169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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दोस्त, आपका स्वागत है हमारे शायरी के ब्लॉग padhakushayari.in में, और आज हम आपके लिए ghungroo par shayari लेकर आए है, जहां पर हम केवल घुंघरू पर शायरी जानेगे ।

दोस्त, पैर में घुंघरू वाली पायल हो या घुंघरू हो दोनो ही महिलाओं के पैर में काफी अच्छे लगते है। असल मे पैर के घुंघरू की जो छन छन होती है वह आशिकों को दिवाना कर देता है। अगर आप भी किसी से सच्चा प्रेम करते है तो जाहिर है कि आप भी पैर के घुंघरू पर फिदा जरूर हो गए है।

और सच में कहे तो पैर के घुंघरू पर तो हर कोई फिदा रहता है। और इसी कारण से महिलाए पैर में घुंघरू पहनना पसंद करती है । ताकी जो इनकी मधुर छन छन की ध्वनी है वो आशिकों के दिल मे फिट बैठ जाए ।

यदि आपका कोई जीवन साथी है तो जाहिर है कि वो आपके नाम का पैर में घुंघरू पहनती है। मगर विशेष रुप से जब नाचना होता है या डांस करना होता है तब पैर में घुंघरू पहना जाता है।

और आज के इस विडियों मे हम पैर के घुंघरु पर शायरी लेकर आए है। तो आइए घुंघरु पर शायरी पढे ।

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तेरे पांव के घुघरु की आवाज,

दिल में धड़कन बनाकर बस गई।

जब आई तु सामने मेरे,

अपना घर बनाकर मेरे दिल में बस गई।

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जो होते है कलाकार,

वो घुंघरू की आवाज से अनुभव पहचाते है।

जो करते है बनावटी बाते,

वो नृत्य का क तक न जानते है।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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तेरे पांव के घुंघरू की आवाज ने,

आशिक कई बना रखे है।

तेरे नृत्य की तारिफ मैं क्या करू,

इसी ने तो तुझे इतना फैमस बना रखा है।

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तेर चांद सी सुरत पर

दाग न लगने देगे हम।

जब करोगी घुंघरु पहनकर नृत्य,

तालिया कम न होने देगे हम।

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तेरे पांव में घुंघरू की आवाज बजती है,

सुनकर मेरे दिल की धड़कन बढती है।

जब करती है तु मुस्कुराकर नृत्य,

दर्शकों के दिल में बस तु ही बसती है।

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जहां पर तुने कदम है रखा,

वो धरती तक खिल गई।

पहनकर पांव में घुंघरु,

तु प्रसिद्ध नृत्यकार तक बन गई।

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तेरी कानों की बाली का जादू है,

तभी तो तेरा आशिक मेरा दिल है।

जबसे सुनी है मैंने तेरे घुंघरु की छन छन,

जिसकी धड़कन तक बढ गई वो मेरा दिल है।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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जब करती है तु नृत्य घुंघरू के साथ,

दर्शकों को खुब अच्छी लगती है ।

देखना तेरा तिरछी नजरों से,

चैन इर्शकों के खुब लूटती है।

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तेरी प्यारी सी मुस्कान पर,

दिल फिदा मेरा हो गया।

जब देखा तेरे घुंघरू वाला नृत्य,

आशिक मैं तेरे नृत्य का हो गया।

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जब जब तेरे पांव में,

घुंघरू बाजता है।

इश्क खुन बनकर,

मेरी रंगो में बहता है।

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जो था अकेला दिल मेरा,

उसे घुंघरु ने फिदा तक किया।

रखकर तुने कदम पर कदम,

दिल की धड़कन को तेज तक किया।

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अरे हम जिसे अपना मान ले,

उसका साथ तक नही छोडते है।

जब पहनती है वो पांव में घुंघरू,

उसके साथ घुंघरु हम पहनते है।

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जब मटका कर कमर को तुम चलती हो,

लाखों आशिक तुम बनालेती हो।

जब करती हो तु घुंघरु पहनकर नृत्य,

दूर दूर से दर्शकों को पास बुला लेती हो।

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तेरे घुंघरू का रोला चारो ओर है।

