बादाम पर 194+ शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

बादाम पर 194+ शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

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बादाम का सेवन करना मानव के लिए हमेशा ही लाभकारी रहा है। क्योकी बादाम में विटामिन E, फाइबर, हेल्दी फैट्स, मैग्नीशियम और प्रोटीन जैसे बेहतरीन गुण होते है। जो की मानव को कई प्रकार के फायदे देता है।

विज्ञान के अनुसार जो लोग बादाम खाते है वे कभी बीमार नही होते है, यदि किसी बच्चे की यादाश्त कमजोर है, तो यह उसके लिए किसी वरदान से कम नही होगा । वही पर बादाम हृदय स्वास्थ्य, पाचन सुधारने और त्वचा व बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। और यही कारण है कि इसे इतना ज्यादा खाया जाता है।

इसलिए आज बादाम बच्चों से लेकर बुड्डो तक सभी का पसंदिदा बना हुआ है। यदि आप भी बादाम खाना पसंद करते है, तो जरूर बादाम पर शायरी पढना पसंद करेगे ।

तो आइए दोस्त, बादम पर शायरी पढे,

बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

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गरीबों को बचपन में

बादाम नही मिलती।

तभी तो गरीबों की अमीर

होने की तकदीर नही खुलती।

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सुखे हुए बादाम को

पानी में भिगोकर खाया जाता है।

जो भूल जाते है बात बार बार

उसे फिर आसानी से याद किया जाता है।

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बादाम खाने से अक्ल बढ जाती है।

तभी तो खा कर बादाम वो अमीर हो जाती है।

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बादाम खाने से भी अक्ल नही आती है।

जो अक्ल धोका खाने पर आती है।

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बचपन में बादाम दिन रात खाया था

तभी तो धोका देने वाली को

जीवन भर भूला नही पाया था।

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बादाम की खुशबू ने

बाजार को स्वर्ग बना दिया।

सजकर इसने अमीरों की थाली में

खुदको धनवान बना लिया।

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सर्दी दिन रात बढती जाती है

तभी तो याद बादाम की आती है।

अरे खाते है छिलका उतारकर बादाम

तभी तो बादाम की खुशबू आती ह।

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बादाम की खुशबू ने

दिन रात मुझे सताया था।

करकर इश्क की बातें इसने

मिलने घर अपने बुलाया था।

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उदास मन को

गाना गाकर बहलाते है।

जब लगती है भूख पेट को

बादाम छिलके उताकर खाते है।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

दिन रात बादाम मैंने खाया था

तभी तो तुझे भूल न पाया था।

जो दिया था तुने धोका मेरे दिल को

वो पल याद मैं रख पाया था।

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याददाश्त बढाने के लिए

बादाम खाने को भिगए थे।

सुबह उठे तो याद नही रहा

बादाम कहा रख दिए थे।

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बचपन में मूंगफली को

बादाम समझकर खाया था।

तभी तो आज तक अपनी

याददाश्त नही बढा पाया था।

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जब दिमाग काम करना बंद कर देता है

तो फिर इसे बादाम खिलाना ही पडता है।

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सुबह तुम जल्दी उठकर

बादाम चार खाया करो।

जो है दिमाग कमजोर तुम्हारा

उसे ताक्तवर बनाया करो।

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शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए

बादाम भिगोकर मैंने खाया था।

जब नही हुआ कुछ फायदा

तो फिर रात भर अकेले बैठकर रोया था।

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बादलों को भी हंसी आने लग जाती है

जब बादाम की खुशबू छाने लग जाती है।

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मुठ्ठी भर बादाम का सहारा लेकर

तुम ताक्तवर बनने की सोचते हो।

खाते हो बादाम दिन रात

ओर दिमाग तेज करने की सोचते हो।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

