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दोस्त, आँखों में दर्द शायरी पढने के लिए आपने padhakushayari.in ब्लॉग का चुनाव सही किया है। क्योंकी इस लेख में हम आँखों में दर्द शायरी aankho ke aansu par shayari पढने वाले है।
जब हमे दुख होता है, तो आंखे खूब रोती है और दर्द का अहसास भी अपनी आंखो को हो जाता है। इसलिए कहते है कि आंखो से दर्द बया होता है । और आजकल लोग अपनों के पास रह कर भी अपनो को दर्द का अहसास तक न होने देते है।
खासकर जो लड़के होते है वो अपनों के पास रहते है, मगर कभी रोते नही है और आंखो में दर्द है वो बया नही करते है। तो इनके छिपे हुए दर्द के बारे मे आज शायरी पढेगे ।
और वही पर जो लड़कियां होती है उनकी आंखो में भी दर्द छिपा होता है और उनके इस दर्द को हम एक शायरी के माध्यम से बताने वाले है।
तो आइए दोस्त, आंखों मे दर्द शायरी पढे,
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हर जख्म का निशान नही होता,
कुछ दर्द आंखो में छिपा होता है।
जब आते है अपने याद इस दिल को,
असर अक्सर आंखो में होता है।

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आज फिर दिल का बुरा हाल हो गया,
पर आंखो ने दिल का दर्द छिपा लिया।
न टपकने दी आंख से आसू की बुंदे,
इसकदर आंख को दर्द से प्यार हो गया।
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जब याद मेरे दिल को तेरी आती है,
आंखो मे दर्द बडा तेज होता है।
टपकते है आंख से आसू की बूंदे कई,
इसकदर मेरे दिल का हाल होता है।
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तेरी यादों ने मुझे रात भर
सोने तक नही दिया।
लेकर आंख में दर्द का अहसास,
तेरी याद ने मुझे रोने तक न दिया।
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तेरी यादों ने आंख में दर्द फैलाया है,
छोड़कर तुने मुझे बडा तड़पाया है।
हो गया दिल का बुरा हाल,
इसकदर तुने दिल को ठुकराया है।
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मेरे दिल को तुने ठुकरा कर,
आंखो को दर्द का अहसास दिलाया हैं।
तोड़कर अपने दिल का नाता मेरे दिल से,
मेरे दिल का बुरा हाल तक तुने किया है।
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अपनों के बिच में भी,
आंख में दर्द लिए फिरते है।
न हो सके किसी को दर्द का अहसास,
इसलिए चेहरे पर मुस्कान लिए फिरते है ।
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आंख के दर्द को छिपाने के लिए,
चेहरे पर झूंठी मुस्कान मैंने बना ली।
हो जाए अपनो को भी खुशी का अहसास,
इस तरह की तस्वीर मैंने बना ली।
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तेरी कड़वी बातों ने
मेरे दिल पर कई वार किए है।
छूकर देख मेरी आंखो को,
इनमें दर्द मैंने कई छिपाए है।

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रिश्ते को सफल बानाने के लिए,
मेरे अपनी आंखो में दर्द छिपा लिए।
तुझे अपना बनाए रखने के लिए,
आंख के आंसू तक को छिपा लिए।
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जब से तु चला गया मुझे छोडकर,
मेरे दिल का बुरा हाल हो गया है।
टूट गया हू मैं इस कदर कि
मेरी आंखो में दर्द होने लगया है।
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इश्क मे अक्सर आंख में दर्द होता है,
तड़पते है जब आशिक आंखों मे आसू होता है।
न हो किसी को ऐसा इश्क कभी,
जिसमे सिर्फ दर्द ही दर्द होता है।
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अपनो की भीड़ में
सब पराए तक निकले ।
छिपे है जो आंख में दर्द,
वो आंसू के साथ बहकर निकले।
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अकेला रहना मैं सिख रहा हूं,
दिल का दर्द आंखो में लेकर मैं फिर रहा हूं।
न हो सके किसी को दर्द का अहसास,
इसलिए चेहरे पर मुस्कान लेकर मैं फिर रहा हूं।
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खुदा ने भी आज
मेरी आंख के दर्द को समझा,
देकर मुझे दर्द से छूटकारा
खुशियों के मुझे काबित तो समझा ।

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होता है आंखो को दर्द बडा तेज,
जब दिल को चोट लगती है।
जब ना दे अपने ही पराए हमे,
तो रास्तों मे भी चोट लगती है।
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उसके इंतजार में आज हम बैठे है।
लेकर आंखो में दर्द बैठे है।
कैसे होगे दिल के गिले सिकवा दूर,
जब हम मुंह फूलाए तक बैठे है।
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इश्क में धोका मैंने खाया,
आंखो में दिल का दर्द छिपाया।
हो सके न अब कुछ मेरा,
ऐसा हाल उसने मेरा बनाया।
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आंखो में नमी नजर तुम्हे आती है,
छिपा है इन्ही आंखो मे दर्द,
पर तुम्हे एक झलक तक नजर न आती है।