जहां देखो इन घुंघरू की आवाज गुंजती है।

जब करती हो तुम डांस प्यार वाले गाने पर,

आशिकों की धड़कन तेज होती है।

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अरे हमने तेरे नृत्य से प्यार किया,

तभी तो तुम्हे अपने दिल में घर बनाकर दिया।

जो पहनती है तु घुंघरु पांव में,

उससे इश्क हमने तक खुब किया।

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तेरे पांव के घुंघरु से इश्क

हम कई वर्षों से करते है।

जब नाचती है तु स्टेज पर,

बस तुझे ही देखते रहते है।

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जब नाचती है तु स्टेज पर,

बराबरी तेरी कोई न कर सकता ।

जब सुनाती है घुंघरु की आवाज तु,

संगीत तक तुझे फैल न कर सकता।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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कमर तेरी पतली है,

इसे ज्यादा न मटकाया करो,

जब नाचती हो तुम घुंघरु पहनकर,

मेरे दिल को ना तड़पाया करो।

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तेरे घुंघरु वाले नृत्य ने

तुझे खास है बनाया।

जबसे करती हो तुम नृत्य,

तुम्हे महफिलों मे हमने सजाया।

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जब करती थी तु घुंघरु पहनकर नृत्य,

भीड़ को इकट्ठा करना हमने शुरु किया।

न कर सकते थे तेरे नृत्य की तारिफ,

तो तालिया बजाना हमने शुरु किया।

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तेरे पांव के घुघरु की आवाज ने,

दिल के दरवाजे मेरे खोल दिए ।

जो था तेरे प्रति मेरे दिल में इश्क,

उन्हे शब्दों का जाल बनाकर खोल दिए ।

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तेरे घुघरु की टुन टुन पर,

दिल मेरा फिदा हो गया ।

जब देखी तेरी मुस्कान की झलक,

दिल मेरा बस तेरा ही दिवाना रह गया।

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जब आती हो सामने तुम,

पांवों मे छन छन की आवाज आती है।

पहनती हो पांव मे घुघरू,

या फिर तेरे दिल से इश्क आवाज आती है।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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तुझे पिले सुट में देखकर,

दिल मेरा छन छन करने लगा ।

जब देखा तेरी पांव में घुघरू,

दिल मेरा धक धक करने लगा ।

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जब चलती है तु घुघरू पहनकर

यह घुघरु आवाज मस्त करते है,

जब आती हो मिलने हमसे,

बाते हमसे इश्क की करते है।

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तेरी चाल के साथ घुघरु की छन छन,

मेरे दिल को धड़काने का काम करती है।

करकर इश्क की बाते तु

धड़कन मेरी तेज करती है।

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तेरे पांव के घुघरू की छन छन के सामने,

हवा तक थम सी जाती है।

जब आती है तु मिलने मुझसे,

आंखे मेरी तुझे देखने के लिए थम जाती है।

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तेरे पांव के घुघरु,

बडा अच्छा संगीत गाते है।

चुमकर तेरे पांवों को,

आशिकों को खुब जलाते है।

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इश्क तुझसे इतना करता हूं,

कि तेरे पांव का घुघरु मैं बन जाउ।

अगर हो तु राजी शादी के लिए,

तो दुल्हा मैं अभी बन जाउ ।

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तेरे पांव में पायल न सही,

पर दिल को जीतने वाले घुघरु जरूर है।

नही रह सकते तेरे पास मगर,

तेरे दिल में रहना मुझे जरूर है।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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तेरे पांव के घुघरू की आवाज में,

मुझे तेरे इश्क की खुशबू मिलती है।

जब देखती है प्यार से मेरी ओर,

दिल को सकुन तक मिलती है।

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जब आओगी मिलने हमसे,

इश्क तुझसे खुब करेगे ।

उतारेगे तेरे पांव के घुघरू,

और उनसे इश्क हम करेगे ।

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तेरे खूबसूरत पांवों में पनहा हमे दे दो,

बना लो चाहे पांव के घुघरु हमे,

पर तेरे तन में एक जगह तो हमे दे दो ।

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जब गुजरती है मेरे घर से होकर,

