Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

रजनीगंधा पर शायरी, rajnigandha par shayari, rajnigandha shayari, रजनीगंधा के फूल पर शायरी, rajnigandha shayari in hindi, रजनीगंधा शायरी

रजनीगंधा नामक एक फूल होता है, और इस फूल की खासियत यह होती है कि यह रात में खिलता है।  और इसके बाद में काफी अच्छी खुशबू दूर दूर तक पहुंचाता है। जो की दिल को खुश कर देता है।

और रजनीगंधा के फूल पर शायरी इसकी इन्ही खासियत को ध्यान में रखकर लीखी जाती है। बहुत बार देखा गया है कि रजनीगंधा पर शायरी इसकी खुशबू की तुलना इश्क से करकर की लिखी जाती है।

तो आइए दोस्त, कुछ ऐसी ही रजनीगंधा पर शायरी पढे,

Rajnigandha par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

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जब घर में रजनीगंधा का फूल खिलता है

घर का हर कोना महक उठता है।

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सुरज को देखकर

रजनीगंधा का फूल मुर्झा जाता है।

जब देखता है अंधेरी रात के चांद को

रजनीगंधा का फूल भी खिल जाता है।

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चांद का दिवाना तो

रजनीगंधा का फूल होता है।

अरे देखता है चांद को पुरी रात भर

जैसे चांद का रखवाला होता है।

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अंधेरी रातें भी महक उठती है

जब रजनीगंधा की खुशबू आती है।

अरे पडती है चांद की रोशनी जब

रजनीगंधा के फूल को भी हंसी आती है।

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रातों की रानी होती है

तभी तो चांद को देखकर हंसती है।

अरे खिलता है जब रजनीगंधा का फूल

इश्क की बातें वो करती है।

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रजनीगंधा के फूल को

रातों की रानी कहते है।

फैलाता है यह खुशबू चांद तक

तभी तो चांद का दिवाना इसे कहते है।

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रजनीगंधा के एक एक फूल ने

दिल के हर कोने को महकाया है।

बनकर इश्क की खुबशू

दिल के दर्द को दूर किया है।

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तेरे गुलाबी होंठो की मुस्कान ने

रजनीगंधा के फूल को भी हराया है।

ओर तेरी चांद जैसी सुरत ने

रजनीगंधा को दिवाना बनाया है।

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तेरी इश्क भरी बातों में

रजनीगंधाक की खुशबू आती है।

तभी तो दिल की धडकन

महक जाती है।

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जब होती है अंधेरी रात

रजनीगंधा का फूल महकता है।

देखता है चांद की चांदनी को

ओर प्यार की बातें उससे करता है।

Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

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तेरे गुलाबी गालों मे

रजनीगंधा की खुशबू बहती है।

अरे लगाती है जब तु होठो पर लाली

मेरे दिल की धडकन बढ जाती है।

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तेरे बालों की खुशबू ने

दिल को धडकाया है।

लिपटकर तेरे गालों से

रजनीगंधा को भी तडपाया है।

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रजनीगंधा की खुशबू भी फैल हो जाती है।

जब तु चांद सी चमक जाती है।

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चांद की सफेद चांदनी से

रजनीगंधा ने सफेद फूल है निकाला।

अरे ​फैलाया अपनी खुशबू का जादू

फिर चांद को भी दिवाना अपना बनाया।

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रजनीगंधा के फूल को देखकर

गुलाब का फूल बडा जलता है।

अरे होता है इश्क का साथी गुलाब

फिर भी रजनीगंधा सा न महकता है।

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जिस घर मे रजनीगंधा का फूल होता है

