amrood par shayari, अमरूद पर शायरी, amrood shayari, अमरूद शायरी, amrud shayari, अमरुद के लिए शायरी, amrud shayari in hindi,
अमरुद एक प्रकार का फल होता है, जो की खाने में काफी अच्छा लगता है। और यही कारण है कि बहुत से लोगो का अमरुद पसंदिदा फल बना हुआ है। यदि आपको भी अमरुद पसंद है, तो आप जरूर अमरुद पर शायरी तलाश कर रहे होगे।
ओर आज के इस लिख में हम अमरुद पर शायरी लेकर आए है, जो की आपको कई प्रकार से मिलने वाली है। यह शायरियां सबसे युनिक होने वाली है, तो आइए इन शायरियों को पढते हुए मजे ले,
अमरुद पर शायरी का खजाना, Best 204+ Amrood Par Shayari

======================
आम की होड करने के लिए
अमरुद भी महंगा होने लगा।
तभी तो यह बाजारों मे
इतना कम बिकने लगा।
======================
अमरुद की खुशबू ने
चांद को भी दिवाना बनाया है।
तभी तो चांद
धरती पर उतर आया है।
======================
अमरूद की खुशबू ने
बचपने के किस्से याद दिलाया है।
फैलाकर खुशबू का जादू
दिलो को भी महकाया है।
======================
दिल के गम भी दूर हो जाते है
जब अमरुद खाए जाते है।
अरे आता है स्वाद बडा जीभ को
जब नमक लगाकर अमरुद खाए जाते है।
======================

तेरे गुलाबी होठ मुझे
अमरुद जैसे मीठे लगते है।
चुमता रहूं दिन भर इन्हे मैं
इतने स्वादिष्ट लगते है।
======================
वो बचपन भी कितना प्यारा था
जब अमरुद मैं खाता था।
आता था स्वाद जब जीभ को
तो भर पेट मैं खाता था।
======================
आम भी फिके लगते है
जब बाजार में अमरुद बिकते है।
अरे खरीदता है हर कोई अमरुद
जब सस्ते यह मिलते है।
======================
जब अमरुद सस्ता हो गया
तो बाजार में फिर हल्ला मच गया।
ले जाने लगे इसकदर लोग खरीदकर
कि अमरुद ही कम पड गए।
======================
एक अमरुद के लिए
पेड पर चढ जाया करते थे।
जब आता था माली देखकर हमें
तो नंगे पैर भाग जाया करते थे।
======================
अमरुद के स्वाद का दिवाना
यहां हर कोई मिलता है।
तभी तो बाजारों मे
मीठा अमरुद बिकता है।
======================
हरे पेड की डालियों पर
फल कई लगते है।
पर खाते है जब अमरुद
मीठे बडे लगते है।
======================

अमरुद का फल भी तगडा होता है
बैठकर सेब के पास महंगा बिकता है।
अरे नही खरीदता है कोई भी
जब अमरुद अंदर से खराब निकलता है।
======================
तेरे लाल होठो की मुस्कान
मुझे अमरुद जैसी मीठी लगती है।
तभी तो देखकर इसे
दिल में इश्क की प्यास जगती है।
======================
अमरुद जैसा मीठा स्वाद
तेरी बातों मे आता है।
तभी तो बात करने
का मन मेरा करता है।
======================
चांद भी दिवाना हो गया
देखकर अमरूद के फल को।
खाने को दिल उतावला हो गया
सुंघ कर इसकी प्यारी खुशबू को।
======================
सेब की लाली पर
दिन हर कोई हार जाता है।
तभी तो बाजार से
अमरुद खरीदकर ले आता है।