बादाम खाकर वो दिन रात मुस्कुराता है

जो हमे कभी याद न रख पाता है।

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छोटा सा बादाम हूं

करता दिल पर राज हूं।

अरे खाते है जो मुझे सुबह सुबह

शरीर उनका ताक्तवर कर देता हूं।

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बादाम की खुशबू ने

बागों को महका दिया।

खिलाया उसने बादाम मुझको

ओर दिल मेरा चुरा लिया।

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तेरे लाल होठ देखकर मुझे बार बार मुस्कुराते है

जब बादाम को चुमकर यह निगल जाते है।

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हाथ में बादाम की कटोरी लेकर

वो छिलका उतार कर खाने लगी।

जो थी कभी दुबली पतली

आज वही पटाका लगने लगी।

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तेरे होठो की मुस्कान मुझे

बादाम जैसी तक्त देते है।

पी लू भरकर प्याली मैं

इतने सरीले तेरे होठ लगते है।

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खुदा को भी हंसी आ जाती है

जब बादाम पकने की खुशबू छा जाती है।

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तेरे बादाम जैसे होठो ने

मुझे बदनाम किया है।

मुस्कुराकर मेरी ओर तुने

दिल को तेज धडका दिया है।

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मेहनत का फल बडा मीठा होता है

जिसका स्वादा बादाम जैसा होता है।

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बादाम की मीठास ने

दिवाना अपना बनाया है।

खिलाने के लिए बादाम उसने

मुझे अपने घर पर बुलया है।

बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

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एक सुबह तो एक शाम को खाता हूं

जब मेरा मन होता है तब बादाम खाता हूं।

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सफलता की होड में

अपनो का साथ छूट गया ।

जो खाता था कभी बादाम

वो बादाम भी आज बिक गया।

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सपनों मे भी तेरी याद आती है

जब तु बादाम अकेली खाती है।

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एक कटोरी बादाम के लिए

दिन रात मेहनत करने लगा।

जब मिला बादाम मुझे

तो छिलका उतार कर खाने लगा।

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सफलता हासिल करकर वो

बादाम दिन रात खाने लगा।

जब गरीब आदमी

कंपनी में काम करने लगा।

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बादाम के भी नमक मिर्च लगाकर खाने लगा

जब वो घरवाली के साथ समय बिताने लगा।

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धोखा खाने के बाद में भी

दिल उसका प्यार करने लग गया।

जब महंगा होकर बादाम वो

दिन रात खाने लग गया।

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बादाम खाकर वो बडा मुस्कुराता है।

जो सात हजार की नोकरी पर जाता है।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

बचपने के दिनों में

मां ही सखी सहेली होती थी

जो खिलाती थी बादाम मुझे

ऐसी बादाम की फैक्ट्री होती थी।

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बादाम की खुशबू भी बढ जाती है

जब मां बादाम खिलाने लग जाती है।

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एक बादाम खिलाने के लिए

दिन भर मां पीछे रहती थी।

अरे क्या वो पल थे

जब मां मेरे साथ रहती थी।

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काजू को भी बुरा लग गया

जब बादाम शहर में

500 का 2 किलो बिक गया।

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काजू की महक भी फिकी पड जाती है

जब बादाम को हंसी आजाती है।

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शहर मे दिन रात बादाम बिकने लगे

तब जाकर काजू भी सस्ते होने लगे ।

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महंगे होकर भी बादाम काजू से ज्यादा बिकते है।

तभी तो बादाम छिलके उतारकर खाए जाते है।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

काजू की मीठास पर

ग्राहक दिन रात मर जाते है।

तभी तो बादाम खरीदने पर

काजू के दिल जल जाते है।

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काजू की मीठी खुशबू ने

दिल को बडा महकाया है।

खिलाकर उसने बादाम मुझे

दिवाना अपना बनाया है।

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बादाम और पिस्ते की दोस्ती बडी पुरानी है

यह रहते है साथ साथ ऐसी इनकी कहानी है।

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किशमीश के मीठे स्वाद पर

दिल मेरा आ गया ।

देखा जब बादाम को पास

चुराकर मैं तुरन्त खा गया ।

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हिरे की चमक भी

फिकी पड जाती है।

जब बादाम छिलके के भीतर

सफेद निकल जाती है।

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बादाम को भी

खुद पर घमंड हो गया ।

जब बाजार में काजू से ज्यादा

बादाम बिक गया।

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अखरोट को तोडने में समय लगता है