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कैसे होगा मेरे दिल का हाल,
जब महब्बूब भी हमारा न हुआ।
तोड़ दिया सारे रिश्ते नाते,
ओर आंखो में दर्द खुब हुआ।
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तेरी आंखो में जो दर्द है,
उसका राज मुझे बता दोस्त ।
कैसा है तेरे दिल का हाल
जरा एक बार तो बता दोस्त ।
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अगर साथ मैं तेरे हूं,
तो किस बात का आंख में दर्द है।
आखिर क्या तुझको गम है
जो तु दिन रात दर्द में है।
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चोट जब मेरे दिल को लगी,
तो आंखो ने आंसू बहाना शुरु कर दिया।
लेकर दिल के दर्द को,
आंखों ने सगीत गाना शुरु कर दिया।
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दिल मे जो दर्द छिपा है,
आज वह आंखो में आकर रुक गया।
देखकर तेरी उसी प्यारी सी सुरत को,
आज फिर मेरा दिल तेरा दिवाना हो गया।
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अपना जिसे मैंने माना था,
वो सबसे पराया है निकला।
जिसने दिया मेरी आंखो को दर्द,
वो दोस्त ही धोकेबाज तक निकला।
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जो दिल का हाल है मेरा
जानकर आंखे मेरी दर्द रोती है।
सुनकर अपनों की आवाज को,
दिल में खुशी की लहर दोडती है।
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टपक रहा है आंख से आसू तेरे
ऐसा क्या आंख में दर्द छिपा है।
आखिर क्या है तेरा आज हाल,
ओर क्या तेरे दिल में छिपा है।
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आंखे तेरी तलाश में
दिन रात भटकती है।
देखकर तुझे किसी ओर के साथ,
आंखे दर्द से राती है।

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मेरी आंखो में महोब्बत का दर्द छिपा है,
दिया जिसने इश्क में धोका मुझे
उसका राज दिल में छिपा है।
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ये तेरी प्यारी सी आंखे,
दिल के दर्द को गिनाती है।
छिपी है जो आंख में दर्द की बाते,
वो आंख से टपके आसू बातें गिनाती है।
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तेरी आंख से गिरने वाली पानी की वो बूंदे
तेरे दिल के राज सारे बता गई।
क्यों है तेरी आंख में दर्द भला,
वो बाते तेरी धड़कन बता गई।
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दिल में जो दर्द होता है,
उससे कष्ट बडा तेज होता है।
जब टपकती है आंख से पानी की बूंदे,
तो आंखो में भी दर्द का अहसास होता है।
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तेरी यादों ने आंखो को
बडा दर्द तक दे दिया।
सुनकर मेरे दिल की बातों को,
उसी ने रोना तक शुरु कर दिया।
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जब दर्द दिल का बढता है,
तो आंखे खूब रोती है।
होता है कष्ट बडा तेज आंखो को,
जैसे आंख में दर्द होता है।
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दिल में जो गम की बातें छिपी है
वो तेरी आंखो में साफ दिखती है।
है तेरी आंखो में दर्द बडा पुराना,
वो बाते इसमें लिखी मिलती है।

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तेरी आंखो का दर्द
अपनो को भी नजर न आया।
क्या है तेरे दिल का हाल,
यह दोस्त तेरा न जान पाया।
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बिताई थी रो रोकर मैंने जो राते,
उनकी कहानी आंखो में छिपी है।
आंख में है जो दर्द मेरे,
वो बाते यही पर छिपी है।
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अपनो की बातों से भी
कभी कभी दिल टूट जाता है।
होती है पिड़ा इतनी तेज,
कि आंखो से दर्द सहन न होता है।
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जब अपनों की बातें दिल पर वार करती है,
तो दिल के भी टूकड़े हजार वो करती है।
ले लेते है आंखो में दिल का दर्द,
पर यह आंखे भी आंसू से बया तक करती है।
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छिपाई थी जो मैंने आंखों में दर्द की बाते,
वो आंख के आंसू ने बया तक कर दी।
क्यों है मेरे दिल का हाला बुरा,
वो बाते शायरी बनाकर कह दी।
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यह जो तेरी आंखे है
उनमें दर्द की बातें छिपी दिखती है।
लगता है जैसे तेरे दिल का बुरा हाल है,
ऐसी कहानी आंखों मे मिलती है।
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आंखो में बसाया था जिसे मैंने,
आज वो आंसू बनकर टपक गया।
जिसे माना था सबसे खास मैंने,
वो आंखो को ही दर्द दे गया।
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तुझसे इश्क करने पर
आंखे मेरी नशीली तक बन गई।
होकर मुझसे जुदा तु हमेशा के लिए,
आंखो में दर्द की बुंदे दे गई।
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दिल में जो दर्द है,
वो आंखों मे छिपाए रहते है।
पढ न सके दर्द कि किताब को कोई,
इसलिए चेहरे पर मुस्कान हमेशा रखते है।
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तेर आने की उम्मीद में
मेरी आंखे दर्द से बोलने लगी।
जो है मेरे दिल की कहानी,
वो आंसू बनकर बहने लगी ।