======================
अमरुद के मीठे स्वाद ने
बच्चो को बिगाडा है।
फैलाकर खुशबू अपनी
पास उन्हे बुलाया है।
======================
केले का मीठा स्वाद भी
खारा लगने लग जाता है।
जब बाजार में अमरुद
सस्ता मिलने लग जाता है।
======================
अंगूर का गुच्छा खट्टा निकल गया
तभी तो अमरुद मीठा निकल गया।
अरे आने लगा अमरुद खाने में मजा
इतने में माली पीछे पड गया।
======================
वो बचपन भी बडा याद आता है
जब अमरुद चुराकर खाया करता था।
अरे आता था स्वाद दिल को बडा
जब नमक लगाकर अमरुद खाया करता था।
======================
पपीता का मीठा रस भी
दिलो कों भाता है।
मगर फिर भी अमरुद
के सामने फिका पड जाता है।
======================
तरबूज को काटा
तो लाल निकल गया।
इतने में अमरुद को देखकर
मुंह में पानी आ गया।
======================
लाल लाल तरबूज में
मीठा पानी होता है।
मगर फिर भी
दिल का अमरुद प्यारा होता है।

======================
नाशपाती की खुशबू नें
चांद को भी तडपाया है।
मगर देखकर अमरूद
चांद धरती पर उतर आया है।
======================
चाशपाती भी देखकती रह गई
जब अमरुद की खुशबू फैल गई।
अरे आने लगे लोग खरीदने अमरुद
इतने में नाशपाती बुरा मान गई।
======================
नाशपाती की अकड ने
उसे कमजोर बनाया है।
अरे बिक गया है अमरुद सारा
और सभी के दिल को भाया है।
======================
वो किसान भी खुदा बन गया
जो अमरुद लगाकर मीठा स्वाद दे गया।
======================
किसान की छांव तले
अमरुद कई पक जाते है।
तभी तो अमरुद
अंदर से मीठे निकल जाते है।
======================
लीची भी दिलों पर राज करती है
पर अमरुद के आगे यह कहां टिकती है।

======================
जो खाता है लीची
उसका दिल ललचा जाता है।
और खा कर अमरुद
दिल को भी मजा आ जाता है।
======================
अमरुद की मीठी खुशबू ने
दिल को बहकाया है।
बुलाकर अपने पास इसने
मीठा रस पिलाया है।
======================
अमरुद के रस का दिवाना तो
चांद भी होता है।
तभी तो अमरुद को देखकर
उसे कुछ कुछ होता है।
======================
ईश्वर को भी भुख लग जाती है
जब अमरुद की खुशबू स्वर्ग चली जाती है।
आते है खाने ईश्वर अमरुद धरती पर
तभी तो तेज हवा चल जाती है।
======================
कीवी की किमते भी आसमान छूती है
तभी तो अमरुद इतनी ज्यादा बिकती है।
======================
पिताजी जब शहर जाते है
अमरुद साथ लेकर आते है।
अरे खाता हूं बडे चाव से मैं
जब अमरुद काटकर पास मेरे लाते है।
======================
चीकू के मीठे स्वाद ने
दिल को पागल बना रखा है।
ओर एक अमरुद की खुशबू ने
दिल का बुरा हाल कर रखा है।
======================
अमरुद की खुशबू जब जब आती है
मेरे दिल की धडकन बढ जाती है।
लगती है भूख मुझे इतनी तेज
कि अमरुद से भरी प्लेट खा जाती है।
======================
अनानास के छिलके में
पुरा दिन बित गया ।
इधर अमरुद धोया
ओर पेट में चल गया।
======================
जो खाता है अमरुद
उसका दिल भी मीठा होता है।
तभी तो उससे इश्क करने में
दिल को भी मजा आता है।

======================
अमरुद की खट्टी मीठी खुशबू ने
विष्णु जी को धरती पर बुला लिया।
बताने के लिए अमरुद का स्वाद
भक्त ने अमरुद विष्णु जी को खिला दिया।
======================
जब अमरुद पकते है पहली बार
किसान भेट ईश्वर को चढाते है।
अरे खाते है ईश्वर भी अमरुद
तभी तो यह इतने मीठे होते है।
======================
गुलाब जैसी महक
अमरुद में आ जाती है।
जब गुलाब की बेल टूटकर
अमरुद के साथ आ जाती है।
======================
अमरुद के छोटे छोटे बिजों पर
गुस्सा बहुत आता है।
जब अमरुद के बिज
दांतों के बिच आता है।
======================
अमरुद जब खाते है
आम का स्वाद भूल जाते है।
अरे आता है जीभ को भी तगडा स्वाद
जब अमरुद पर नमक लगाकर खाते है।
======================
अमरुद का स्वाद
जुबा पर छा गया ।
तभी तो दिल
अमरुद की रट लगा गया।
======================
अमरुद की खट्टी मीठी महक ने
अमरुद को बडा स्वादिष्ट बनाया है।
बिक सके बाजार में यह तगडा
इस काबिल बनाया है।
======================
अमरुद का दिवाना
तो हर कोई मिलता है।
तभी तो बाजारों मे
अमरुद इतना बिकता है।
======================
अमरुद की खुशबू ने
ग्राहकों को पागल कर दिया।
ओर अमरुद के मीठे स्वाद ने
ग्राहकों को बढा दिया।
======================
अमरुद की खुशबू का
हर दिल दिवाना होता है।
खाता है अमरुद दिनभर
ऐसा पागल होता है।
======================
जब चमकते है आसमान में तारे
अमरुद के फल भी महक उठते है।
फैलाते है खुशबू चांद तारों तक
तभी तो तारे टिमटिमाने लगते है।

