गुलाब जामुन पर शायरी Gulab Jamun par shayari, गुलाब जामुन पर शायरी, gulab jamun ke liye shayari, गुलाब जामुन शायरी, gulab jamun ki shayari
दोस्त, गुलाब जामुन असल में एक प्रकार की मीठाई होती है, और यह रसगुल्ले जैसी ही होती है। मगर यह रसगुल्ले जीतना मीठा नही होता है। मगर फिर भी गुलाब जामुन खाने में मीठा और स्वादिष्ट लगता है। 🍯😋
और यही कारण है कि हमारे भारत में गुलाब जामुन खाने के बहुत से लोग शौकिन है। इसलिए यदि आप गुलाब जामुन खाना पसंद करते है, तो आप जरूर गुलाब जामुन पर शायरी पढना चाहेगे। 📖
और आज के इस लेख में हम गुलाब जामुन पर कई शायरी लेकर आए है, जिन्हे पढ कर आपको काफी अच्छा लग सकता है। इसलिए आइए गुलाब जामुन पर शायरी पढें — 👇

🌹 1 – गुलाब जामुन मिठास
✍️ शायरी 1
लेकर हाथ में गुलाब
वो जामुन खाने लग गए।
तभी तो वो गुलाब जामुन
कहलाने लग गए।
🌹🍇✨
✍️ शायरी 2
गुलाब जामुन की मीठी खुशबू ने
ग्राहकों को बडा सताया है।
बुलाकर पास अपने
मीठा रस पिलाया है।
🍬💨😍
✍️ शायरी 3
गुलाब की खुशबू ने
दिल मेरा का धडकाया है।
बुलाकर पास महबूबा ने
मुझे गुलाब जामुन अपने हाथों से खिलाया है।
💓🌹🍬
✍️ शायरी 4
गुलाब जामुन सी महक
उसके होठो से आती है।
तभी तो वो बार बार
मुझे देखकर मुस्कुराती है।
💋😊

✍️ शायरी 5
गुलाब की बेल पर
गुलाब जामुन लगने लग गए।
तभी तो आजकल
गुलाब बाजार में कम दिखने लग गए।
🌹➡️🍬
✦ • ✦ • ✦
🙏 2 – भक्ति रस (देवताओं के लिए गुलाब जामुन)
✍️ शायरी 1
गणेश जी का दिल भी
ललचाने लगता है।
जब गुलाब जामुन
भक्त चढाने लगता है।
🐘😋🍬
✍️ शायरी 2
पहनकर पीले वस्त्र
विष्णु सिहासन पर बैठते है।
और लेकर गुलाब जामुन भक्त से
प्यार से खाते रहते है।
💛👑🍬
✍️ शायरी 3

कृष्ण जी का दिल भी खुश हो गया
जब सुदामा गुलाब जामुन ले आया।
💙😊🍬
✍️ शायरी 4
लेकर हाथ में गुलाब जामुन की कटोरी
राधा कृष्ण जी को ढूंढने चली है।
करती है जिनसे प्रेम दिन रात
उन्हे गुलाब जामुन अपने हाथों से खिलने लगी है।
🌸💑🍬
✍️ शायरी 5
बता कर लाड्डू का फिका स्वाद
भोग गुलाब जामुन का लगाया है।
तभी तो गणेश जी ने
गुलाब जामुन भर पेट खाया है।
🐘🙏🍬
✍️ शायरी 6
मंदिर में जब आरती चलती है
तो गुलाब जामुन का भोग लगता है।
अरे आती है खुशबू चारों ओर
जब गुलाब जामुन का प्रसाद बंटने लगता है।
🔔🕯️🍬
✍️ शायरी 7
भक्ति में सच्चा प्यार मिलाकर
ईश्वर को याद करता है।
तभी तो गुलाब जामुन
भक्त ईश्वर को खिलाता है।
🙌🍬✨
✍️ शायरी 8

