
जो महोब्बत के नाम पर
आशिक कई बना जाते है।
😍💀
✍️ शायरी 10
तेरे होठो की मुस्कान मुझे
रसमलाई जैसी मीठी लगती है।
और जब पहनती है सफेद कपड़े तू
आसमान से उतरी परी लगती है।
😊👗🥛

✍️ शायरी 11
जब तू मेरे साथ होगी
रसमलाई की कटोरी साथ होगी।
खाएंगे दोनों रसमलाई को
फिर इश्क से भीगी रात होगी।
💑🥛🌙
✍️ शायरी 12
रात को जब सोता हूं,
तुझे बड़ा याद करता हूं।
खिलाऊंगा तुझे रसमलाई की भरकर प्लेट
इतना सारा प्यार मैं तुझसे करता हूं।
💭💓🥛
✍ शायरी 13
रसमलाई की खुशबू में
तेरी खुशबू नजर आती है।
खा लेता हूं रसमलाई मैं
पर तेरे होठो की मीठास न आती है।
👃🥛❌💋
✍️ शायरी 14
अगर होते तेरे होठ लाल
तो तू रसमलाई जैसी मीठी लगती।
चूमता रहता तुझे दिन उगने तक
इतनी हसीन हमारी रात होती।
💋🌙✨
✍️ शायरी 15
तेरे बिना मेरा जीवन अधूरा लगता है।
जैसे बिना रस के रसमलाई लगता है।
😢🥛❌
✍️ शायरी 16
तू मेरा प्यार मैं तेरी मीठाई बन जाऊं।
आ जा तू पास मेरे
मैं तेरी रसमलाई बन जाऊं।
💑🥛💫
✍️ शायरी 17
पहनकर सफेद साड़ी तू
जब घर से निकलती है।
खुदा कसम तू रसमलाई लगती है।
👗🥛😍
✍️ शायरी 18
लगा कर होठो पर लाली
वो रसमलाई खाती है।
जो देखकर मुझे सामने
बार बार मुस्कुराती है।
💄😊🥛
✍️ शायरी 19
चांद जैसे चेहरे पर
दाग कभी लगने न दिया।
खिलाता रहा तुझे रसमलाई
फिका तेरे होठो को बनने न दिया।
🌙💋🥛
✍️ शायरी 20
तेरा बदन तो रसमलाई जैसा मीठा लगता है।
तभी तो प्यार मेरा दिल तुझसे बार बार करता है।
💓🥛
✍️ शायरी 21
मिलने जब तुझसे मैं आऊंगा
संग अपने रसमलाई लाऊंगा।
खिलाऊंगा तुझे अपने हाथों से
फिर तेरे होठो को चूमकर जाऊंगा।
💑🥛💋

✍️ शायरी 22
पहनकर लाल साड़ी वो
पटाका लगने लग गई।
जो खरीदकर रसमलाई
अकेली खाने लग गई।
👗🧨🥛
✍️ शायरी 23
तेरे रसमलाई जैसे होठो पर
मेरा दिल मचल गया।
और चूमकर तेरे होठो को
मजा दिल को आ गया।
💋😊🥛
✍️ शायरी 24
तेरे साथ होने पर
दिल को भी इश्क करना पड़ता है।
और है जो तेरे रसमलाई जैसे होठ
उन्हें चूमना मेरे होठो को पड़ता है।
💑💋
✍️ शायरी 25
मेरे रसमलाई जैसे गुलाबी होठ
तेरे होठो का इंतजार करते है।
कब चूम ले तू आकर मुझे
उस पल का इंतजार करते है।
💋⏰
✍ शायरी 26
देखकर तेरी तस्वीर को
दिल मेरा रोने लग जाता है।
है मेरे रसमलाई जैसे होठ
मगर फिर भी तू पास न आता है।
🖼️😢💋
✍️ शायरी 27
तेरी खूबसूरत सी स्माइल ने
दिल का बुरा हाल किया है।
और चूमकर मेरे होठो को
रसमलाई का रस पिलाया है।
😊💋🥛
✍️ शायरी 28
तेरे सामने रसमलाई भी फिकी लगती है।
जब तू लगा कर होठो पर लाली सामने आती है।
💄😍🥛
✍ शायरी 29
चांद का दिल भी धड़कने लग गया।
जब रसमलाई जैसा होठ तेरा दिखने लग गया।
🌙💓💋
✍️ शायरी 30
इश्क में कहीं पागल न हो जाऊं
खाऊं रसमलाई तो कहीं बीमार न हो जाऊं।
🤪🥛😷