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जिस दिन तुने मुझे छोडा था,
उस दिन से तुने आंखो को दर्द दे दिया।
न रह सकु मैं कभी खुश,
इसकदर दिल को तुने रोग दे दिया।
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तेरी कड़वी बातों ने दिल पर वार कई किए,
पर फिर भी हमने तुझे अपना है माना।
न देगा कभी मेरी आंखो को दर्द तु,
इस काबिल मैंने तुझे है माना ।
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सुनकर तेरे जुदा होने की बात को,
मेरी आंखे दर्द से खुब रोने लगती है।
कैसा होगा मेरे दिल का बुरा हाल,
वो कहानी खुद ब खुद लिखने लगती है।
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इश्क में धोका मैंने खाया है
जो है दिल का दर्द उसे अपनाया है।
कैसे छिपाते है आंखो में दर्द को,
यह चेहरे की मुस्कान ने सिखाया है।
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घरवालों को पता न चल सके,
ऐसी चेहरे पर मुस्कान रखता हूं।
अगर होता है आंखो में दर्द,
तो आंखों पे चश्मा में रखता हूं।
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आंख के दर्द को छिपाने के लिए,
मैं काला चश्मा तक पहनता हूं।
जो दे सके धोका मुझे कभी,
उन रिश्तों से दूर मैं रहता हूं।
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आंखो को जब जब दर्द हुआ है
दिल का बडा बुरा हाल तक हुआ है।
नजरे तक अपनों से मिला न सके,
आज फिर ऐसा हाल हुआ है।
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खामोश आंखो में
अक्सर दिल का दर्द छिपा होता है।
कैसा होता है दिल का बुरा हाल,
वो राज आंखों मे छिपा है।
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जब दुश्मन अपने होते है,
तो आंख से आंसू न टपकते है।
जो होता है दिल का हाल,
वो आंख में दर्द बनकर छिपते है।

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जब चोट दिल को लगती है,
आंखो में दर्द छिपा लेते है।
पता न चल सके अपनों को भी,
इस कदर मुस्कुरा हम लेते है।
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जबसे आंखो में दर्द लिया है,
अपनो और परायों को पहचान हमने लिया है।
कौन होते है जीवन के अनोमल रत्न,
उन लोगो को पहचान हमने लिया है।
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रिश्ते भी जीवन में कितने खास होते है
देते है खुशियों मे साथ ऐसे रिश्ते होते है।
जब पड़ता है दिल पर दुखों का पहाड़
दिल का दर्द बनकर आंख से आंसूू निकलते है।
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जब होता है दिल पर वार पर वार,
कसम खुदा की बडा कस्ट होता है।
जब होते है अपने ही वार करने वाले,
आंखो में दर्द बडा तेज होता है।
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एक लाइक के चक्कर में,
तुने आंख में दर्द दे दिया।
जो नही करना चाहिए था,
ऐसा मेरे दिल का हाल कर दिया।
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जिसे मैंने आंख में बसाया था,
वो अपना ही पराया निकला।
देकर मेरे दिल को बडा झटका,
वो आंख का दर्द बन निकला।

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जब चोट दिल को लगती है,
तो आंख को बडा दर्द होता है।
रोती है आंख इस कदर,
जब बुरा हाल तन बदन का होता है।
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तेरे चेहरे की मुस्कान ने,
मेरे आंख के दर्द को दूर किया है।
करकर तुने प्यार का इजहार मुझे,
एक नया जीवन तक दिया है।
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अक्सर दिल पर वार तो
अपने लोग ही करते है।
जब होता है छिपा आंख में दर्द,
आंसू बनकर वो निकलते है।
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साथ मैंने जिसका दिया,
वो दुश्मन मेरा अपना निकला।
छिपाया था जो आंख में दर्द,
वो आंसू बनकर निकला ।
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जो छिपाया था आंख में दर्द मैंने,
वो तेरा नाम सुनकर आंसू बन गया।
जब सुनी तेरी अंतिम खबर ,
तो फिर दिल का बुरा हाल हो गया।
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अपनों की भीड़ में
सारे रिश्ते पराए निकलते है।
जो छिपाए थे आंख में दर्द मैंने,
वो आंसू बनकर आज फिर निकले है।
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दोस्त की एक याद ने,
आंख को दर्द दे दिया।
जो भूल गया था दिल बातें,
उनको फिर यादा तुने दिला दिया।

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तेरे जाने के बाद में,
मेरी आंखे खूब रोती है।
छिपा है इसमें इश्क का दर्द,
तभी तो यह दिन रात तड़पती है।
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इश्क में अक्सर चोट दिल को लगती है,
पर आंखों से आंसू न जाने क्यों निकलते है।
लगता है जैसे दर्द आंखों को पहुंचाता है,
जब दिल को जोर का घटका लगता है।
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तेरे इंतजार में
मेरी आंखे दर्द से भर गई,
देखकर रास्ते को दिन भर,
आंखे भी कमजोर पड़ गई।
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तो इस तरह से दोस्त, आंख में दर्द पर शायी आपको कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना ।
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