धन दौलत का वो तो दाता है
उसे भला रुपयों की क्या जरूरत।
अरे मांगता है वो भक्तो से महोब्बत
उसे गुलाब जामुन की क्या जरूरत।
💰❌💓✅
❁ • ❁ • ❁
💕 3 – इश्किया अंदाज़ (महबूबा वाली शायरी)
✍️ शायरी 1
गुलाब जामुन की मीठास भी
फिकी लगने लग जाती है।
जब तेरे होठो की मीठास
चुमने को मिल जाती है।
💋🍬😍
✍️ शायरी 2
तेरी मीठी मीठी बातों ने
दिल के दर्द को मिटाया है।
दिखाकर तुने गुलाब जामुन मुझे
अपने होठो से खिलाया है।
🗣️💓🍬
✍️ शायरी 3
लाल साडी में तु
पटाका लगती है।
जब खाती है गुलाब जामुन
बडी कातिल लगती है।
👗🧨😍
✍️ शायरी 4

तेरे होठो की मुस्कान मुझे
गुलाब जामुन जितनी मीठी लगती है।
तभी तो देखकर तेरी मुस्कान को
दिल की धडकने बढती है।
😊💓🍬
✍️ शायरी 5
तेरे गुलाबी होठो की मुस्कान ने
दिल को धडकना सिखाया है।
और बुलाकर तुने पास मुझे
गुलाब जामुन का रस होठो से पिलाया है।
💋💗🍯
✍️ शायरी 6
जब होगी तेरी शादी
तो गुलाब जामुन भी बनाएगे।
आएगा बडा मजा दिल को
जब भर भर कटोरी गुलाब जामुन हम खाएगे।
💍🎉🍬
✍️ शायरी 7
मां के हाथों मे तो जादू होता है।
जैसे चासनी में डूबा गुलाब जामुन होता है।
👩🍳✨🍬
✍️ शायरी 8
तेरे जैसी मिठास
मुझे आज तक नही मिली।
जो है तु गुलाब जामुन मेरी
ऐसी घरवाली मुझे नही मिली।
💕😢🍬
✍️ शायरी 9
हर मिठाई में तेरा नाम ढूंढता हूं।
पर जब आती है गुलाब जामुन की बात
तो तेरे होठो की मीठास ढूंढता हूं।
🔍💋🍬
✍️ शायरी 10
तेरे गुलाबी होठो की चमक ने
गुलाब जामुन को फिका बना दिया।
और पहनकर तुने पीली साडी
मेरा दिल धडका दिया।
💗👗✨
✍️ शायरी 11
तेरे इश्क में मेरा दिल यूं डूबा है।
जैसे गुलाब जामुन चाशनी में डूबा है।
💘🌊🍬
✍️ शायरी 12
इश्क में तेरा क्या हाल हुआ
खाया गुलाब जामुन
और बुरा हाल हुआ।

😵💔🍬
✍️ शायरी 13
गुलाब जामुन
जितनी मीठी तु लगती है।
तभी तो देखकर तुझे
चिंटियां कई चिपकती है।
🐜🍬😅
✍️ शायरी 14
तेरी इश्क भरी बातों मे
अजीब सा मिठास है।
जैसे गुलाब के बिना
गुलाब जामुन का एहसास है।
💬🍬✨
✍️ शायरी 15
तेरे इश्क में हम इसकदर डूब गए।
जैसे गुलाब जामुन सारे चासनी में डूब गए।
💘🌊🍬
✍️ शायरी 16
तेरी प्यारी प्यारी बातों ने
मुझे इश्क का राजा बताया है।
बुलाकर तुने पास अपने
गुलाब जामुन खिलाया है।
💓🍬✨
✍️ शायरी 17
सुन बे दिल को धडकाने वाली
क्या खाएगी तु गुलाब जामुन की थाली।
💓🍽️😊
✍️ शायरी 18
उसके हाथों का बना
गुलाब जामुन भी प्यारा लगता है।
जैसे महोब्बत में आशिक का दिल
महबूबा से लगता है।
💕🍬✨
✍️ शायरी 19
तु मना करेगी
तो भी किस तुझे करेगे।
अरे है तु गुलाब जामुन जैसी मीठी
तुम्हे प्यार दिन रात करेगे।
💗😊🍬
✍️ शायरी 20
इश्क में दिल का
बुरा हाल हुआ।
खाया गुलाब जामुन
तो तुमसे प्यार हुआ।
💘😵🍬
✍️ शायरी 21
लगाकर होठो पर लाली
तुम इंतजार किया करो।
जब आते है पास तुम्हरे
गुलाब जामुन खिलया करो।
💄⏰🍬
✍️ शायरी 22
हम तो उसके प्यार में
पागल हो गए।
खाया गुलाब जामुन
तो दिवाने हो गए।
🤪💓🍬
❁ • ❁ • ❁

