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दोस्त फालूदा, असल में एक ठंडी मीठाई होती है, जो की कुल्फी की तरह ही होती है, मगर फर्क इतना होता है कि कुल्फी जमी हुई होती है और फालूदा गाढ़ा लिक्विड टाइप में होता है। 🧊🍹
और अक्सर जब लोग शहर में जाते है, तो फालूदा खाना पसंद करते है। और यदि आपको भी फालूदा पसंद है, तो आज का यह लेख आपके लिए ही है। असल में आज के इस लेख में हम फालूदा पर शायरी लेकर आए है। तो आइए फालूदा पर शायरी पढ़े — 📖👇
☀️ भाग 1 – गर्मी और फालूदा (ठंडक का अहसास)
✍️ शायरी 1
गर्मी के मौसम में
ठंडक का अहसास आया है।
जब लेकर फालूदा
मैंने चाव से खाया है।
☀️🥵➡️🧊😋

✍️ शायरी 2
वो फालूदा भी मीठा निकल गया
जहां पर गर्मी का मौसम आ गया।
अरे बिकने लगा फालूदा दिन रात
और खा कर ग्राहक को मजा आ गया।
🥵🍹📈😊
✍️ शायरी 3
केसर की महक
जब दूध में मिलती है।
तो बनकर फालूदा
वो बिकती है।
💛🥛🍹
✍️ शायरी 4
चारों ओर गर्मी का साया मंडरा रहा है।
जहां देखो फालूदा बिक रहा है।
🌡️🍹
✍️ शायरी 5
वो फालूदा भी मीठा निकलता है
जहां पर यार मेरा खड़ा होता है।
🍹💑
✍️ शायरी 6
पिघली हुई कुल्फी इकट्ठा होकर फालूदा बन जाती है।
और खा कर फालूदा दिल की धड़कन खुश हो जाती है।
🍦➡️🍹💓
✍️ शायरी 7
फालूदा भी आज मीठा निकल गया
जब सूरज आसमान में जल्दी निकल गया।
☀️🍹
✍️ शायरी 8
सूरज की तेज धूप में
जब चमड़ी जलने लग जाती है।
तभी तो खा कर फालूदा
दिल की धड़कन खुश हो जाती है।
☀️🔥💓🍹
✍️ शायरी 9
सूरज की तेज गर्मी ने
जीना बेहाल कर रखा है।
और खिला खिलाकर तूने फालूदा
मुझे अंदर से ठंडा कर रखा है।
🥵🧊🍹
✍️ शायरी 10
देखकर सूरज की गर्मी को
दिल मेरा रोने लग जाता है।
और लेकर फिर फालूदा
खाने लग जाता है।
☀️😢➡️🍹

✍️ शायरी 11
फालूदा भी आज मीठा निकल गया
जब मैं बाजार में अकेला जाने को मिल गया
🚶♂️🍹
✍️ शायरी 12
कुल्फी और फालूदे की टक्कर हो गई।
और देखकर फालूदे की चमक को
ग्राहक खरीदकर खा गई।
🍦⚔️🍹
✍️ शायरी 13
केसर का जिसमें दम मिलता है
आखिर वही फालूदा तो
अंदर से मीठा मिलता है।
💛🍹
✍️ शायरी 14
इन गर्मी के दिनों को
मैं कभी भूल न पाऊंगा।
आएगा मजा इस दिल को
जब खरीदकर फालूदा खाऊंगा।
☀️💭🍹
✍️ शायरी 15
धूप में जब जब निकलते है
कान भी जलने लगते है।
और देखकर सामने फालूदे की दुकान को
खरीदकर लोग खाने लगते है।
☀️👂🔥🏪🍹
✍️ शायरी 16
सूरज की तेज धूप से बचने के लिए
लोग सिर पर तौलिया रखकर चलते है।
और जब न मिले कलेजे को ठंडक
तो फालूदा खरीदकर खाते है।
🧣☀️🥵🍹
✍️ शायरी 17
देखकर फालूदे की चमक को
दिल मेरा धड़कने लग गया।
और खा कर फालूदे को
मजा आ गया।
✨💓🍹😋
✍️ शायरी 18
सूरज की तेज धूप से बचने के लिए
फालूदा भी बर्फ में छिपा होता है।
खरीदकर खाते रहे ग्राहक दिन रात
इतना ज्यादा यह ठंडा होता है।
☀️🧊🍹
✍️ शायरी 19
बर्फ के बीच में दबकर
जो जीवन अपना बनाता है।
वही फालूदा बाजार में
ज्यादा बिक पाता है।
🧊🍹📈
✍️ शायरी 20
देखकर फालूदे की चमक को
दिल मेरा खाने को कर गया।
तभी तो लेकर 50 का नोट
मैं फालूदा खरीदने लग गया।
✨💓💰🍹
✍️ शायरी 21
गर्मी के दिनों में
जब दिल को आराम न मिलता है।
तो फिर फालूदा खरीदकर खाना चाहिए।
☀️💔➡️🍹
✍️ शायरी 22
सूरज की गर्मी को
झट से मिटा देता है।
जब फालूदा अंदर से
ठंडा मीठा निकलता है।
☀️❌🍹✅