इतने में वो बादाम कई खाता है।

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एक अखरोट को तोडने के लिए

कई दांतो को तुडवा लिया।

और इधर बादाम का

छिलका उतारा और खा लिया ।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

सेब की मीठी मीठास भी बुरा मानने लगी

जब बादाम दूध में मिलकर रहने लगी।

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दिमाग को जो शक्तिशाली बनाता है

आखिर वही तो बादाम कहलाता है।

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बाजार में भी रौनक बढ गई

जब बादाम की किमत घट गई।

जब खरीदने लगे ग्राहक दिन रात बादाम

तो देखकर काजू भी जलने लग गई।

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शहर की हर गलियों मे

बादाम का ही नाम होता है।

रखती है हमारी याददाश्त तेज

ऐसा बडा इसका काम होता है।

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थैलो में भरकर ग्राहक लेकर जाने लगे।

जब बादाम शहर मे सस्ते बिकने लगे।

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मिठाईयों की दुकान में

बडी सान से बैठी होती है।

तभी तो बादाम

अंदर से मीठी होती है।

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मिठाईयों पर जो सजकर बिकती है

वही बादाम सबसे महंगी होती है।

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ड्राईफ्रूट की महफ़िल में

बादाम का ही नाम होता है

तभी तो महंगा होकर भी

बादाम इतना खास होता है।

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बचपन में बादाम भर भरकर खाया था।

तभी तो दिमाग मेरा तेज हो पाया था।

अरे दिया था जिसने इश्क में धोका मुझे

उसे ही तो भूल नही पाया था।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

काजू पीसकर बर्फी बनने लगी

तभी तो काजू महंगी होने लगी।

अरे होता है बादाम ही सबसे प्यारा

पर इसकी खुशबू कम आने लगी।

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पिस्ता काजू सब फिके पड जाते है

जब मेदान में बादाम बिकने आ जाते है।

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लाखो दिलो को खु​श किया है

तभी तो बादाम महंगा हुआ है।

अरे सजता है यह मिठाईयों मे

तभी तो आजकल यह मीठा हुआ है।

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बादाम का छिलका

जब उतारकर खाया जाता है ।

खुदा कसम रसगुल्ले का

स्वादा भर पेट लिया जाता है।

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बादाम भी मूंगफली सी लगने लगी

जब बादाम सस्ती बिकने लगी।

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वो बाग भी गुलाब से महकने लगे

जहां पर बादाम पकने लगे।

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हाथ में बादाम लेकर

वो मिलने घर पर आ गई।

और देखकर मुझे अकेला

वो गाल चुमकर चली गई।

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विदेश कमाने गया था

पर साथ एक किलो बादाम लाया था।

जब बांटने लगा सभी को

तो इतने में बादाम ही नकली निकल आया था।

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तु मेरा बादाम है

मै तेरी पिस्ता बन गई।

खाया बादाम मैंने 

फिर खुश मैं हो गई।

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गरीबों की बादाम

तो मुंगफली कहलाती है।

तभी तो असली बादाम

गरीबों के यहा कम दिखती है।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

वो इश्क का रास्ता दिल से होकर गुजरता है

जहां पर बादाम जैसा होठो का रस मिलता है।

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बादाम खाया

तो दिल भी खुश हो गया।

और चुमकर तेरे होठो को

दिल मेरा इश्क में धडक गया।

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तु मेरा मीठा सा बादाम है

जिसे मैं करती प्यार हूं ।

अरे आ जाओ जान मिलने हमसे

मैं देखती तुम्हारी राह हू।

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सपनो को साकार बनाने के लिए

गांव छोडकर शहर मैं आ गया।

जब खाया बादाम छिलका उतारकर

तो पैसा मेरा सरा खत्म हो गया।

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मेहनत का फल भी बडा मीठा होता है।