तेरे पांव के घुंघरू मुझे आवाज देते है।

जो है तेरे दिल में छिपा इश्क मेरा,

वो तेरी नशीली आंखे बता देते है।

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तेरे कदमों को चूम ले,

इतना इश्क तुझसे करते है।

ले ले तेरे पांव के घुघरू की जगह,

और फिर छन छन हम खुब करते है।

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तेरे पांव के घुंघरू की छन छन पे

दुनिया का इक पल तक थम जाता है।

जब मुस्कुराती हो होठो पर लाली लेकर,

आशिक तेरा होठो पर मर जाता है।

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तेरे पैर के घुंघरू भी कुछ इशारे करते है।

इश्क की बाते हमसे छिप छिपकर करते है।

जब आती हो समाने तुम मेरे,

तीरी नशीली आंखो भी प्यार की बाते करते है।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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तेरे पांव के घुघरू जब जब बोलते है,

दिल के दरवाजे तक खोलते है।

तेरी आंखो का नशा दिल पर जब चढता है,

हम न जाने तुझसे क्या क्या बोलते है।

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जब तेरे पांव के घुघरू,

हमसे बोल उठे ।

तो हमारे दिल के भी,

अरमान तक खिल उठे ।

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संगीत के वो घुघरू,

इश्क की कहानी कह जाते है।

जो था तेरे दिल में इश्क हमारा,

वो गिल दिल की धड़कन गा जाते है।

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जहां पर तेरे कदम पड़े,

वो स्थान खिल उठा ।

तेरी पांव के घुघरू की छन छन

सुनकर मेरा इश्क भी जाग उठा ।

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तेरे पांव के घुघरु की आवाज ने,

न जाने दिल में क्या जादू सा भर दिया ।

​​महिनों तक न मिलकर मुझसे तु,

मेरा तुने तो बुरा हाल कर दिया ।

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सुनकर तेरे पांव के घुंघरू की आवाज,

दिल मेरा दिन रात तड़पता है।

जब आती हो तुम मेरे सामने,

दिल इश्क की बाते तुझसे करता है।

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जब जब तेरे पांव में घुघरु छन छन करे,

तब तब मेरा दिल जोर से तेरे लिए धड़के ।

अगर मिल जाए हम दोनो कभी,

तो फिर इस तरह से मिलने को न तड़पे ।

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पांव में काला धागा बांधा करो,

कही इसे नजर न लग जाए ।

मत पहना करो पांव में घुघरू,

कही खुलकर न पड़ जाए ।

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तेरी पांव की धुल भी मिल जाए,

तो मानो स्वर्ग मुझे मिल जाए।

अगर पहना हो तुने पांव में घुघरु,

तो इस घुंघरु की छन छन तो मिल जाए।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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तेरी कातिल आंखो के पीछे,

दिवाने गली के छोर है।

जब पहनती हो तु पांव घुंघरु,

आशिक तेरे चारो ओर है।

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तेरे पीले सुट को देखकर,

दिवाना मेरा दिल हो गया।

जबसे पहना तुने पांव मे घुंघरू,

दिल मेरा तेरे पिछे हो गया।

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तिरछी आंखो से मुझे देखकर,

दिल मेरा तुम धड़काती हो ।

जब होता हूं तुझसे दूर मैं,

घुंघरु पहनकर बुलाती हो ।

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तेरे घुंघरू की आवाज

बुलाने मुझे दूर तक आती है।

भेजा हो जैसे तुने संदेश,

ऐसी तेरे प्यार की खुशबू आती है।

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तेरे पांव के घुंघरू की

बडी मस्त आवाज आती है।

सुनकर इसकी छन छन को

तेरी सुरत याद आती है।

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क्या लगती हो आंखो मे काजल लगाकर,

जब देखती हो हमे इश्क बनाकर ।

छू ले तेरे पांव के घुंघरू को,

तुझे अपना इश्क बनाकर ।

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तेरे हुस्न का दिवाना मैं हो गया,

पर पांव का घुंघरू दिल मे छन छन कर गया।

जो था दिल मेरा सिर्फ तेरा दिवाना,

आज उसे घुंघरू ने दिवाना बना दिया।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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तिरछी आंखो से हमे न देखा करो,