आखिर वही तो खुशबू का बसेरा होता है।

Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

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रजनीगंधा का फूल भी

गजब ढाता है।

बनकर रात की रानी

चांद को भी तरसाता है।

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रजनीगंधा के फूलो की खुशबू

तेरी गंध के सामने फिकी लगती है।

जब लिपटी हो तुम गले से

तो इश्क की बरसात दिल में हो जाती है।

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रजनीगंधा के सफेद फूलो ने

चांद को भी बहकाया है।

करकर इश्क की बातें इसने

चांद को भी आशिक अपना बनाया है।

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जब खिलता है फूल रजनीगंधा का

धडकन चांद के दिल की बढती है।

अरे देखता है चांद सारी रात इसे

फिर भी धडकन कम न होती है।

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तेरी नशीली आंखो ने

इश्क का जादू पिलाया है।

फैलाकर रजनीगंधा की खुशबू तुने

दिल को महकाया है।

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रजनीगंधा का फूल भी ,

रात भर खुशबू फैलाता है।

पर फिर भी यह सुरज की ,

रोशनी के लिए तरसता है।

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जिसकदर रजनीगंधा का फूल

रात को मकहता है।

ठीक ऐसे ही

तु मेरे दिल में बसता है।

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रजनीगंधा के फूल की खुशबू ने

तेरे हर अंग को महकाया है।

चमका कर चांद जैसा तुझे

चांद से उतरी परी बनाया है।

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Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

खामोश अंधेरी रातों मे

डर रजनीगंधा के फूल को भी लगता होगा।

तभी तो चांद की चमक देखकर

यह ​रात को खिलता होगा ।

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तेरे हुस्न के जादू ने

रजनीगंधा की खुशबू को फैल कर दिया।

चमक कर तुने चांद जैसा

दिल को धडका दिया।

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तेरे इश्क की खुशबू ने

हर अंग को महकाया है।

बनकर तु रजनीगंधा का फूल

दिल को खुशबूदार बनाया है।

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रजनीगंधा का फूल

खुशबू का जादू फैलाता है।

करकर तु इश्क की बातें मुझसे

दिल मेरा धडकाता है।

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तेरी बातों का असर

रजनीगंधा की खुशबू बन गया।

कर दिया दिल को घायल इसने

फिर दिल का बुरा हाल हो गया।

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रजनीगंधा का फूल भी

तुझसे अदाए सिखकता है।

तभी तो यह रात भर

इतना ज्यादा महकता है।

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जब जब रजनीगंधा के फूल की खुशबू आती है

कसम से जान मुझे तेरी बहुत याद आती है।

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Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

उसकी आंखो के जादू ने

रजनीगंधा की खुशबू को फैल किया है।

पिलाकर उसने मुझे इश्क का नशा

मेरे दिल का बुरा हाल किया है।

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जब जब रात को हम सोते है

ख्वाब बनकर तेरा चेहरा मिलने आता है।

तडपता है दिल मेरा खुशबू के लिए

तभी रजनीगंधा का फूल महक जाता है।

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रजनीगंधा के फूल की खुशबू ने

बीमार को भी स्वस्थ बनाया है।

महकर इसने हॉस्पिटल में

मरीजों का दर्द दूर किया है।

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हर एक हॉस्पिटल में

रजनीगंधा का फुल होगा।

अरे महकेगा यह पुरी रात भर

आखिर तब बीमारी का दर्द दूर होगा।

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जब रजनीगंधा का फूल खिलता है

दिल भी इश्क का गीत गाता है।

मरता है हर दिल पर

जब मुखडा तेरा सामने आता है।

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रजनीगंधा के फूल की खुशबू ने

दिल का बुरा हाल कर रखा है।

महकार तेरे हुस्न को

तुझे बेमिशाल बना रखा है।

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जब चमकती हो तुम रात के चांद की तरह

तेरे हुस्न से रजनीगंधा की खुशबू आती है।

जब मिलती है तेरी आंखे मेरी आंखो से

मेरे दिल की धडकन तुरन्त बढ जाती है।

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रजनीगंधा के फूल ने

दिल के हर अंग को महकाया है।

बनाकर तेरे हुस्न को पटाका

तुझे फिल्म की हिरोईन बनाया है।

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तेरी आंखो के जादू ने

रात भर मुझे सोने नही दिया।

आती रही तेरे हुस्न से रजनीगंधा की खुशबू

पर फिर भी तुने मुझे छुने न दिया।

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रात की रानी बनकर वो

बडी महकती है।

देखती है प्यार से चांद को

जैसे इश्क चांद से करती है।

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Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