जिसका स्वाद बादाम जैसेा होता है।

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मेहनत वो दिन रात करने लगा

तभी तो बादाम पकने लगा।

अरे खिल गया वो बादाम का पेड भी

जहां पर रसीले बादाम लगने लगा।

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शरीर में कजोरिया आने लगी है

तभी तो वो बादाम खाने लगी है।

अरे लगती है वो भी बडी मीठी

जो होठो पर लाली लगाने लगी है।

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मां का प्यार बेमिशाल होता है

तभी तो उसका स्वाद बादाम जैसा होता है।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

मां के प्यार ने सिखाया है

बादाम को छिलकर खाना।

जो आए जीवन में दुख

उन्हे हंसते हुए दूर भगाना।

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अक्ल तुम्हरी कमजोर है

जरा बादाम तुम खाया करो।

दिखती हो बिल्कुल काली कलूटी

कभी मेकअप तो किया करो ।

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बादाम खाने के लिए

दिन रात मैं रोता रहा ।

और खा कर बादाम मैं

दिन रात हंसता रहा।

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एक अकेली बादाम ने

शरीर की थकावट मिटा दी।

जो थी मेरी अक्ल कमजोर

उसे ताक्तवर बना दी।

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मिट्टी के बर्तन में

बादाम भिगोकर खाया करता था।

जब लगते थे बादाम मीठे

तो फिर भर पेट खाया करता था।

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4 बादाम सुबह सुबह

दूध के साथ खाना चाहिए ।

जो है दिमाग तुम्हारा कमजोर

उसे भी तेज करना चाहिए ।

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बादाम भी मुझसे रूठ गई

जब सर्दी में बारिश हो गई।

अरे खाता था जिस बादाम को मैं

वो बादाम भी हंसकर किसी के साथ चली गई।

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बादाम खाने पर भी

अक्ल धिरे धिरे बढती है।

मगर धोखा खाने से

अक्ल तेज बढती है।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

बचपन में ​अक्ल तेज करने के लिए

बादाम खुब खाया था।

तभी तो मैं धोका देने वाली महबूबा को

आज तक भूल न पाया था।

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बादाम खाने में जो मजा आता है

वो काजू में कहा आता है।

अरे जब मिलती है बादाम दूध से

तो फिर बडा स्वाद आता है।

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6 बादाम पिसकर वो

दूध मे मिलाकर खाने लगा।

तभी तो आज कल

वो हट्टा कट्टा दिखने लगा।

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बादाम का भाव भी

आसमान छू जाता है।

तभी तो बादाम खा कर

चांद को मजा आ जाता है।

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चांद भी बादाम की खुशबू पर मरता है

तभी तो बादाम खाने के लिए

धरती पर चांद उतर आता है।

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ठंड भी दूर भाग जाती है

जब बादाम दूध में मिलकर

पेट में चली जाती है।

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बादाम की मीठास ने

बडा जलवा बनाया है।

खिला खिलाकर बादाम उसने

दिल का बुरा हाल किया है।

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दिल भी खिल जाता है

जब बादाम बाजार में

सस्ता मिल जाता है।

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बादाम पर194+शायरी, Badam Par Shayari (बादाम ​के लिए दो अल्फाज)

लाल साडी पहनकर

वो मिलने घर पर आती है।

खाती है बादाम अकेली

ओर देखकर मुझे मुस्कुराती है।

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जब बाजार में बादाम मिलता है

तो फिर पिस्ता कहा बिकता है।

अरे खरीदते है सभी लोग बादाम को

तभी तो यह इतना मिलता है।

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बादाम की खुशबू ने

चांद को भी दिवाना बना लिया ।

और खिलाने के लिए बदाम

चांद धरती पर बुला लिया।

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उसकी बादाम जैसी सुरत पर

मेरा दिल आ गया।

तभी तो खा कर बादाम

मजा आ गया ।

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तो इस तरह से दोस्त, बादाम पर शायरी कैसी लगी, कमेंट में जरूर बताना।

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