✍️ शायरी 23
गर्मी के दिनों में
जब शरीर आग सा तपता है।
तब जाकर दिल मेरा
फालूदा खाने को करता है।
🔥💓🍹
✍️ शायरी 24
सूरज की किरणें भी
शरीर पर जुल्म ढाने लग जाती है।
तभी तो बाजार में
फालूदे की खुशबू आने लग जाती है।
☀️👃🍹
✍️ शायरी 25
हवाओं में भी गर्मी का अहसास मिलता है
तभी तो हर कोई फालूदा खाता है।
🌬️🔥🍹
✍️ शायरी 26
फालूदे का एक गिलास
50 रुपये का मिलने लग गया।
जब सूरज आसमान से
आग की किरणें बरसाने लग गया।
💰☀️🔥🍹
✍️ शायरी 27
फालूदे का एक गिलास
100 रुपये का मिलता है।
जिसमें केसर भी
डुबकी लगाकर हंसता है।
💰💛🍹
✍️ शायरी 28
फालूदा खाने का
दिन पास है आया।
और खा कर फालूदा
दिल खुश हो पाया।
🍹💓
✍️ शायरी 29
जब चारों ओर तपती हवा होती है
तभी तो फालूदा खाने पर खुशी मिलती है।
🌬️🔥🍹😊
❁ • ❁ • ❁
🙏 भाग 2 – भक्ति रस (देवताओं के लिए फालूदा)
✍️ शायरी 1
गणेश जी के चेहरे पर
मुस्कान छाई है।
और देखकर फालूदे को
हंसी तक आई है।
🐘😊🍹
✍️ शायरी 2
हनुमान जी का चेहरा भी
गुलाब सा खिलता है।
जब भक्त लेकर फालूदा
मंदिर में चढ़ाता है।
🙊🌹🍹

✍️ शायरी 3
सूरज की तेज गर्मी ने
गणेश जी को सताया है।
तब भक्त ने भी
फालूदा भोग में चढ़ाया है।
🐘☀️🥵🍹🙏
✍️ शायरी 4
मां लक्ष्मी के होठों पर
मुस्कान छा जाती है।
जब भक्त लेकर
फालूदा आ जाती है।
🪷😊🍹
✍️ शायरी 5
सूरज की तेज गर्मी ने
देवताओं को भी सताया है।
और बुलाकर भक्तों ने पास अपने
फालूदा बनाकर खिलाया है।
😇☀️🥵🍹
✍️ शायरी 6
देखकर फालूदे की चमक को
शिव दौड़कर धरती पर आते है।
जब लेकर भक्त दूध और फालूदा
शिवलिंग पर चढ़ाने आते है।
🔱🏃♂️🥛🍹
✍️ शायरी 7
नागपंचमी के दिन पर
नागों को भी फालूदा खिलाया है।
तभी तो नागदेवता
खुश हो पाया है।
🐍🍹😊
✍️ शायरी 8
वो मंदिर भी खुशबू से महक उठता है।
जहां पर फालूदा भक्तों के द्वारा चढ़ाया जाता है।
🛕👃🍹
✍️ शायरी 9
मां लक्ष्मी की पूजा में
घी का दीपक जलाया जाता है।
और भोग के रुप में
फालूदा बनाकर चढ़ाया जाता है।
🪷🪔🍹
✍️ शायरी 10
दीपावली के अवसर पर
राम जी जब घर आते है।
तो भक्त भी फालूदा
बनाकर तैयार रखते है।
🏹🎉🍹
✍️ शायरी 11
जब घी के दीपक से
घर जगमगाने लगता है।
तब जाकर भक्त भी
फालूदा राम जी को चढ़ाने लगता है।
🪔✨🏹🍹