सपनों मे आकर वो दिल को महकाती है।

जो रात की रानी कहलाती है।

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तेरे ​साथ के बिना भी

तेरा अहसास मेरे दिल में रहा ।

जैसे चांद को देखकर

रजनीगंधा का फूल महकता रहा।

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रजनीगंधा का फूल जब जब महकता है।

तेरा हुस्न भी चांद सा चमकता है।

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जब चांद की चांदनी

तेरे हुस्न पर पडती है।

खुदा कसम जान

तु रजनीगंधा जैसी महकती है।

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फूलों की महफिल में

गुलाब सबसे ज्यादा बिकता है।

पर जब आती है खुशबू की बात

तो रजनीगंधा बहुत महकता है।

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तेरे गुलाबी गालों की कसम

तु बडकी मस्त लगती है।

जब लगाती है परफ्युम तु

रजनीगंधा जैसी महकती है।

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रजनीगंधा के फूल ने

चांद तारों को दिवाना बना रखा है।

फैलाकर अपनी खुशबू का जादू

चांद तारों का बुरा हाल कर रखा है।

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रजनीगंधा जैसा फूल

इश्क का जादू चलता है।

फैलाकर खुशबू अपनी

दिल को धडकाता है।

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तेरी चांद जैसी सुरत ने

मेरे दिल का बुरा हाल कर रखा है।

फैलाकर रजनीगंधा जैसी खुशबू

तुने दिल का बुरा हाल कर रखा है।

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Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

रजनीगंधा का फूल भी

इश्क का जादू करता है।

फैलाकर दिल में खुशबू

दिल का बुरा हाल करता है।

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सपनों मे भी तेरी सुरत दिखती है

तभी तो तु रजनीगंधा जैसी महकती है।

अरे बसती है तु आशिकों के दिल में

जैसे दिल की धडकन तु होती है।

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तेरे गुलाबी होंठो की खुशबू

मेरे दिल में बसती है।

दिखती है तु रजनगंधा जैसी मस्त

तभी तो इतनी ज्यादा महकती है।

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जब मेरा दिल उदास होता है

कसम से जान यह तुझे याद करता है।

देखता है तेरी तस्वीर को

जैसे रजनीगंधा चांद को देखता है।

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वो रात भी दिल के लिए खास होती है

जब साथ रजनीगंधा की मुस्कान होती है।

अरे होते है दिल के दर्द सारे दूर

तभी तो इश्क में जीत मिलती है।

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तेरे इश्क की खुशबू ने

रजनीगंधा सा महका दिया।

लिपटकर तुने गालों से

होंठो को चुम लिया।

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रजनीगंधा सी खुशबू तुने फैलाकर

दिल को मदहोस कर​ दिया।

लगाकर दिल को इश्क का रोग

दिल का बुरा हाल तुने कर दिया।

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Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

तेरे गुलाबी हुस्न की खुशबू ने

रजनीगंधा को भी फैल कर रखा है।

बनाकर तुने चांद को दिवाना अपना

चैन उसके दिल का चुरा रखा है।

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जब सोते है रात को

तो ख्वाबों मे तेरी प्यारी सुरत देखते है।

कैसे महकते है रजनीगंधा के फूल

वो चांदनी रात में देखते है।

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खुदा कसम हम तुमसे प्यार करते है