✍️ शायरी 31
जो खाता है रसमलाई
उसका भी बुरा हाल हो जाता है।
और चूमकर तेरे होठो को
वो चला जाता है।
🥛😵💋
✍ शायरी 32
रसमलाई खाना भी मैं भूलने लग गया।
जब महबूबा के होठो का रस मीठा लग गया।
🥛❌💋✅
✍️ शायरी 33
दिल भी मेरा इश्क में चोरी हो गया।
रसमलाई खाया तो दिल बीमार हो गया।
💓😷🥛
❁ • ❁ • ❁
🍬 भाग 3 – मिठाइयों की रानी (कॉम्पिटिशन वाली शायरी) Rasmalai Par Shayari
✍️ शायरी 1
गुलाब जामुन भी
फिका पड़ने लग जाता है।
जब रसमलाई के सामने
गुलाब जामुन आ जाता है।
🍬❌🥛✅

✍️ शायरी 2
देखकर रसमलाई की चमक को
गुलाब जामुन जलकर काला हो गया।
तभी तो ग्राहक एक किलो
रसमलाई खरीद ले गया।
🍬⚫🥛📦
✍ शायरी 3
डूबकर चाशनी में
जलेबी मीठी बनती रह गई।
इधर रसमलाई ठंडी होकर बिकती रही।
🍯❄️🥛
✍️ शायरी 4
चीनी की चाशनी ने
मीठा रस अपना पिलाया था।
मगर फिर भी जलेबी
रसमलाई के सामने बिक न पाया था।
🍯❌🥛✅
✍️ शायरी 5
लड्डू गोल बनने में लगा रहा
इधर रसमलाई चाशनी में डूबकर बिकता रहा।
🥮➡️🥛
✍️ शायरी 6
देखकर रसमलाई की चमक को
बर्फी भी शर्माने लग जाती है।
जब इश्क बर्फी रसमलाई से
करने लग जाती है।
🍰😊🥛
✍ शायरी 7
सुनकर रसमलाई का नाम
रसगुल्ला भी डरने लग गया।
तभी तो ग्राहक के सामने
रसगुल्ला रसमलाई से कम बिक गया।
🍬😨🥛✅
✍️ शायरी 8
जब सुनता है रसमलाई का नाम
रसगुल्ला भी डिब्बे में छिप जाता है।
और देखकर रसगुल्ले के डर को
ग्राहक रसमलाई खरीद ले जाता है।
🍬😨📦🥛
✍️ शायरी 9
पेड़े की मिठास भी फिका लगता है
जब रसमलाई डूबकर चाशनी में बिकता है।
🍪❌🥛✅
✍️ शायरी 10
काजू कतली भी बुरा मान गई।
जब रसमलाई काजू कतली से ज्यादा बिक गई।
🥜😤🥛✅
✍️ शायरी 11
पहनकर सिर पर ताज
रसमलाई रानी बन गई।
और देखकर रसमलाई को
सभी मिठाइयाँ सलाम कर गई।
👑🥛🙇♀️
✍ शायरी 12
मिठाईयों की रानी का
बड़ा काम होता है।
जिसका रसमलाई
नाम होता है।
👑🥛✨
✍️ शायरी 13
गाजर का हलवा भी
फिका लगने लग जाता है।
कड़ाके की ठंड में
रसमलाई खाने को मिल जाता है।
🥕❌🥛✅
✍️ शायरी 14
जलेबी ने भी कई बार
चाशनी में गोता लगाया था।
मगर फिर भी ग्राहक ने
जलेबी को छोड़कर रसमलाई खरीदा था।
🍯❌🥛✅

✍️ शायरी 15
काजू कतली की आंखो में
आंसू आने लग गए।
जब ग्राहक काजू कतली को बुरा बताकर
रसमलाई खरीदने लग गए।
🥜😢🥛✅
✍️ शायरी 16
गुलाब जामुन भी सोने लग गया।
जब रसमलाई ज्यादा बिक गया।
🍬💤🥛
✍ शायरी 17
रसमलाई भी बुरा मान गई
जब गुलाब जामुन की मीठास मैंने खा ली।
🥛😤🍬
✍️ शायरी 18
रसगुल्ला चाशनी में गोता लगाने लग गया।
इतने में तो रसमलाई लाखों में बिक गया।
🍬🏊♂️🥛📈
❁ • ❁ • ❁
👨👩👧 भाग 4 – यादें और बचपन Rasmalai Par Shayari
✍ शायरी 1
बचपन के उन दिनों मे
मां का मैं दिवाना होता था।
और देखकर रसमलाई को
रोने का नाटक करता था।
👩👦😢🥛
✍️ शायरी 2
बचपन में मां ने
हर ख्वाब पूरा किया था।
जब खाना था पेड़ा
तो रसमलाई खिलाकर खुश किया था।
👩👦💭🥛