✍️ शायरी 12
मां लक्ष्मी का दिन भी
गुलाब से महकता है।
जब भक्त फालूदे का गिलास
भोग में चढ़ाता है।
🪷🌹🍹
✍️ शायरी 13
मोतीचूर के लड्डू ने
गणेश जी को बड़ा सताया है।
करके मीठी बातें भक्तों ने
फालूदा अपने हाथों से पिलाया है।
🐘🥮❌🍹✅
❁ • ❁ • ❁
💕 भाग 3 – इश्किया अंदाज़ (महबूबा वाली शायरी)
✍️ शायरी 1
इश्क का रोग दिल को लग गया।
जबसे फालूदा मेरा उसने छीन कर पी लिया।
💓🍹
✍️ शायरी 2
दिल का हाल बुरा हो गया
खाया फालूदा हमने
तो प्यार तुमसे हो गया।
💓🍹
✍️ शायरी 3
तेरी काली काली आंखों ने
इश्क का रोग दिल को लगाया है।
और बुलाकर तूने पास मुझे
फालूदा अपने हाथों से खिलाया है।
👁️✨🍹💓

✍️ शायरी 4
लगा कर हाथों पर महंदी
तू गजब ढाती है।
और करती है दिल से बातें इश्क की
तब फालूदा होठों से खिलाती है।
🤎💬💋🍹
✍️ शायरी 5
तेरे लंबे बालों की कसम
आज तू आसमान से उतरी परी लगती है।
पी जाऊं तुझे भर की प्याली में
ऐसी फालूदे की मीठास तेरे होठों पर दिखती है।
🧚♀️💋🍹
✍️ शायरी 6
तेरे होठों की मुस्कान ने
दिल मेरा खुश कर दिया।
और पिलाकर तूने फालूदा मुझे
कमाल कर दिया।
😊💋🍹
✍️ शायरी 7
जब तेरी मेरी मुलाकात होगी
सबसे पहले फालूदा खाने की बात होगी।
💑🍹
✍️ शायरी 8
तेरे कानों में जो लंबा सा झुमका है
उसमें मेरा दिल उलझा है।
कैसे न करूं तुमसे इश्क मैं
तू ही तो मेरा फालूदा है।
💍💓🍹
✍️ शायरी 9
तू मेरी रसमलाई
मैं तेरा फालूदा बन जाऊंगा।
जब होगी मुलाकात हमारी
मैं तेरा हमसफर बन जाऊंगा।
🥛➡️🍹💑
✍️ शायरी 10
लगा कर होठों पर लाली
वो प्यार से मुस्कुराती है।
और देखकर सामने मुझे
अकेली फालूदा खा जाती है।
💄😊🍹
✍️ शायरी 11
तेरे होठों पर जो मीठास है
खुदा कसम वो फालूदे से भी खास है।
💋🍹✨
✍️ शायरी 12
तेरे बिना दिल का हाल बुरा हो गया।
खाया फालूदा मैंने तो मुझे फिर से प्यार हो गया।
💔🍹💓