😂 4 – हास्य-विनोद (मजेदार शायरी)
✍️ शायरी 1
डाइट वाइट सब भुल गया
जब गुलाब जामुन का
मीठा स्वाद सामने आ गया।
🏃♂️🚫🍬✅
✍️ शायरी 2
तेरे जैसे दोस्त से ज्यादा
मुझे क्या प्यारा होगा।
बात सिधी है दोस्त
यह गुलाब जामुन हमारा होगा।
👫🍬😊
✍️ शायरी 3
दुल्हन भी मुझे ऐसी मिली है
जो दिखने में चांद सी लगती है।
पर जब देखती है गुलाब जामुन को
अकेली सारे खाने लगती है।
👰♀️🌙🍬😋
✍️ शायरी 4
दिल मेरा जब बच्चा हुआ करता था
तब गुलाब जामुन मैं बहुत खाया करता था।
👶🍬😊
✍️ शायरी 5
बचपन के दिन भी खुशियों से भर होते थे।
जब खाने को गुलाब जामुन कई होते थे।
🧒🎉🍬
✍️ शायरी 6

जब आती है गुलाब जामुन की खुशबू
दिल भी धडकना भूल जाता है।
अरे देखता है यह तेरी ओर
पर तु गुलाब जामुन अकेला खा जाता है।
💓➡️🍬😤
✍️ शायरी 7
पिजा का स्वाद भी
आजकल बेकार लगने लग गया।
जबसे मैं गुलाब जामुन
खाने लग गया।
🍕❌🍬✅
✍️ शायरी 8
गंदे हाथो को
साबुन लगाकर धोना चाहिए।
जब मिलते है गुलाब जामुन
दबा कर खाना चाहिए।
🧼🙌🍬
✍️ शायरी 9
खुदा भी कहर ढाने लग जाता है।
जब दुकानदार गुलाब जामुन
महंगा बताने लग जाता है।
💰😤🍬
✍️ शायरी 10
काजू जब महंगा होने लग जाता है
तो फिर गुलाब जामुन ज्यादा बिक जाता है।
🥜💰➡️🍬📈
🤣 • 😂 • 🥲

🎭 5 – मिश्रित (अनोखी, क्रिएटिव और मजेदार)
✍️ शायरी 1
काजू कतली भी फिकी पडने लग गई।
जब गुलाब जामुन की कटोरी सामने आ गई।
🥜😶🍬
✍️ शायरी 2
जलेबी भी झुककर
सलाम करती है।
जब सजकर महफिल में
गुलाब जामुन आती है।
🥨🙇♀️🍬
✍️ शायरी 3
रसगुल्ले का मीठा स्वाद भी
हार मानने लग गया।
जब भगवान शिव रसगुल्ले के सामने
गुलाब जामुन खाने लग गया।
🔱🍬
✍️ शायरी 4
मावे का बना पेडा भी
मीठा न लगता है।
जब बाजार में
गुलाब जामुन मिलता है।
🍪❌🍬✅
✍️ शायरी 5
मिठाईयों की दुनिया में
आग सी लगने लग गई।
जब से दुकानों मे
गुलाब जामुन सजने लग गई।
🔥🍬
✍️ शायरी 6
देखकर गुलाब जामुन की प्यारी आंखो को
दिल रसगुल्ले का धडकने लग गया।
तभी तो लेकर गुलाब का फूल
रसगुल्ला प्यार का इजहार करने लग गया।
💓🌹🍬
✍️ शायरी 7
दोस्ती की आड में
दुश्मनों को पाल रहे है।
खिला खिलाकर गुलाब जामुन
दुश्मनी के जहर को मीटा रहे है।
🤝☠️🍬
✍️ शायरी 8
दोस्त दुश्मन न बन जाए
इस बात का डर हमेशा रहता है।
तभी तो गुलाब जामुन
हाथ में मेरे रहता है।
🤝➡️👊🍬
✍️ शायरी 9
गुलाब के लाल रंग पर
आशिकों के दिन फिदा होते है।
और जब खाते है गुलाब जामुन
महबूबा को याद करते है।
🌹💘🍬
✍️ शायरी 10
गुलाब जामुन के आने पर
घर में खुशिया आती है।
हो जाते है दुख भी दूर
जब महबूबा गुलाब जामुन खिलाने आती है।
🏠🎉💓
✍️ शायरी 11
मिठाईयों की महफिल में
कईयों का नाम होता है।
मगर जो कर दे दिल को खुश
ऐसा गुलाब जामुन का काम होता है।
🍬😊💓

