189+ आलू पर शायरी, aalu par shayari (सब्जियों का शहंशाह)
aalu par shayari, आलू पर शायरी, aloo par shayari, आलू की शायरी, aalu pe shayari, aalu wali shayari,
आलू एक तरह की सब्जी होती है, और आलू में विटामिन C, विटामिन B6, पोटेशियम और फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है। और यही कारण है कि आलू खाना हमारे लिए फायदेमंद होता है।
खैर आलू की सब्जी अपने भारत में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जी है, और इस सब्जी को लगभग सभी पसंद करते है। और यही कारण है कि लोग आलू पर शायरी पढना पसंद करते है।
यदि आप भी आलू पर शायरी पढना पसंद करते है, तो आपने padhakushayari.in का चयन अच्छा किया है। क्योकी इस यहां पर हम आलू पर शायरी लेकर आए है जो की काफी युनिक है और आपको पसंद आएगी। तो आइए आलू पर शायरी पढे,
189+ आलू पर शायरी, aalu par shayari (सब्जियों का शहंशाह)

======================
आलू मटर की जोडी बडी प्यारी होती है
तभी तो इनकी सब्जी इतनी खास होती है।
======================
आलू की सब्जी
हर किसी को पसंद आ जाती है।
तभी तो आलू की सब्जी
इतनी ज्यादा बिक जाती है।
======================
बाजार में आलू भी
दिन रात बिकने लग गए।
जब बाजार में टमाटर
कम मिलने लग गए।
======================
टमाटर और आलू की मीठी जोडी ने
बसजी में खुशबू फैला रखी है।
बनाकर अपनी खास जोडी
ग्राहको की भीड बाजार में बढा रखी है।
======================
मिट्टी की गोद में लिपटकर
जो बडा दिन रात होता है।
वही आलू बाजार में
सबसे ज्यादा बिकता है।
======================
किसान के चेहरे पर भी
हंसी आ जाती है।
जब मट्टी से आलू की
खुशबू आ जाती है।
======================
सूरज की धूप में
दिन रात वो तपता रहता है।
तब जाकर बाजारो मे
आलू बिकता रहता है।
======================
आलू की मस्त जवानी ने,
किसान को बडा तडपाया है।
और तपकर किसान धूप में
आलू को मीठा बनाया है।
======================
मिट्टी खोद खोदकर
एक एक आलू निकालना पडता है।
तब जाकर बाजारों मे
आलू महंगा मिलता है।
======================

भिंडी भी अपनी लचक पर मरती है।
और देखकर आलू को दिन रात जलती है।
और खा कर आलू की सब्जी
दिल की धडकन भी खुश हो जाती है।
======================
बैंगन का स्वाद भी
फिका लगने लग जाता है।
जब बाजार में आलू
सस्ता मिलने लग जाता है।
======================
आलू छोले की सब्जी ने
हंगामा मचा दिया।
देकर मीठा स्वाद अपना
शादी का महौल बना दिया।
======================
करेला कड़वा
तो लौकी फिकी लगती है।
और आलू की बनी सब्जी
दिल को बडी अच्छी लगती है।
======================
आलू मटर की सब्जी ने
खुशबू अपनी फैला रखी है।
तभी तो शादी में
भोजनार्थी की भिड बढा रखी है।
======================
आलू हर सब्जी के साथ
अफेयर करता रहता है।
तभ तो यह आजकल
जेल में यह सडता रहता है।
======================
आलू का अफेयर
मटर के साथ चलता है।
तभी तो आलू की सब्जी में
मटर पडता है।
======================
आलू गोभी की सब्जी ने
खुशबू का जादू फैलाया है।
बुलाकर पास मुझे
अपना स्वाद चखाया है।
======================
टमाटर को भी धोका मिल गया
जब आलू भिंडी के साथ मिल गया।
======================
इस आलू को भी
एक दिन फांसी होगी
जब आलू की घरवाली
इसे अफेयर करती हुई पकडेगी।
======================

