gulab ke phool par shayari, गुलाब के फूल पर शायरी, gulab ke phool ke upar shayari, गुलाब के फूल पर शायरी, gulab ke phool ke liye shayari गुलाब के फूल की शायरी,
गुलाब के फूल पर शायरी, गुलाब की चमक को लेकर हो सकती है। दूसरा की गुलाब का फुल अधिकतर प्रेम का का इजहार करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसलिए जब गुलाब के फूल पर शायरी लिखी जाती है, तो यह इश्क को जाहिर कर सकती है।
खासकर जब इश्क का इजहार किया जाता है, तो ऐसे में गुलाब के फूल की शायरी काम में आती है। इसलिए यह इश्क का इजहार करती है। दूसरा की गुलाब का फूल चेहरे की चमक ओर होठो की लाली को भी दर्शाता है। इसलिए गुलाब के फूल पर कई प्रकार से शायरी लिखी जा सकती है।
तो आइए गुलाब के फूल पर शायरी पढे।
215+ गुलाब के फूल पर शायरी, gulab ke phool ke upar shayari

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गुलाब को छूने पर
अक्सर कांटे लगते है।
अरे होती है पिडा बडी,
जब दिल को चोट लगती है।
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गुलाब का फूल देकर
इश्क का इजहार मैंने किया।
जो था दिल में प्यार
वो उसकी आंखो को बता दिया।
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गुलाब के फूल जैसे
उसके प्यारे होठ लगते है।
जब चुमते है उन्हे हम
शहद जैसे मीठे वो लगते है।
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गुलाब का फूल भी
इजाजत लेकर तोडते है।
जब दिखती है कोई कन्या
दिन रात उसे हम देखते है।
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जैसे गुलाब का फूल
कांटों में छिपा होता है।
उसकदर दिल हमारा
तेरे बालों मे उलझा होता है।
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जैसे ही मैंने गुलाब को छूआ
गुलाब के काटें भी चुभना भूल गए।
देखकर मेरे चमकते हाथ को
वो मेरी उंगली से लिपट गए।
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गुलाब के फूल को तोडने के लिए
हमने हाथ आगे बढाया था।
अरे चुभ गया हाथ में कांटा
फिर दिन रात घाव पर
मरहम लगाया था।
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गुलाब के फूल को
डालियों से तोड लेते है।
देकर मोहब्बत का वास्ता
खुद से दूर फिर करते है।
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गुलाब के फूल को छूते ही
तन बदन महकने लगा।
अरे हुआ बडा दर्द दिल को
जब गुलाब के फूल को तोड फैंका।
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डाली से तोडकर गुलाब
मैंने उसे दिया था
कमबख्त ने बिना सोचे समझे
सडक पर फैंक दिया था।
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गुलाब का फूल तोडकर
मैंने कोई गुन्हा तो नही किया।
अरे किया है अपने इश्क का इजहार
कोई बुरा काम तो नही किया।
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गुलाब का फूल सपनों मे आता है
तेरी सुरत बनाकर मुझे तडपाता है।
जब तोडते है गुलाब के फूल को
तो कमबख्त कांटो को चुभाता है।
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तेरे गुलाबी होंठो को देखकर
हमे वो गुलाब के फूल लगने लगा।
बस गए दिल में जैसे
गुलाब का फूल दिल में उगने लगा।
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अरे होती है जिनको सच्ची महोब्बत
उनकी किताब में गुलाब का फुल मिलेगा।
अरे करता है उनका कोई इंजार
ऐसा आशिक जरूर कही न कही मिलेगा ।
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सुना है तेरा मुखडा
चांद सा चमकता है।
पर जो है तेरे लाल होठ
वो गुलाब की तरह महकता है।