======================
चांद की चमक ओर बढ गई
जब अमरुद की खुशबू आ गई।
अरे हो गया मदहोश चांद भी
जब अमरुद की मीठास
चांद की जुबा पर चढ गई।
======================
माली की छांव में
अमरुद कई पकते है।
अरे बिकते है यह बजारों मे तगडे
जब अमरुद मीठे निकलते है।
======================
लीची तो बुरा मान गई
जब अमरुद की खुशबू फैल गई।
जब खाया अमरुद को लीची ने
लीची के दिल धडकन बढ गई।
======================
अमरुद जैसी खुशबू
उसे बदन से आती है।
लगाकर होठों पर लाली
जब वो मिलने आती है।
======================
अमरुद भी फिका लग जाता है
जब लाल होठो का स्वाद मिल जाता है।
अरे आता है मजा जीभ को भी
जब अमरुद जैसा मीठो होठ निकल जाता है।
======================
इश्क मे कई वादे करने पडते है
तब जाकर सच्चा इश्क मिलता है।
अरे आता है स्वाद जीभ को भी
जब अमरुद खाने को मिलता है।
======================
हरी साडी पहनकर
वो इतराकर चलने लगी।
जब काटकर अमरुद वो
अकेली ही खाने लगी।
======================

माथे पर लाल बिंदी लगाकर
वो अमरुद खाने लगी।
आया स्वाद उसको भी
जब गाल मेरा चुमने लगी।
======================
उसकी प्यारी सी हंसी ने
दिल को घायल कर दिया।
खा कर अमरुद उसने
होठो को चुम दिया।
======================
अमरुद जैसा मीठा
तेरा बदन लगता है।
तभी तो खाकर अमरुद
दिल को भी अच्छा लगता है।
======================
अमरुद भी फिका लग जाता है
जब तेरे इश्क का नशा चढ जाता है।
अरे आता है स्वाद दिल को भी
जब आंखो से जादू चल जाता है।
======================
एक अमरुद को पकने के लिए
कई कष्टों को सहना पडता है।
रहता है माली की छांव में
तब जाकर यह खाने को मिलता है।
======================
सुरज की तेज धूप में
अमरुद की खुशबू फैल गई।
खा कर वो अमरुद
बडी मस्त बन गई।
======================
क्रिम लगाकर वो
खुदकों चांद समझती है
खाती है अमरुद
और खुदको धनवान समझती है।
======================
गरीबों के घरों मे
अमरुद कई मिलते है।
तभी तो खुशियों के डेर
गरीबों के पास मिलते है।

======================
काली अंधेरी रात में
अमरुद चांद को दखकर हंसता रहा।
फैलाकर खुशबू अपनी
चांद को भी तडपता रहा।
======================
माली के बागों मे
कई फल लगते है।
मगर फिर भी माली को
अमरुद अच्छे लगते है।
======================
जब पक जाते है बागों मे अमरुद
तो दिल माली का खुश हो जाता है।
अरे आता है स्वाद उसको भी
जब अमरुद काटकर खाया जाता है।
======================
वो बचपन भी बडा प्यारा था
जब मैं मा का दुलारा था।
लगती थी जब भुख पेट को
अमरुद खाना ही एक सहारा था।
======================
घर के समानें अमरुद के पेड होते थे।
जब लगती थी भूख पेट में
तो अमरुद तोडकर खाया करते थे।
======================
सफलता की होड में
गांव से शहर आ गए।
जो देता था अमरुद
उस पेड को भी छोडकर आ गए।
======================
चंद पैसो की लालच में
अमरुद के पेड को काट दिया।
अरे कैसा मनुष्य है यह
जो विकास के नाम पर जंगल उजाड दिया।
======================

