आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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आंखो पर चश्मा आज फैसन का भी पहना जाने लगा है, और यही कारण है कि बहुत सी लड़किया खुबसूरत लगे, इसलिए आंखो पर चश्मा पहनती है । हालाकी बहुत से ऐसे भी होते है जिनकी आंखे कमजोर होती है और वे आंखो  पर चश्मा पहनते है।

खैर चश्मा पहनने का कारण कोई भी हो, आंखो पर जब चश्मा होती है तो लड़का हो चाहे लड़की दोनो ही बहुत मस्त ​लगते है। ओर इसी आंखों की चश्मा पर आज हम शायरी लेकर आए है।

तो आइए आंखो पर चश्मा शायरी पढे ।

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लगाकर आंखो पे चश्मा

तुम कमाल की लगती हो।

जब पहती हो पीली साडी

बडी कातिल लगती हो।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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दिल के हाल का किसी को पता न चले

इसलिए हम मुस्कुराते रहते है।

छिपाने के लिए आंख के दर्द को

आंखो पे चश्मा हम लगाते है।

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कतली जैसा तेरा बदन है

खाने को मन मेरा करता है।

अरे पहनती हो जिन आंखो पर चश्मा तुम

उन्हे देखने को मन करता है।

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तेरी आंखो पर चश्मा जबसे देखा है

मेरा दिल बेचेन होने लगा है।

न जाने क्या हो गया दिल को

दिल तुझे फिर से देखने को कहने लगा है।

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मत रखा करो आंख पर चश्मा

बडी कातिल तुम लगती हो।

बस जाओ दिल में

ऐसी दिल की राजकुमारी लगती हो।

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आंख पर जो चश्मा है

उसके पीछे दुनिया मेरी छिपी है।

कैसी है तेरी नशीली आंखे

वो राज की बाते छिपी है।

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आंखो में आंसू आ जाए

तो आंखो पे चश्मा लगाते है।

पता न चल सके दिल के दर्द का

इसलिए चेहरे पर मुस्कान रखते है।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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काला चश्मा लगाकर आंखे वो छिपाते है

पता न चल सके दिल का हाल

इसलिए मुस्कुराते वो रहते है।

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होठो पर मुस्कान देखकर

मुझे खुश तुम मत समझना।

है अगर आंखो पर चश्मा

तो घमंडी मत समझना।

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दिल को हम साफ रखते है

तभी तो दिल में दर्द नही होता है।

न आता है आंख में आसू

फिर भी आंख पर चश्मा होता है।

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जब देता नही है दिखाई उसे

आंख पर चश्मा वो लगाती है।

बाते हमसे करने के लिए

वो दिन रात मिलाती है।

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अगर कमजोर आंख है

तो आंखो पर चश्मा लगा लो।

देख सको हमे दिन रात तुम

इसलिए पास तुम बुला लो।

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आंख पर चश्मा देखकर

लोग घमंडी मुझे कहने लगे।

न करता जब किसी से बातें मे

लोग मुझे बुरा बताने लगा।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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आंख मिलाने से डर लगता है

तभी तो आंखो पर चश्मा लगाते है।

पता न चल सके किसी को दिल का हाल

इसलिए हमेशा खुश रहते है।

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धुल मिट्टी से बचने के लिए

आंख पर चश्मा लगा लिया।

ओर तुमसे बातें करने के लिए

फोन मैंने मिला लिया।

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जरा सा पैसे आने पर

वो आंख पर चश्मा लगाने लगा।

देखकर भी हमसे बाते न करता है

इतना बुरा वो बनने लगा।

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आंख पर काला चश्मा लगाकर

बडी कातिल तुम लगती हो।

दिल के होश तक उड़ जाते है

जब होठो पर लाली तुम लगाती हो।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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चांद से मुखडे पर