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मेरा दिल गुलाब का फूल बन गया
अरे देखता है तुझे दिन रात
जैसे प्यार तुझसे इसे हो गया।
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अगर होता है दिल में इश्क
तो इजहार गुलाब का फूल करता है।
लाता है आशिकों को एक दूसरे के पास
ओर उन्हे आपस में प्यार कराता है।
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गुलाब के फूल को तोडने में
कई हाथों को घायल होना पडा है।
ओर सच्ची महोब्बत पाने के लिए
लाखों गुलाब को टूटना पडा है।
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गुलाब का फूल देकर
मैंने इश्क का इजहार किया था।
जो था सपनों का साथी
उसे अपना जीवन साथी बनया था।
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जिसे सपनों में मैं देखता था
वो चांदनी सुरत तेरी निकली।
देखकर मुझे गुलाब का फूल
तु इश्क का इजहार कर निकली।
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जब गुलाब के फूल को तोडा था
तो दिल बडा रोया था।
क्योंकी बसाने अपने घर को
किसी को मैंने अपनों से अलग किया था।
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गुलाब का फूल मैं बेचता हूं
मिलाता हूं दिल को दिल से
ओर आशिक कई बनाता हूं।
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गुलाब का फूल तोडने में
कई हाथों को घायल होना पडता है।
अरे पाने के लिए सच्चा जीवन साथी
कई धोको को सहन करना पडता है।
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तेरे चांद से चेहरे को देखकर
मेरे दिल को इश्क तुझसे हुआ।
देकर तुझे गुलाब का फूल
मेरा दिल बडा खुश हुआ।
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चांदनी सूरत पर

दिल कई मरते है।
तोडते है गुलाब का फूल
ओर तुझे दिन रात देते है।
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इश्क की चाह में
मैंने कई गुलाब के फूल तोड लिए।
न हुआ इश्क हासिल मुझे
फिर मैंने सारे गुलाब के फूल फैंक दिए।
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एक गुलाब मेरी साली के नाम
जो बनती है मेरे दिल की रानी है।
देखते है उन्हे सपनों मे हम
जैसे गुलाब से खिलने वाली परी है।
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गुलाब का फूल देकर
खामोशी से इश्क का इजहार किया।
बनाकर महब्बूबा मैंने
दिन रात उससे प्यार किया ।
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उसके लाल होठों पर
कई गुलाब के फूल का रस लगा है।
तभी तो चुमकर उसके होंठो को
दिल बडा खुश होने लगा है।
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गुलाब के फूल की
खुशबू भी फिकी पड गई।
देखकर तेरी सुरत को
मेरे दिल की धडकन बढ गई।
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गुलाब के फूल को तोडकर
मैंने गुन्हा कर दिया।
कर दिया उसको अपनों से जूदा
ओर फिर अपने प्यार का इजहार कर दिया ।
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जब जब गुलाब का फूल टूटा है
किसी न किसी का दिल जरूर खिला है ।
हुआ है उसे भी किसी कन्या से इश्क
तभी तो गुलाब का फूल महक उठा है।
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जिस प्रकार कांटों मे
गुलाब का फूल खिलता है।
ठीक ऐसे ही एक आशिक का
अपने इश्क से मिलन होता है।
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कांटों मे खिकल गुलाब का फूल
बडा मस्त महकता है।
बनाता है दिल को दिल का दिवाना
जब इश्क का इजहार करता है।
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हर गुलाब की
अपनी एक कहानी है
तभी तो इश्क करने की
मस्त सी जवानी है।
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गुलाब के फूल को देखकर
उसके चेहरे पर मुस्कान खिल गई।
देखकर उसकी मुस्कान को
दिल की धडकन तक खुश हो गई।
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तेरे हाथों मे जो गुलाब का फूल है
वो बडा खुश होता है।
देखता है मुझे तिरछी नजरों से
जैसे प्यार उसे मुझसे होता है।
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एक गुलाब को तोडने के लिए
हाथों को घाव कई मिलता है।
पर हो जाता है दिल खुश जब
दिल दिल से आकर मिलता है।
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गुलाब का फूल भी गजब है