तभी तो तेरी सुरत पर मरते है।

देखते है तेरे रजनीगंधा से बदन को

ओर इसकी खुशबू पर मरते है।

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नीला आसमान भी

चांद को छिपाता है।

जब रजनीगंधा के फूल को

देख वो लेता है।

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रजनीगंधा के फूल ने

आसमान को भी पागल बना रखा है।

फैलाकर खुशबू का जादू

आशिक आसमान को बना रखा है।

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रजनीगंधा के फूल ने

दिवाना ईश्वर को बनाया है।

पिलाकर खुशबू का नशा

अपना उन्हे बनाया है।

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रनजीगंधा का फूल भी

खुद पर नाज करता होगा।

देखता है तेरी चांदनी सुरत को

ओर तुझसे प्यार करता होगा।

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तेरी खूबसूरती ने

मेरे दिल का बुरा हाल कर रखा है।

चुम चुमकर तुने मेरे गालों

रजनीगंधा जैसा महका रखा है।

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जिस गाल को तुम चुमती हो

वो रजनीगंधा का फूल बन जाता है।

अरे महकता है वो दिन रात

जैसे चांद को देखकर खिला जाता है।

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अगर मिल जाए तेरा साथ मुझे

तो दिल का भी दर्द दूर होगा।

महक उठेगा दिल मेरा

जैसे रजनीगंधा का फूल दिल में होगा।

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रजनीगंधा के फूल की खुशबू ने

दिल में बगीचा बना रखा है।

फैलाकर अपनी खुशबू का जादू

मेरे दिल को महका रखा है।

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चांद से ज्यादा

रजनीगंधा का फूल चमक गया।

देखकर चांद का दिल जल गया ।

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जब चमकता है रजनीगंधा का फूल

चांद को भी बडी जलन होती है।

जब फैलती है फूल की खुशबू चारों ओर

चांद को भी अच्छी लगती है।

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जब तेरा साथ मुझे मिलता है

दिल की धडकन भी थम जाती है।

करती है याद उस रात को

जब रजनीगंधा महक जाती है।

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तेरा साथ जब जब मुझे मिलता है

रजनीगंधा का फूल बडा हंसता है।

देखकर जोडी हमारी

खुबशू का जादू फूल चलाता है।

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जब छत पर ​तु आती है

रजनीगंधा जैसी खुशबू आती है।

अरे महक जाती है दिल की धडकन

जैसे मानों तु मेरे दिल में बस जाती है।

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अगर महोब्बत खुशबू से होती

तो रजनीगंधा के कई आशिक होते ।

मरते उसकी एक झलक पर

जब चांद सितारे दिवाने होते।

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उसकी चांदनी सुरत को देखकर

चांद भी शर्मा जाता है।

जब आती है खुशबू रजनीगंधा की

तो चांद तक झुम उठता है।

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रजनीगंधा की खुशबू ने

शराब को भी फैल कर रखा है।

पिलाकर अपनी खुशबू का जादू

आशिकों का बुरा हाल कर रखा है।

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नीले आसामन में

बादल कई नजर आते है।

अरे होते है खुश वो भी

जब रजनीगंधा से महक जाते है।

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रजनीगंधा के फूल ने

दिल को महकाया है।

बनकर इश्का का साथ

पूरी रात मुझे तडपया है।

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उसकी प्यारी सी मुस्कान ने

दिल के दर्द को दूर किया है।

लिपटकर रजनीगंधा के फूल से

खुशबू का अहसास किया है।

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तेरे लंबे लंबे बालों मे से

रजनीगंधा की खुशबू आती है।

तभी तो देखकर इन्हे

मेरे दिल की धडकन बढती जाती है।

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सुरज भी रजनगंधा से इश्क करता है

पर उसकी खुशबू के लिए तरसता है।

अरे लगता है सुरज को चांद से डर

तभी तो यह रात को छिपकर रहता है।

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चांद भी पालग हो जाता है

जब रजनीगंधा की खुशबू मे खो जाता है।

हो जाता है चांद के दिल का बुरा हाल

जब रजनीगंधा के फूल से​ फिका रह जाता है।

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Rajnigandha Par Shayari, 182+ रजनीगंधा के फूल पर शायरी

दिल में कई फूल खिलाए है

जिनमें से एक गुलाब का फूल है।

अरे महकता है जो मेरे दिल को

वो प्यारा सा रजनीगंधा का फूल है।

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तो इस तरह से दोस्त, रजनीगंधा का फूल पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।

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