कही प्यार न हो जाए।

पहना करो पांव में घुंघरू,

ताकी दुर से पता चल जाए।

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जब आती थी तु घुंघरू पहनकर,

दिल की धड़कन तुम बन जाती थी।

इश्क में गुजने वाली संगीत

तुम बन जाती थी ।

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तेरे लाल होठ का दिवाना,

मेरे दिल हो गया ।

जब सुनी तेरे घुघरू की छन छन,

दिल मेंरा बेहाल तक हो गया ।

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सुनकर तेरे दिल की धड़कन,

इश्क करने का मन हमरा हुआ।

जब देखा तेरी पांव में घुंघरु,

तेरा नाच देखने का मन हुआ।

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क्या लगती हो तुम जब चाचती हो,

पांव में घुंघरू पहनकर।

दिल के होश तक उड़ा देती हो,

एक प्यारी सी मुस्कान देकर।

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तेरे पांव के घुंघरु पर

दिल हम हार बैठे,

जो था दिल हमारा तेरे पास,

उसे लूटा हम बैठे।

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तेरे पांव के घुंघरु की छन छन,

ने दिल मेरा जीत लिया।

जो मरता था तेरी प्यारी सी सुरत पर,

उस दिल को तेरी आंखो ने जीत लिया।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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खुशबू तेरे पांव के घुंघरू की

दूर दूर तक आती है,

जब सुनते है इनकी छन छन,

दिल से इश्क की गुंज नीकल आती है।

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तेरे नृत्य की पहचान घुंघरू से होती है,

जब करती है नृत्यु तु कुस्कुराकर,

दुनिया तक तेरी दिवानी होती है।

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घुंघरू को तुने कलेजे से लगा लिया,

तभी तो घुंघरु ने तुझे कहां पहुंचा दिया।

जो जानथे ते तेरे नृत्यु को,

आप उन्होने तुम्हे विदेश पहुंचा दिया।

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तेरे पांव के घुंघरू ने

कई मेडल जीत लिया।

जो देखता है तेरा नृत्य,

उसे तेरे दिल ने ​जीत लिया।

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तेरे पांव के घुंघरू की खन खन,

दिल की धड़कत तक जीत लेती है।

जब करती हो तुम नृत्य,

परियों की रानी तु लगती है।

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तेरे पांव के घुंघरू और तेरे ​नृत्य को देखकर,

मेरी आत्मा तक खुश हो जाती है।

जब नाचती है तु भरी महफिल में,

तेरे विरोधी की बुनियाद तक हिल जाती है।

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सुनकर तेरे घुंघरू की छन छन को,

दिल मेरा जोर से धड़कने लगा,

जब देखा तेरा प्यारा सा नृत्य,

खुश मेरा दिल होने लगा ।

169+ ghungroo par shayari घुंघरू पर शायरी

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बहुत सा देखा है नृत्य मैंने,

पर तेरे घुंघरू की बात अलग है।

गाते है यह गीत नृत्य के साथ,

तभी तो तेरी पहचान सबसे अलग है।

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सुनकर तेरे दिल की धड़कन को,

फिदा यह दिल हो गया।

जब देखा तेरे पांव के घुंघरू का नृत्य,

मेरा रोम रोम खुश हो गया।

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जरा बालों मे हाथ फैरकर,

प्यार से मुस्कुराकर नृत्य तुम करो,

पहले पहन लो पांव में घुंघरू,

फिर जोर से तुम उछलकुद करो।

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पहनकर तुम पांव में घुंघरु,

नृत्य करने वाली बन जाओ।

चढा सकों हर आशिक पर अपना नशा,

ऐसी इश्क वाली बोतल तुम बन जाओ।

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जान तुझे मैंने दिल से चाह था,

तुझे अपना हमने बनाया था।

करते थे तुझसे इतना प्यार,

कि तेरे घुंघरु को हमने अपनाया था।

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तु नाचती थी दिन रात महफिलों मे,

हमने तुझे घर में पनहा दी।

जब करती थी तु नृत्य पर नृत्य,

तब हमने तुझे घुंघरू की लड़ी लाकर दी।

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तो इस तरह से दोस्त, यह जो शायरी है वह घुंघरु पर शायरी है। यदि आपको शायरी पसंद आई हो तो कमेट करना और हमे इस बारे में जरूर बताना।

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