अपनों से अलग होकर मुस्कुराता है।
अरे लगता है वो बडा प्यारा
जब तेरे हाथों में खिल उठता है।
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तुझे पाने के लिए
कई गुलाब के फूलों को कुर्बान किया है।
इश्क का इजाहार करने के लिए
मैंने दिल को आज तैयार किया है।
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जिस गली में मैंने जाना चाहा
वहां पर काटें मुझे कई मिल गए।
मगर जब देखा तुझे
तो दिल कहा आखिर गुलाब मिल गए।
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हर रात तुझे गुलाब का फूल
गिफ्ट मे मैं देता ।
अगर करती हमसे प्यार तु
तो तुझे दिल की रानी बनाता।
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गुलाब के फूल की तरह
तु मेरे लिए खास है।
बसती है इस दिल में
जैसे दिल के पास है।
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गुलाब का फूल तुने लेकर
मेरी महोब्बत को अमर किया है।
बनाकर तुने मेरे दिल को दिवाना अपना
मुझ पर बडा रहम किया है।
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गुलाब का फूल बाजरों मे कई मिलते है
पर तेरे जैसा महबूब लाखों मे मिलता है।
देखती हूं जिसे दिन रात
ऐसा नशा तेरी आंखो में मिलता है।
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तेरे बिना गुलाब का फूल भी
फिका पड गया।
जब देखा तेरे चांद से चेहरे को
यह फूल भी खिल गया।
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गुलाब के फूल को लेकर तुने
मेरी महोब्बत को अमर कर दिया।
जो था तेरे दिल में
वो आंखो से कह दिया।
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तेरी प्यारी सी झलक पर

दिल मैं अपना हार बैठा।
तोड ले आया गुलाब का फूल
ओर तुझे इश्क मे दे बैठा।
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एक गुलाब के फूल को तोडने के लिए
मुझे चोट कई लगी है।
अरे निकला है खून पर खून
तब जाकर तेरे चेहरे पर मुस्कान खिली है।
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गुलाब का फूल भी गजब होता है
कांटों मे खिलकर होंठो पर हंसी लाता है।
बनाता है दिलों को दिवाना
ओर खुद मुरझा जाता है।
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दिल को दिवाना बनाकर
उसने गुलाब का फूल दे दिया।
देकर गालों पर पप्पी
इश्क का इजहार कर दिया।
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गुलाब के फूल के लिए
हाथों को घायल होना पडता है।
अरे मिलता है आशिक हर किसी को
पर इसके लिए पहले सफल होना पडता है।
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गुलाब के फूल को देखकर
जान तेरी याद मुझे आ गई।
पर सो गया रात को मैं
तो मिलने तु सपनों मे आ गई।
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तेरे गुलाबी होंठो की कसम
तु गुलाब का फूल लगती है।
अरे बन जाती है महबूबा दिल की
जैसे दिल से इश्क तु करती है।
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गुलाब का फूल देखते ही
तेरे गुलाबी चेहरे की याद आ गई।
कैसे चमकते थे तेरे होठो पर लाली
वो रात मुझे याद आ गई।
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हर डाली पर गुलाब खिलता है
पर इसके लिए माली बनना होता है।
अरे तोड लते है गुलाब का फूल
पर इसके लिए घायल हाथों को होना पडता है।
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तेरे गुलाबी होठो को जब मैंने चुमा
गुलाब के फूल का अहसास हुआ।
देखकर तेरे चांद से चेहरे को
मुझे भी इश्क तुझसे हुआ।

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तेरे प्यार में मैं
गुलाब का फूल तोड लाया।
करने तुझसे इश्क का इजहार
घायल मेरा दिल हो गया।
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एक तो गुलाब का फूल
ओर दूजी तु दोनो लाजवाब हो।
देखकता है तुझे दिन रात मेरा दिल
जैसे दिल की रखवाली तुम हो।
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इश्क का इजहार करने के लिए
गुलाब का फूल लेकर हम चले गए।
जब पता चला है उसका आशिक कोई ओर
दिल का नाता उससे तोडकर हम आ गए ।
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गुलाब के फूल से प्रेम होगा
तो कांटो से अक्सर खुन निकलेगा।
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गुलाब के फूल को तोडने पर
कांटो से घाव कई होते है।
जब देखते है तेरे होंठो को
दिल के बुरा हाल होते है।
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गुलाब के फूल
अक्सर कांटो मे छिपे होते है।
तभी तो तोडने वालों के हाथ
घायल बडे होते है।
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तेरे हुस्न ने तुझे
शराब बना रखा है
उपर से इन होठो ने
गुलाब का फूल बना रखा है।
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गुलाब के फूल को जब जब देखता हूं
तेरी यादि मेरे दिल को आती है।
अरे क्यों सुखा है गुलाब किताबों मे
वो बातें याद हल पर आती है।