आंखो पर काला चश्मा न लगाया करो।

हो जाता है दिल का बुरा हाल

इतना तुम श्रृंगार मत किया करो।

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आंख के चश्में के पीछे

नशीली दुनिया छिपी है।

जो कर दे दिल को घायल

ऐसी नशे की बोतल छिपी है।

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आंख पर चश्मा लगाकर

वो बाइक पर आता है।

बजाता है हॉर्न घर के सामने

ओर मेरे दिल को बेचने कर जाता है।

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आंख पर चश्मा लगाकर

वो मिलने हमसे आया है।

लगाकर परफ्यूम वो

मेरे दिल को महकाने आया है।

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आंख पर चश्मा जब तुम लगाते हो

किसी हीरों से कम नही लगते हो।

हो जाता है मेरा दिल तेरा दिवाना

जब मुझसे बाते तुम करते हो।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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तेरी प्यारी बातों ने

मेरे दिल को जीत लिया।

लगाकर तुने आंख पर चश्मा

दिल को लूट लिया।

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जब आंख पर चश्मा लगाती हो

हिरोइन तुम लगती हो।

लगती हो तुम बडी खास

जब मिलने घर पर आती हो।

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पानी लेने तुम कुवे पर जाती हो

आंखो पर चश्मा लगाती हो।

लगती हो दिल को इतनी खास

जैसे दिल में बस जाती हो।

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जब आंखो पर चश्मा होता है

तभी तो दिल में होसला होता है।

कर देते है सामने वाले को घायल

इतना तगडा रुतबा हमारा होता है।

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आंखो पर चश्मा लगाकर

जब हम निकलते है।

जो देखते है हमारे लूक को

उनके दिल बहुत तेज जलते है।

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आंख पर चश्मा देखकर

दोस्त भी दुश्मन बन जाता है।

जब आते है अपने एटीट्यूड पर

दुश्मन भी जल जाता है।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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आंखो में जो कमजोरी है

उसने आंख पर चश्मा लगा दिया।

देकर साथ इस चश्मा ने

दिल को ताक्तवर बना दिया।

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जब देखते है आंख पर चश्मा लगाकर

दुश्मन भी हमारे रुतबे से डरता है।

जब आते है पास दुश्मनों के

दुश्मन का दिल बडा कांपता है।

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जब घर से तुम निकलती हो

आंख पर काला चश्मा लगाती हो।

लगती हो आसमान से उतरी परी तुम

जब आंखो मे काजल लगाती हो।

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आंख के दर्द को छिपाने के लिए

तुने आंख पर चश्मा लगा लिया।

न पता चल सके किसी को

इसलिए होठों से तुने मुस्कुरा दिया।

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तेरे चांद से चेहरे पर

काला चश्मा मस्त लगता है जान।

जब पहनती हो तुम लाल साडी

दिल को बडी खुब लगती हो जान।

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आंखो पर जिम्मेदारियों का चश्मा लग गया

जो नही था हाल मेरा आज वो हो गया।

करता हूं दिन रात फिकर मैं अपनो कि

तभी तो आजकल काम करने मैं लग गया।

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आंख को छिपाने के लिए

आंख पर चश्मा लगा लिया।

पता न चल सके आंख के दर्द का

इसलिए आंख पर मेकअप कर लिया।

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कॉलेज जब तुम आती हो

आंख पर चश्मा पहनती हो।

लगती हो बडी प्यारी मुझे

ओर मेरे दिल में बस जाती हो।

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तेरे आंख पर जो चश्मा है

उससे इश्क मुझे हो गया।

करता है यह मेरे दिल से बातें

ओर मेरे दिल को दिवाना बना तेरा दिया।

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तेरी नशीली आंखो को

आंख का चश्मा देखने नही देता।

कर लेता मैं भी इश्क का नशा

पर चह चश्मा नशा पीने नही देता।

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आंखो में धूल न जा सके

इसलिए आंखो पर चश्मा रखते है।

दुश्मन भी चोट न पहुंचा सके

इसलिए साथ कट्टा रखते है।

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आंख पर जो चश्मा लगाते है

आखिर वही तो पढाकू कहलाते है।

पडते है दिन रात वो

ओर होशियार स्कूल में कहलाते है।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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पढपढकर उसने आंखे खराब कर ली,