खुदा की आंखो में भी आंसू आते है
जब अमरूद के पेड काटे जाते है।
अरे होता है कष्ट खुदा को भी
जब अमरुद के पेड पर वार किए जाते है।
======================
महलों मे बैठने वाली
अमरुद की दिवानी होगी।
खाती है जो दिनभर अमरुद
ऐसी मेरी घरवाली होगी।
======================
जिसको पसंद है अमरुद खाना
वो आसमान से उतरी रानी होती है।
करती है दिलों पर राज
ऐसी उसकी मस्त जवानी होती है ।
======================
जिसे समझता था गांव की ग्वार
वो शहर में पटका निकल गई।
खा खाकर वो अमरुद
वो परियों की रानी बन गई।
======================
अमरुद भी टोकरी में बिकते है
जब अमीर इन्हे खरीदने आते है।
अरे जाते है यह ठेलों में भरभरकर
जब गरीब अमरुद लेने आते है।
======================
अमरुद का दिल भी खुश हो जाता है
जब गरीब के घर इन्हे ले जाया जाता है।
======================
अमरुद की खुशबू ने
सूरज को भी तडपाया है।
बता कर अपना राज
सूरज को रुलाया है।
======================
अमरुद जैसे मीठे फल का
दिवाना हर कोई होता है।
तभी तो अमरुद खाने का
बार बार मन होता है।
======================
अमरुद तो पेड पर लटका होता है
तभी तो इसे हवा से डर लगता है।
गिर जाता है जमीन पर
जब तेज हवा का झोका आता है।
======================
जब काटा जाता है अमरुद को
तो दर्द बडा तेज होता है।
अरे आता है अमरुद की आंखो में आंसू
जब पालने वाला माली ही इसे खाता है।
======================
वो भी बडा दिलवाला होगा
जो अमरुद के फल बांटता होगा।
अरे होता है बच्चो का दिल खुश
जब अमरुद बच्चों को कोई देता होगा।
======================
अमरुद के पेड को भी मजा आता होगा
जब खुशबू अपनी फैलता होगा ।
अरे तडपते है भूत भी अमरुद खाने के लिए
जब भूतों को अमरुद दिखता होगा ।
======================

अमरुद खाना तो
भूतों को पसद आता है।
तभी तो अमरुद कई बार
खराब निकल जाता है।
======================
अमरुद की खुशबू ने
भूतों को बडा तडपाया है।
बुलाकर अपने पास
खट्टा रस पीलाया है।
======================
अमरुद खाने का मौसम आज है आया।
ओर खा कर अमरुद मेरा दिल भर है आया।
======================
अमरुद खाकर दिल भी खुश हो जाता है
तभी वो गालों को चुम जाता है।
======================
आंखो में भी इश्क का नशा होगा
तभी को गांव में अमरुद पकता होगा।
अरे आता है स्वाद खाने में अमरुद
तभी इतना खास यह होता होगा।
======================

नमक लगाकर जिसे खाया जाता है
उसे भी मीठा है क्या पूछकर खरीदा जाता है।
अरे होता है ऐसा अमरूद
जो पेट भरकर खाया जाता है।
======================
इस तरह से दोस्त, अमरुद पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना ।
- Best 184+ Billi Par Shayari In Hindi बिल्ली पर शायरी
- Top 173+ Bakri Par Shayari, बकरी पर शायरी (प्यारी सी मिमियाहट की शायरी)
- भैंस पर Top 212+ शायरी bhains ke upar shayari (भैंस की जिंदगी पर दो अल्फाज)
- 201+ गाय पर शायरी 2 लाइन Gay Par Shayari In Hindi
- कुत्ते की पूंछ पर 190+ शायरी Kutte Ki Puch Kabhi Sidhi Nahi Hoti Shayari