✍️ शायरी 12
छोटा सा दिखे पर कमाल होता है
गुलाब जामुन जिसका नाम होता है।
🔹✨🍬
✍️ शायरी 13
रसगुल्ले के साथ रहकर
गुलाब जामुन भी मीठा हो गया।
रहता है हमेशा हंसता हंसता
जैसे गुलाब जामुन को इश्क हो गया।
🍬💘😊
✍️ शायरी 14
देखकर गुलाब जामुन की चमक को
काजू का दिल धडकने लग गया।
इतने में ग्राहक दुकान में आ गया।
💓🥜🚶♂️
✍️ शायरी 15
लेकर हाथ में कटोरी
भिख मांगने लग गया।
खाने के लिए गुलाब जामुन
वो अनजानी शादी में चला गया।
🍲🚶♂️🎉
✍️ शायरी 16
जो रहता था मीठे पकवानो से दूर
आज वो सब कुछ भूल गया।
जब देखा गुलाब जामुन को
तो भर भर कटोरी खा गया।
🚫🍬➡️😋🍬
✍️ शायरी 17
तेरे बिना यह जग भी अधूरा लगता है।
जैसे चासनी के बिना गुलाब जामुन लगता है।
🌍😢🍬
✍️ शायरी 18
जब तेरा साथ हुआ करता था
मैं भी बडा खुश हुआ करता था।
खाता था दिन रात गुलाब जामुन
तभी तो मैं इतना मीठा हुआ करता था।
💑😊🍬
✍️ शायरी 19
गुलाब जामुन को भी
रसगुल्ले से इश्क हो गया।
तभी तो लेकर गुलाब का फूल
गुलाब जामुन इश्क का इजहार कर गया।
🌹💘🍬
✍️ शायरी 20
देखकर रसगुल्ले की सुरत को
दिल गुलाब जामुन का धडक गया।
तभी तो लेकर बारात
गुलाब जामुन शादी करने चला गया।
💓🎉🍬
✍️ शायरी 21
मिठाईयों की दुकान में
कई अच्छे अच्छे पकवान होते है।
मगर सभी से अच्छे तो
गुलाब जामुन होते है।
🏪🥇🍬
✍️ शायरी 22
गुलाब जामुन के सामने
सब कुछ फिका पड जाता है।
जब शादी की थाली में
गुलाब जामुन मुस्कुराता है।
😊🍬✨
✍️ शायरी 23
रस मलाई की चमक भी
फिकी पडने लग जाती है।
मिठाई की दुकान में
गुलाब जामुन की खुशबू आती है।
🍰❌🍬✅
✍️ शायरी 24
काजू कतली ने पीली साडी पहन ली।
और देखकर गुलाब जामुन को
होठो पर लाली लगा ली।
🥜👗💄
✍️ शायरी 25
जलेबी की मीठी मीठी बातों ने
दिल को बडा धडकाया है।
और बुलाकर दुकानदार ने मुझे
गुलाब जामुन खिलाया है।
🥨💓🍬
✍️ शायरी 26
मिठाईयो की महफिल में
कतली सजकर बैठती है।
और देखकर गुलाब जामुन को
कतली शर्माने लगती है।
😊🍬
✍️ शायरी 27
रसगुल्ले को भी शर्म आने लग जाती है
जब गुलाब जामुन की मुछे निकल जाती है।
😳🍬🧔
✍️ शायरी 28
लेकर हाथ में कटोरी
भीख तो भिखारी मांगता है।
पर जो खाता हो गुलाब जामुन
वो महबूबा का साथ मांगता है।
🥣💑🍬
✍️ शायरी 29
आजकल के गुलाब जामुन की
वो पहले वाली बात न रही।
तभी तो इश्क की
इतनी खास मीठास न रही।
📉😢🍬
✍️ शायरी 30