अब आंख पर चश्मा वो लगाते है।

पर फिर भी दिन रात वो पढते है

जैसे पुलिस अफसर वो बन जाते है।

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तुझसे नजरे मैं मिला न सकू

क्योकी आंख पर चश्मा तुम लगाती हो।

जब बुलाता हूं पास तुझे मैं

तो पास आने से क्यो डरती हो।

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तेरा यह आंख का चश्मा

मुझे प्यारा लगता है।

तभी तो तेरा हुस्न

मेरा दिवाना लगता है।

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हमे देखने के लिए भी

तुम आंख पर चश्मा लगाते हो।

न हो सके हमारा रिश्ता खराब

इसलिए शराब हमे दिन रात पिलाते हो।

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आंख पर जो चश्मा होता है

उसके जैसा ख्याल तेरा रखेगे।

करेगे तेरी फिकर बडी

ओर दिन रात इश्क की बाते करेगे।

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आंख पर चश्मा लगाकर

सपनो को साकार करना है।

जो सोच रखा है

उस मंजिल को हासिल करना है।

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तेरे आंख का चश्मा मैं बन जाउ

अगर करे इश्क का इजहार

तो तेरे दिल की धड़कन बन जाउ।

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तेरी आंख के चश्मे से

हमे इश्क हो गया।

देखता है हमे दिन रात

जैसे महबूब यह मेरा बन गया।

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स्कूल में जब तुम आती हो

आंख पर चश्मा लगाती हो।

लगती हो दिल को बडी प्यारी तुम

ओर दिल में तुरन्त बस जाती हो।

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आंख पर चश्मा लगाकर

तुम बडी कातिल बन जाती हो।

करती हो आशिकों के दिल का बुरा हाल

ऐसी हुस्न की परी बन जाती हो।

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आंख पर चश्मा लगाकर

तुम मिलने आती हो।

देखती हो हमे प्यार से

ओर मेरे दिल में घर बनती हो।

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आंख के आंसू छिपाने के लिए

आंख पर चश्मा पहन लिया।

न पहचान सके मेरे दुख को कोई

इसलिए मुस्कान का नकाब मैंने लगा लिया।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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जब याद तेरी आती है

तो आंख में आसू आते है।

लगा लेते है आंख पर चश्मा

जब घरवाले सामने आते है।

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आंख पर चश्मा पहनकर

तुम खुदको बडा मानने लगे हो।

अरे है हि क्या तेरे पास

जो खुदको ताक्तवर मानने लगे हो।

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आंख पर जो चश्मा है

वो मेरे आंखो का साथी है।

जो नही देगा मुझे कभी धोका

ऐसा जीवन साथी है।

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आंख के चश्मे ने

मुझे हर किसी को देखना सिखाया है।

क्या छिपा है उनके दिल में

वो राज उनके दिल ने बताया है।

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आंख के आंसू को छिपाने के लिए

तुम आंख पर काला चश्मा लगाते हो।

पहा न चल सके हमे तेरे दुख का

इसलिए हमारे साथ खुश तुम रहते हो।

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आंखो पर चश्मा लगाकर

तुम बडी प्यारी लगती हो।

बडी अच्छी लगती हो

जब लाल साडी पहनती हो।

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तेरी प्यारी आंखो को नजर न लग जाए

इसलिए आंखो पर चश्मा तुम लगाया करो।

है यह नशीली आंखे बडी तेज

इन्हे छिपा कर तुम रखा करो।

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जो दिल मे दूख छिपा है

वो आंसू बनकर बह गया।

पता न चल सके पापा को

इसलिए आंख पर चश्मा लगा लिया।

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जो लगाते है आंख पर चश्मा

वो आंख से अंधे होते है।

अरे नही दिखता है उन्हे कुछ भी

तभी तो इतने सही वो होते है।

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आंख पर काला चश्मा देखकर

उसने अंधा मुझे समझ लिया।

करवाई रोड पास मुझे

ओर ​अपना नम्बर उसने दे दिया।

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बाइक चलाने तुम जाते हो

तभी तो आंख पर चश्मा लगाते हो।

लगते हो इतने प्यारे तुम

कि ​हर छोरी के दिल में बस जाते हो।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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यह जो तेरी आंखे है