✍️ शायरी 3
गर्मी के दिनों मे
रसमलाई का दीवाना हर कोई होता है।
तभी तो खाने को रसमलाई
पास बार बार आता है।
☀️🥛😋
✍️ शायरी 4
बचपन के दिनों मे
मिठाइयाँ कई खाता था।
और देखकर रसमलाई को
जिद्दी बड़ी करता था।
👶🥛😤
✍ शायरी 5
रसमलाई को देखकर
वो रोने लग जाता था।
तभी तो पापा उसे
रसमलाई खिलाता था।
👨👦😢🥛
❁ • ❁ • ❁
😂 भाग 5 – हास्य (मजेदार Rasmalai Par Shayari)
✍️ शायरी 1
डाइट वाइट जाए भाड़ में
जब रसमलाई आ जाए सामने।
🏃♂️🚫🥛✅
✍️ शायरी 2
बरसों तक मैंने
मिठाइयों से नाता छोड़ा था।
और देखकर रसमलाई को
सब कुछ भूलकर टूट पड़ा था।
🥛😍
✍️ शायरी 3
मिठास का दिल भी दीवाना होने लग गया।
जब रसमलाई जैसा होठ खाने को मिल गया।
💓💋🥛
✍️ शायरी 4
रसमलाई का दीवाना
मेरा दिल हो गया।
और खाया रसमलाई
तो कंगाल मैं हो गया।
💓🥛😢💰

✍️ शायरी 5
एक एक करके वो सब कुछ खा गया।
जो कहता था मैं मिठाइयों से दूर हूं
आज वो भी रसमलाई की भर भर कटोरिया खा गया।
😋🥛🍽️
✍️ शायरी 6
देखकर उसकी सूरत को
मैंने भी रसमलाई उसे बोल दिया।
मगर फिर उसने उतार कर चप्पल
मेरा बुरा हाल कर दिया।
😍➡️👡😵
✍️ शायरी 7
उसकी तारीफ में
हमने भी कुछ अलग कह दिया।
बता कर उसे रसमलाई जैसी मीठी
उसी के होठो को चूम लिया।
💋😊
✍️ शायरी 8
जिम की फीस भी कम पड़ने लग गई।
जब रसमलाई जैसी महबूबा पास आ गई।
🏋️♂️💰❌🥛✅
✍️ शायरी 9
देखकर रसमलाई की चमक को
डाइट वाइट मैं भूल गया।
जो रहता था हमेशा दूर मिठाइयों से
आज वो रसमलाई की कटोरिया कई खा गया।
🥛😋
✍ शायरी 10
दिल को जब याद तेरी आती है
रसमलाई पास मेरे होती है।
खाती हूं रसमलाई भर भर कटोरियां
मगर फिर भी याद तेरी न जाती है।
💭🥛😢
✍ शायरी 11
रसमलाई को खाया तो जाना
कितना स्वाद इसमें होता है।
कर दे दिल के दर्द को दूर
जैसे दर्द का इलाज रसमलाई होता है।
🥛💊💓
✍️ शायरी 12
डॉक्टर की बातों को मैंने भूला दिया।
जब रसमलाई मेरे सामने आ गया।
👨⚕️❌🥛✅
✍️ शायरी 13
घरवालों ने लाख समझाया था
मगर फिर भी मैंने रसमलाई को अपनाया था।
🏠🥛💕
❁ • ❁ • ❁
🤝 भाग 6 – दोस्ती वाली Rasmalai Par Shayari
✍️ शायरी 1
खुदा को भी इश्क हो गया
जब रसमलाई जैसा दोस्त मिल गया।
🙏💑🥛
✍️ शायरी 2
रसमलाई जैसे दोस्तों को
कभी धोखा देना नही चाहिए।
क्योंकि पहुंचाते है यह दिलो मे मिठास
इनसे कभी दूर होना नही चाहिए।
🤝💓🥛

✍ शायरी 3
तू रसमलाई तो मैं चाशनी बन जाऊंगा।
अगर होगी दोस्ती की बात
तो तू कच्छा मैं बनियान बन जाऊंगा।
💑🥛🍯
✍ शायरी 4
दोस्ती में भी दोस्त का नाम हो गया।
जब रसमलाई जैसा दोस्त
मुसीबत में काम आ गया।
🤝✨🥛
✍ शायरी 5
हमे तो लगता था
हम सांप को दूध पिला रहे है।
मगर यह नही जानते थे
कि रसमलाई जैसे दोस्तों को पाल रहे है।
🐍🥛😅
✍️ शायरी 6
जिसे मैंने जहर समझा था
वो तो रसमलाई निकला।
दुनिया की भीड़ में
दुश्मन ही मेरा दोस्त निकला।
☠️➡️🥛🤝
✍️ शायरी 7
दोस्त जब पास मेरे आता है
रसमलाई वो बार बार लाता है।
खाते है बैठकर रसमलाई को
फिर बीते पलों को याद दिलाता है।
🤝🥛💭

✍ शायरी 8
क्या कहे उनका
वो तो लाखों मे एक है।
खिलाते है रसमलाई मुझे
वो मेरे पापा शेर है।
👨👦🥛🦁
✍ शायरी 9
खून पसीना बहाकर
वो चंद रुपये कमाते है।
और फिर शाम को
रसमलाई लेकर घर आते है।
💪💰🥛🏠
🎯 आपकी राय जरूरी है!
इस तरह से दोस्त, रसमलाई पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।
💬👇😊
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