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अरे होता है जिनको सच्चा प्यार
उनकी किताबों में गुलाब का फूल मिलेगा।
सुख गया है गुलाब का फूल
फिर भी प्यार आज भी दिल में मिलेगा ।
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तेरे मुखडे को देखकर
मेरा दिल खुशी से खिल गया।
देखकर तेरे लाल होठो को
गुलाब का फूल भी फिका पड गया।
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तेरे होठो की मुस्कान मुझे
गुलाब के फूल का अहसास दिलाती है।
चुमता रहू इसे दिन रात मैं
ऐसा ख्वाब याद दिलाती है।
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जब साते है रात को हम
तो तेरी सुरत सपनों मे दिखती है ।
मरते है इस पर हम दिन रात
क्योंकी गुलाब के फूल जैसी तु महकती है।
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तेरा हुस्न भी गजब ढा रहा है
गुलाब के फूल जैसा महककर
दिल का बुरा हाल कर रहा है।
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गुलाब का फूल ही काफी था
दिल को दिवाना तेरा बनाने के लिए।
तेरा चांद सा मुखड भी खास है
तुझे चांद की रानी बनाने के लिए।

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इश्क की बात कहकर
वो गुलाब का फूल तोड ले गया।
कर दिया जुदा उसे डाली से
ओर घर अपना वो बसा लिया।
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अरे पेड पौधो में भी जान होती है
तभी तो गुलाब के फूल की पहचान होती है।
मत तोडा करो उसे बेवजह तुम
आखिर एक गुलाब से तो हसीना राजी होती है।
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गुलाब का फूल भी तेरे सामने झूकता है
बनकर धडकन तेरे दिल की
मेरा दिल तेरे दिल में बसता है।
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गुलाब का फूल भी गजब होता है
मिलाता है दिल को दिल से
ओर खुद कांटो मे बडा होता है।
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खुदा कसम तुदे दिन रात याद करते है।
तेरे होठ गुलाब से बडे महकते है।
अरे मरते है इन पर हम जब जब
एक गुलाब का फूल तोड लेते है।
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इश्क का वास्ता देकर
उसने गुलाब के फूल को तोडा है।
बसा लिया है अपने घर को
ओर फूल को सडक पर फैंका है।
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डाक के द्वारा उसने
गुलाब का फूल भेजा था।
जो था दिल में प्यार
वो लिखकर भेजा था।

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तुझसे इश्क का इजहार हम भी करते
पर कमबख्त शहर में
गुलाब के फूल खत्म हो गए………….
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जब जब सोते है रात को
तेरे मुखडे के दर्शन होते है।
अरे सजे हुए गुलाब के फूल
तेरे होठो पर मुझे मिलते है।
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तेरे मुखडे को देखते ही
मुझे तुमसे प्यार हो गया ।
अरे खिल गया तेरे नाम का
गुलाब का फूल मेरे दिल में
ओर दिल तेरा दिवाना हो गया।
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एक गुलाब का फूल
कई यादे मुझे दिला गया।
सुख गया खुद तो
पर मुझे अपना प्यार याद दिला गया।
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इश्क हम कई लड़कियों से करते है
तभी तो गुलाब के फूल उन्हे दते है।
पर पड गए शहर में गुलाब ही कम
तबसे गुलाब के फूल हम खुद उगाते है।
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तो इस तरह से दोस्त, गुलाब का फूल पर शायरी कैसी लगी कमेंट मे जरूर बताना ।
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