आलू की खुशबू ने
जादू दूर दूर तक फैला रखा है।
बिकने के लिए बाजार में
ग्राहकों को पास बुला रखा है।
======================
सूरज की तपती धूप में
खोद खोदकर आलू निकालना पडता है।
तब जाकर आलू बाजार में
सस्ता मिलता है।
======================
पानी से धोकर
जिसे चाकु से काट जाता है।
वही आलू सब्जी बनकर
दिल को खुश कर जाता है।
======================
वो रसोई भी महक उठती है।
जहां पर आलू टमाटर की
सब्जी बनती है।
======================
सादा सा दिखता है
और कमाल गहरा करता है।
यही आलू जो बाजारों मे
सस्ता तुम्हे मिलता है।
======================
गरीब की थाली में
आलू मुस्कुराकर बैठता है।
तभी तो आलू
भगवान कहलाता है।
======================
रसोई भी खुशबू से महक उठती है
जब पर आलू की सब्जी बनती है।
======================
तेरे होठों की मुस्कान ने,
दिल को घायल कर रखा है।
और खिला खिलाकर तुने आलू मुझे,
मेरा पेट कायल कर रखा है।”
======================
तेरा दिल मुझे
आलू सा सादा लगता है।
मगर जीवन के सफर में
तु ही खास लगता है।
======================
आलू जैसा गोल मटोल मेरा यार हो गया।
और खा कर आलू पालक वो खुश हो गया।
======================
नंगे पाव जमीन पर जलते रहते है
और आलू मिट्टी में पकते रहते है।
अरे सहता है किसान दिन रात कष्ट
तब आलू बाजर में मिलते रहते है।
======================
सूरज की तेज धूप में
किसान की चमडी जल जाती है।
तब जाकर मिट्टी खोदकर
आलू की टॉकरी भर जाती है।
======================

आलू की फसल की बर्बादी हो जाती है
जब आसामन से तेज बारिश आ जाती है।
======================
सूरज की तेज धूप में
धरती को बडा तपाया है।
मगर फिर भी किसान को
आलू खोदने से रोक न पाया है।
======================
आंखो में काजल लगाकर
वो सपने हजार देखती है।
जो आलू की सब्जी बनाकर
अकेली खा जाती है।
======================
आलू के पराठे भी
दिल को अच्छे लगने लग जाते है।
जब आलू अंदर से
मीठे निकलने लग जाते है।
======================
आलू की भर भरकर टौकरी
वो बाजार में लेकर जाने लगा।
जो तपती धूप में
खेतो से आलू खोदकर निकालने लगा।
======================
आलू उगाकर जो मुस्कुराता है
वही किसान तो भगवान कहलाता है।
======================
मटर पनीर का स्वाद तुम भूल जाओगे
जब आलू पालक की सब्जी तुम खाओगे।
======================
मिट्टी में दफन होकर
जो जीवन अपना बिताता है।
वही प्यारा आलू
स्वाद का रस पिलाता है।
======================
भिंडी भी बाजार में
कम बिकने लग जाती है।
जब बाजार में आलू की
खुशबू आने लग जाती है।
======================
सूरज की तेज धूप में
चमडी किसान की जलती है।
मगर फिर भी मिट्टी में
आलू की सब्जी खुब उगती है।
======================
आलू का पौधा भी मुर्झाने लग जाता है
जब सूरज आग सा तपने लग जाता है।
======================