✍️ शायरी 13
करे जो मेरे दिल की रखवाली
ऐसी घरवाली मुझे चाहिए।
खिलाती रहे फालूदा मुझे
ऐसी ठंडक की मीठास चाहिए।
💑🍹
✍️ शायरी 14
पहनकर जब सफेद कपड़े
घर से निकलती है।
खुदा कसम
फालूदे से कम न लगती है।
👗🍹
✍️ शायरी 15
लगा कर आंखों पर चश्मा
वो कातिल बनती है।
अरे क्या कहे उनका
वो तो फालूदे का गिलास लगती है।
🕶️💀🍹
✍️ शायरी 16
फालूदे की मीठी खुशबू ने
तेरे बदन को महकाया है।
और बुलाकर तूने पास मुझे
होठों का रस पिलाया है।
👃💋🍹
✍️ शायरी 17
दिल का हाल बुरा हो गया
देखकर तेरी आंखों को उसमें डूब गया।
अरे आने लगा हमें तुम पर प्यार
इतने में तू फालूदा खाने चला गया।
👁️💓🍹
✍️ शायरी 18
मिलने का तो एक बहाना था।
असल में फालूदा खिलाकर जाना था।
💑🍹
✍️ शायरी 19
देखकर तेरी चिकनी कमर को
दिल मेरा जोर से धड़कता है।
और खाती है जब तू अकेली फालूदा
तो देखकर दिल मेरा तरसता है।
💃💓🍹
✍️ शायरी 20
जो खाता है फालूदा
उसकी भी कोई दिवानी होती है।
चूमती है उसके मुखड़े को
ऐसी उसकी प्रेम कहानी होती है।
💋💑
✍️ शायरी 21
होठों की मीठास ने
मुझे बड़ा मीठा रस पिलाया है।
कैसे होता है फालूदा
बनाकर तूने पिलाया है।
💋🍹

✍️ शायरी 22
सूरज की तेज किरणों ने
दिल को आग सा जलाया है।
और बुलाकर तूने पास मुझे
फालूदा होठों से पिलाया है।
☀️🔥💋🍹
✍️ शायरी 23
इश्क का रोग मेरे दिल को लग गया।
जब मैं फालूदा लेकर तेरे होठों को चूम गया।
💓💋🍹
✍️ शायरी 24
स्कूल की उस महफिल में
कई सुंदर कन्याएं मिलती है।
जो खिलाती है मुझे फालूदा
ऐसी महबूबा मुझे दिखती है।
🏫💑🍹
❁ • ❁ • ❁
🍬 भाग 4 – मिठाइयों की तुलना (कॉम्पिटिशन)
✍️ शायरी 1
महंगा होकर भी कलाकंद
बदनाम होता चला गया।
जब गर्मी के मौसम में
फालूदा ठंडा मिलने लग गया।
🍬❌🍹✅
✍️ शायरी 2
कलाकंद का मीठा स्वाद भी
आजकल फीका लगने लग गया।
जबसे सूरज की तेज गर्मी में
फालूदा ठंडा मिलने लग गया।
🍬❌🍹✅
✍️ शायरी 3
चीनी की चाशनी में
बैठकर जलेबी खुश होती है।
मगर फिर भी फालूदे के सामने
जलेबी कहां बिकती है।
🍯❌🍹✅

✍️ शायरी 4
लड्डू की चमक ने
ग्राहकों को बड़ा सताया है।
मगर फिर भी ग्राहक ने
गर्मी में फालूदा खरीदकर खाया है।
🥮❌🍹✅
✍️ शायरी 5
रसगुल्ले की मीठी खुशबू ने
पास मुझे अपने बुलाया था।
मगर फिर भी मैंने
फालूदा खरीदकर खाया था।
🍬❌🍹✅
✍️ शायरी 6
देखकर फालूदे की ठंडक को
रसगुल्ला आग सा जलने लग गया।
तभी तो ग्राहक आजकल
फालूदा खाने लग गया।
🍬🔥❌🍹✅
✍️ शायरी 7
देखकर फालूदे को
दिल हर किसी का जोर से धड़कता है।
तभी तो खरीदकर फालूदा
हर कोई खाता है।
💓🍹
✍️ शायरी 8
जलेबी की मीठी खुशबू ने
मुझे दिन रात सताया है।
बुलाकर अपने पास
फालूदे का मीठा रस पिलाया है।
🍯👃🍹