वो इश्का का नशा कराती है।

न हो सके नशा मेरे दिल को

इसलिए आंख पर चश्मा तु लगाती है।

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सोते है रात को

तो तेरा सपना आता है।

लगता है तेरा प्यारा मुखडा

जब आंख पर चश्मा होता है।

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आंख पर जो चश्मा लगाती है

आखिर वही तो गुल खिलाती है।

करती है अपने आशिक को खुश

इतनी प्यारी बाते वो करती है।

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आंख पर चश्मा वो लगाते है।

तभी तो इतने हैंडसम लगते है।

आते है जब मिलने हमसे

खुदा कसम बडे अच्छे लगते है।

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इश्क की बातें वो खुब करते है

बात बात पर फिकर करते है।

जब लगाते है आंख पर चश्मा

हमे बडे प्यार से देखते है।

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चश्मा आंख पर पहनकर

सभी को साफ दिल से देखते है।

जो होते है अपने खास

उदसका साथ उम्र भर देते है।

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जब वो आंख पर चश्मा लगाती है

बडी कातिल वो लगती है।

कर देती है दिल का बुरा हाल

ऐसी इश्क की बोतल लगती है।

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जो आंख के चश्मे के पीछे नजरे छिपी होती है।

आखिर वही तो दिल पर वार करती है।

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आंखो पर चश्मा लगाकर

होठो से मुस्कुराती है।

देखकर हमे अपने सामने

वो खुब शर्माती है।

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जब हम मिलने उनसे जाते है

तो आंखो का चश्मा उनका उतरता है।

देखकती है हमे नशीली आंखो से

तभी तो दिल मचल जाता है।

आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

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नशीली आंखो को चश्मे से वो ढकती है।

न लग जाए चांद से मुखडे को नजर

इसलिए मुखडे पर पर्दा रखती है।

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चांदनी रात जैसा उसका बदन है

तभी तो दिल का बुरा हाल है।

जब होता है चश्मा आंख पर उनके

दिल कहे जिने की यही ढाल है।

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आंखो पर चश्मा उनके था

तभी तो वो कातिल लगती थी।

जब जब पहती थी साडी वो

बडी धासु लगती थी।

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सपनों मे भी उसकी आंख दिखती है

जिसपर होता है काला चश्मा दिखता है।

चमकता है उनका चांद सा मुखडा

ओर मुखडे पर तिल होता है।

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आंख पर चश्मा तुम लगाती हो

मेरे दिल को बडा तेज धडकाती हो।

कर कर किसी ओर से बाते

मेरे दिल को तुम जलाती हो।

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आंख पर चश्मा लगाकर

तुम बडी शरारत करती हो।

लगती हो दिल को बडी प्यारी

जब इश्क की बाते तुम करती हो।

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चांद से चेहरे पर

जब तुम काला चश्मा लगाती हो।

हर आशिक फिदा हो जाता है तुम पर

जब होठो पर लाली तुम लगाती हो।

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तेरे गाल के तिल को देखकर

मेरा दिल तेरा दिवाना हो गया।

जब देखा तेरी आंख पर चश्मा

दिल का बुरा हाल हो गया।

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आंख पर जब तुम चश्मा लगाती हो

आंखे तुम्हारी हसीन जेल में बद रहती है।

तडपता है मेरा दिल मिलने से

जब तु आंख पर चश्मा रखती है।

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तेरी आंखो को देखकर

मेरा दिल खुश होता था।

लगा लिया तुने उनपर चश्मा

जिस आंखका नशा मेरे दिल को होता था।

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आंखों पर चश्मा 188+ शायरी aankho par chasma shayari

आंख पर चश्मा लगाकर

मेरे दिल में तुम बस गए।

आकर मिलने मुझसे

इसक की बाते तुम कर गए।

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तो इस तरह से दोस्त, आंख पर चश्मा शायरी आपको कैसी लगी कमेंट में बातना जरूर ।

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