इश्क की थाली में
कई फुल सज जाते है।
जैसे बाजार से आकर
आलू थाली में कट जाते है।
======================
आलू की खुशबू ने
दिन रात तडपाना शुरु कर दिया।
और बैठकर टमाटर के साथ
अच्छा तिखा मिठा स्वाद दिया।
======================
आलू का पराठा समझकर
जिसे मैंने चुना था।
वही दोस्त मेरा
न जाने क्यों लोकी बन चुका था।
======================
आलू भी हंसकर गले लग जाता है।
जब आलू छोले के साथ बैठ जाता है।
======================
सब्जी मंडी में आलू नए नए आए है।
तभी तो आजकल इतने ज्यादा बिक गए है।
======================
जब आते है सब्जी मंडी में नए आलू
ग्राहकों की भीड बढ जाती है।
और बनाते है फिर आलू की ही सब्जी
तब दिल की धडकन खुश हो जाती है।
======================
न जाने कितनों से अफेयर करता होगा
तभी तो आलू रोज सलाखों में होता होगा।
======================
मटर भी महंगा होता गया
जब यह पनीर के साथ बैठने लगा।
और रह गया अकेला आलू
जब धोका सभी को देने लगा।
======================
आलू की प्रेम कहानी ने
कइयों का दिल तोडा है।
तभी तो आलू आज
सलाखो के पीछे पडा है।
======================

न जाने कौनसी वो लत थी
जिसने मुझे स्वाद तगडा दिया था।
अरे खाया था जब आलू टीकी
दिल मेरा खुश हो गया था।
======================
अमीरों की थाली में
मशरुम सजकर बैठ जाती है।
तभी तो गरीबों के यहां
आलू की सब्जी मिलती है।
======================
आलू भी इश्क की बातें करने लग गया
जब यह भिंडी के साथ उठने बैठने लग गया।
======================
हजारों की भीड में
जिसे मैंने अपना समझा था।
वही आलू तो
बाजारों मे मुझे सस्ता मिला था।
======================
धरती पर उतर कर
खुदा भी खुश हो जाता है।
जब आलू की बनी सब्जी
खुदा अकेला खा जाता है।
======================
विवाह हो या हो कोई काम
आलू का ही नाम होता है।
बनती है सब्जी दिन रात आलू की
और सबसे तगडा इसका स्वाद आता है।
======================
शिमला मिर्च देखकर
आलू का भी दिल धडकने लग गया।
तभी तो आलू आजकल
शिमला मिर्च के साथ दिखने लग गया।
======================

आलू की मीठी खुशबू ने
पास अपने बुलाया है।
खिलाकर मिर्च मुझे
मुंह को जलाया है।
======================
आलू भी सिर पर ताज पहनने लग गया।
जब यह पनीर के साथ दिखने लग गया।
======================
फ्राई होकर भी जो दिल को अच्छा लगता है
वही आलू तो दिल को अपना खास लगता है।
======================
फ्राई हो या फिर चिप्स का कमाल
आलू कर देता है हर बात में धमाल।
======================
भूखे पेट को जो खुश करता है
वो आलू ही तो बाजार में सस्ता मिलता है।
======================
अमीर गरीब सबके दिलो को जो भाता है
वही आलू तो बाजारों मे खुब बिक पाता है।
======================
तेरे खूबसूरत मुखडे को देखकर
आलू भी तेरा दिवाना हो गया।
और देखकर तेरे हुस्न की अदाओ को
आलू के दिल का बेहाल हो गया।
======================

इश्क तेरा
आलू का चिप्स लगता है।
तभी तो खा कर आलू
तेरा मुखडा फूल जाता है।
======================
तु साथ हो तो हर दिन
त्यौहार बन जाता है।
और समोसे के साथ मिलकर
आलू भी खास बन जाता है।
======================
इमली की चटनी के साथ
आलू को खुब खाया जाता है।
जब यह समोसे के बिच में
चटपटा निकल जाता है।
======================
समोसे की खुशबू ने
पास मुझे अपने बुलाया था।
जब खाने लगा समोसा मैं
बिच में आलू निकल आया था।
======================
वो आलू भी बडा खुश हो जाता है
जो समोसे के बिच में बैठ जाता है।
======================
तेरे बाते मसाले जैसी
तीखी मुझे लगती है।
तभी तो देखकर
तुझे आलू की याद आती है।
======================
तेरा साथ पाकर
आलू भी खुश हो जाता है।
तभी तो आलू देखकर
तुझे मुस्कुरा जाता है।
======================