✍️ शायरी 9
काजू कतली की चमक ने
जादू अपना चलाया है।
रखकर फालूदे को साथ अपने
बड़ा कीमती बनाया है।
🥜✨🍹
❁ • ❁ • ❁
🍹 भाग 5 – कोल्ड ड्रिंक और फालूदा (कॉम्पिटिशन)
✍️ शायरी 1
कोल्ड ड्रिंक की मीठास ने
दीवाना हर किसी को बनाया है।
पर फिर मैंने आज
फालूदा खरीदकर खाया है।
🥤❌🍹✅
✍️ शायरी 2
कोल्ड ड्रिंक का मीठा स्वाद भी
तुमको फीका लगने लग जाएगा।
जब तू फालूदा खरीदकर खाएगा।
🥤❌🍹✅
✍️ शायरी 3
नींबू पानी सेहत के लिए अच्छा होता है।
मगर फालूदा तो नींबू पानी से मीठा होता है।
🍋🥤❌🍹✅

✍️ शायरी 4
नींबू पानी भी फीका पड़ जाता है।
जब फालूदा पास खड़ा हो जाता है।
🍋🥤❌🍹✅
✍️ शायरी 5
कोल्ड ड्रिंक की दुनिया में
कई कोल्ड ड्रिंक मिलती है।
मगर फिर भी वो सभी
फालूदे के सामने झुकती है।
🥤🙇♀️🍹
✍️ शायरी 6
गर्मी के दिनों में
नींबू पानी मैंने पिया था।
मगर फिर भी फालूदे जैसा
मीठास न पाया था।
🍋🥤❌🍹✅
✍️ शायरी 7
कोका कोला भी
आजकल कम बिकने लग गया।
जब मैदान में फालूदा खड़ा हो गया।
🥤📉🍹📈
✍️ शायरी 8
एक हाथ में फालूदा
तो दूसरे हाथ में कोल्ड ड्रिंक होती है।
अरे आती है जब जब गर्मी
हर दिन पार्टी मेरी होती है।
🍹🥤🎉

✍️ शायरी 9
पानीपुरी का मीठा स्वाद भी
फीका पड़ने लग जाता है।
जब ग्राहक फालूदा खरीदकर
खाने लग जाता है।
🌊❌🍹✅
❁ • ❁ • ❁
😂 भाग 6 – हास्य (मजेदार शायरी)
✍️ शायरी 1
कुल्फी और फालूदे की लड़ाई हो गई।
इतने में आइसक्रीम बाजी मार गई।
🍦⚔️🍹➡️🍨🥇
✍️ शायरी 2
लगा कर पंख
फालूदा भी आसमान में उड़ने लग गया।
जबसे एक गिलास फालूदा बाजार में
100 रुपये का मिलने लग गया।
🪽💸🍹

✍️ शायरी 3
देखकर फालूदे की चमक को
चांद का दिल धड़कने लग गया।
और खाने के लिए फालूदा
चांद धरती पर आ गया।
🌙💓🍹
✍️ शायरी 4
फालूदा भी आजकल
मीठा मिलने लग गया।
जब बाजार में
आम बिकने लग गया।
🥭🍹
✍️ शायरी 5
आम का सीजन
पास है आया।
तभी तो मैं
फालूदा खरीदकर खाया।
🥭🍹
✍️ शायरी 6
फालूदा भी आजकल
हंस हंसकर बिकता है।
जब ग्राहक
गुलाब का फूल लेकर आता है।
🌹🍹😊
❁ • ❁ • ❁
👶 भाग 7 – बचपन की यादें

✍️ शायरी 1
बचपन के उन दिनों में
कुल्फी को बड़ा चाव से खाया था।
कैसा होता है मीठा फालूदा
वो आज बड़ा होकर जान पाया था।
👧🍦➡️👨🍹
✍️ शायरी 2
मां के हाथों से बना
हर पकवान खास होता है।
मिल जाए यदि कुल्फी भी
तो फिर वही फालूदा होता है।
👩🍦🍦➡️🍹
✍️ शायरी 3
मां के हाथों से मिली कुल्फी
फालूदे से कम नहीं होती है।
करती है दिल की धड़कन खुश
ऐसी मां की ममता होती है।
👩👦🍦💓

✍️ शायरी 4
बचपन के उन दिनों में
कई रंग बिरंगी कुल्फी खाई थी।
कैसा होता है मीठा फालूदा
वो जान मैं न पाई थी।
👧🌈🍦❓
🎯 आपकी राय जरूरी है!
इस तरह से दोस्त, फालूदा पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।
💬👇😊
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