रसगुल्ले की चासनी को
निचोडकर खाया जाता है।
पर जब आती है गुलाब जामुन की बात
तो फिर भर पेट खाया जाता है।
💪🍬😋
✍️ शायरी 31
जबसे खाया है गुलाब जामुन प्यारा
दिल को भी लगता है सब कुछ न्यारा।
💓✨🍬
✍️ शायरी 32
जब खाया था गुलाब जामुन प्यारा
तो दिल भी हो गया हमसे न्यारा।
😊💓🍬
✍️ शायरी 33
पानी की धार ने
बदनाम बारिश को कर दिया।
और खिला खिलाकर गुलाब जामुन तुने
बुरा हाल मेरा कर दिया।
🌧️😵🍬
✍️ शायरी 34
तेरे गुलाब जामुन जैसे मुखडे ने
चांद को भी दिवाना बनाया है।
और बुलाकर तुने चांद को धरती पर
अपना हर एक अंग दिखाया है।
🌙😍✨
✍️ शायरी 35
तेरी कातिल आंखो ने
आशिक लाखो बनाए है।
जैसे थोडी सी चासनी में
गुलाब जामुन मीठे बन पाए है।
👀💘🍬
✍️ शायरी 36
देखकर तेरे कान के झुमके को
दिल मेरा तेरे प्यार में झुलने लग गया।
खाया तेरे हाथ से गुलाब जामुन
तो मजा मुझको आ गया।
💍😊🍬
✍️ शायरी 37
पहनकर सिर पर पगडी
गुलाब जामुन महफिल में बैठ गया।
और देखकर काजू की पतली कमर को
दिल अपना हार गया।
🎩💓🥜
✍️ शायरी 38
काजू कतली के गोरे बदन पर
फिदा गुलाब जामुन हो गया।
और लेकर गुलाब का फूल
इश्क का इजहार कर गया।
🌹💘🍬
✍️ शायरी 39
गुलाब जामुन की चासनी ने
दिल को डुबाया है।
और बुलाकर पास तुने मुझे
इश्क का रस होठो से पिलाया है।
💘💋🍯
✍️ शायरी 40
देखकर काजू कतली को
जीभ भी ललचाने लगती है।
पर जब आता है सामने गुलाब जामुन
तो काजू कतली भी फिकी पड जाती है।
😛🥜➡️🍬
✍️ शायरी 41
डिजिटल दुनिया में
सब कुछ डिजिटल होने लग गया।
देखो कैसा समय आया है,
गुलाब जामुन का भी आधार कार्ड बन गया।
📱💳🍬
✍️ शायरी 42
सुरज की तेज किरणों ने
किसान को बडा जलाया है।
और खा कर गुलाब जामुन
किसान बडा मुस्कुराया है।
☀️👨🌾😊🍬
✍️ शायरी 43
मटर जैसी आंखो पर
पनीर दिल हार जाता है।
और खा कर गुलाब जामुन
ग्राहक का दिल खुश हो जाता है।
👀🧀❌🍬✅
✍️ शायरी 44
लेकर बाईक रसगुल्ला
गुलाब जामुन से मिलने आता है।
मगर देखकर गुलाब जामुन की चमक को
रसगुल्ला काला पड जाता है।
🏍️🍬⚫
❁ • ❁ • ❁
💔 6 – मीठी-कड़वी (बेवफाई और दर्द वाली)

✍️ शायरी 1
जिसे हमने अपना समझा था
वो महोब्बत किसी ओर की निकली।
खाती थी चुरा कर गुलाब जामुन
ऐसी घरवाली मेरी अपनी निकली।
💔😢🍬
✍️ शायरी 2
गुलाब जामुन खाने की
वो शौकिन हुआ करती थी।
तभी तो वो दिन रात
गुलाब जामुन खाया करती थी।
😊➡️😢🍬
✍️ शायरी 3
तेरे बिना सब कुछ
जान फिका फिका लगता है।
जैसे करेले से बना
गुलाब जामुन लगता है।
😢🥬🍬❌
✍️ शायरी 4
तेरे जाने के बाद में
आंखो से आंसू डटते नही।
जब होता है दिल में दर्द बडा
तो फिर भी गुलाब जामुन खाते नही।
😭💔🚫🍬
🎯 आपकी राय जरूरी है!
तो इस तरह से दोस्त, गुलाब जामुन पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।
💬👇😊
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