हर एक आलू में
किसान की मेहनत लगती है।
तभी तो आलू की खुशबू
बाजार में महकती है।
======================
किसान की मेहनत ने
हाथ की लकीरों को मिटा दिया।
तभी तो आलू की खुशबू ने
बाजार को महका दिया।
======================
किसान की बातों मे
खेती की सान बसती है।
तभी आलू की खुशबू में
किसान की मेहनत दिखती है।
======================
जिसने तपती धूप में
मिट्टी को हाथों से खोदा था।
उसी किसान ने तो
आलू जैसा मीठा स्वाद दिया था।
======================
आलू की दिवानी तो
हरी मटर भी होती है।
तभी तो देखकर आलू को
वो इतनी ज्यादा हंसती है।
======================
हरी मटर का भी दिल धडकने लग गया।
जब आलू उसके पास आकर बैठ गया।
======================
कचौरी को देखकर
समोसा बडा हसंता रहता है।
क्योकी समोसे में
आलू बैठा रहता है।
======================
बैंगन का भर्ता भी
फिका लगने लग जाता है।
जब आलू रसोई में
बनने लग जाता है।
======================

वो सब्जी भी बाजार में
सजकर बैठ जाती है।
जो आलू के साथ
बिकने लग जाती है।
======================
आलू चना की सब्जी ने
दिलो को खुश किया है।
तभी तो शादियों मे
राज आलू चना ने किया है।
======================
पानीपुरी में आलू
सान से सजकर बैठा होता है।
तभी तो पानीपुरी का
स्वाद अच्छा होता है।
======================
वो रसोई भी खुशबू से महक उठती है
जहां पर आलू गोबी साथ मिलकर बैठती है।
======================
आलू के छिलने ने
मुझे बडा तरसाया है।
और पिलाकर मीठा पानी
टमाटर ने दिल को बहलाया है।
======================
आलू की चिप्स ने
बाजार में हंगामा मचा दिया।
तभी तो आलू बाजार में
आजकल ज्यादा बिक गया।
======================
केला भी देखकर आलू से जलता होगा
जब केले से ज्यादा आलू बिकता होगा ।
======================
उबला हुआ आलू भी

दिल को खुश कर देता है।
जब यह पानीपुरी के बिच में
प्यार से बैठ जाता है।
======================
वो पानीपुरी भी फिकी लगने लग जाती है
जहां पर आलू की खुशबू कम आती है।
======================
काजू बादाम भी फिके पड जाते है
जब समोसे में आलू कम पड जाते है।
======================
उसकी मुस्कान भी बडी प्यारी लगती है
जब वो आलू की दिवानी लगती है।
======================
पतली सी मुस्कान लेकर
वो 10 रुपयो मे मिलती है।
जो आलू की चिप्स
के नाम से जानी जाती है।
======================
एक कप चाय के साथ
वो आलू के पराठे खाता है।
जो देखकर आलू की सब्जी को
कभी रोटी न खाता है।
======================
मसाले की चादर ओढकर
आलू चिप्स बनकर बैठ जाता है।
और खा कर इंसान इसे
खुश हो जाता है।
======================
गरम गरम तेल में
मिलकर जो बनता है।
वही आलू का सामेसा
दिल को खुश करता है।
======================

चटनी के साथ मिलकर
आलू का समोसा खुश हो जाता है।
और देखकर तेरी चांद सी सुरत को
दिल मेरा तेज धडक जाता है।
======================
इस तरह से दोस्त, आलू पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।
इमली पर 198+ शायरी, Imli Par Shayari (इमली की खट्टी मीठी बातें)
Best 177+ Ganna Par Shayari, गन्ना पर शायरी
Top 206+ khajur par shayari, खजूर पर शायरी (खजूर की मीठी मीठी बातें)
kaju par shayari, काजू पर 185+ शायरी
बादाम पर 194+ शायरी, Badam Par Shayari (बादाम के लिए दो अल्फाज)