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कागज के जो फूल होते है वो किसी खेतों मे उगाई गई फसल से पैदा नही होते है, असल में कागज की मदद से बनाए जाते है। जैसे की रंग बिरंगे आजकल बाजार में कागज मिलते है। जिनके उपयोग से कागज के फूलो को बनाया जाता है।
और कागज की मदद से लगभग सभी प्रकार के फूलों को बनाया जा सकता है। जैसे की गुलाब, कमल, सरसों का फूल आदी प्रकार के फूलों को कागज की मदद से बनाया जा सकता है।
और इस लेख में हम इसी प्रकार के कागज के फूलों पर शायरी लेकर आए है, तो आइए कागज के फूलों पर शायरी पढे,
188+ kagaj ke phool par shayari, कागज के फूल पर शायरी

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अरे कागज का फूल भी खिल जाता है
जब महोब्बत का साथ उसे मल जाता है।
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कागज का फूल भी इश्क जाहिर करता है।
यदि महोब्बत कोई दोनो ओर से करता है।
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कागज के फूलों ने
इश्क जाहिर कर दिया।
अरे था जो महबूबा का दिल
उसे घायल तक कर दिया।
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कागज से भी बनते है
रंग बिरंगे फूल ।
अरे खिलते है जब वो
महके है जैसे हो गुलाब के फूल ।
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कागज के फूलों मे
दिल को सजाकर भेजा था।
कमबख्त ने फूल के साथ
दिल को भी रख लिया था।
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अगर सच्चा प्यार होता है।
तो कागज का फूल भी
गुलाब सा महकता है।
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कागज का फूल भी
दिल पर वार करता है।
जब वो छिपकर
इश्क की बात करता है।
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कागज का एक फूल बनाकर
दिल को बहलाता हूं।
करती है तु प्यार मुझसे
यह बात दिल को बतलाता हूं।
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अरे होते है जो कागज के फूल
वो चांद सा चमकना भूल गए।
करकर गुलाब से मुकाबला
खुद कागज के फूल बिखर गए।
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कागज के फूल ने बताया
पानी उसे नुकसान पहुंचाता है।
देता है तुझे जीवन दान
उसके लिए जहर बनता है।
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उसे देखकर मुझे भी प्यार उससे हो गया
इश्क का इजहार करने के लिए
मैं कागज का फूल बना ले आया।
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कागज के फूल को देखकर
वो हसीना बुरा मान गई।
जो थी दिल में बात उसके
वो आंखो से कह गई।
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दिल के बाग में
एक एक फूल सजाया था।
जब करने लगा इश्क दिल
कागज के फूल बाहर निकल आया था।

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कागज के जो फूल होते है
वो गुलाब से महकते नही है।
फिर भी सजाते है लोग उन्हे
पर दिल को मिलाते वो नही है।
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कागज के फूलो को लोग सजाते है
खुशी के उगम वो गाते है।
अरे नही आती खुशबू उनसे
फिर भी जन्मदिन पर फूल लाते है।
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जो कागज के फूल होते है
वो खुशबू में फिके होते है।
अरे लगते है बडे बेकार वो
जब मैंदान में गुलाब होते है।
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जो वादा तुने किया था
वो कागज का फूल बन निकला।
जो बिताया था तुने मेरे साथ पल
वो सपनों मे खो निकला।
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उसकी मुस्कान को देखकर
मुझे कागज के फूल की याद आई।
लगती है मुस्कान बडी मस्त
पर झूंठी मुस्कान चेहरे पर छाई।
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कागज के फूलों ने भी
दिल को महकाया है।
करकर इश्क का इजहार
दिवाना उसने बनाया है।
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गुलाब का फूल नही मिला
तो कागज का फूल ले आया।
करकर इश्क का इजहार उससे
चुमकर उसके गाल मैं आ गया।
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कागज के फलों से भी
चेहरे पर मुस्कान आती है।
अगर करती है महबूबा इश्क
तो दोडकर मिलने वो आती है।
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कागज के फूल दिन रात मिलेगे
चाहों तो वो घर पर खुब खिलेगे।
बिना पानी के भी यह फूल
हंसते तुझे मिलेगे।
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कागज के फूलों को देखकर
उसकी खुशबू की तारिफ कर दी।
फिर दिल ने कहा
तुने तो बडी बेवकुफी कर दी।

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कागज के फूलो से
खुशबू की उम्मीद नही होती।
जब लगती है दिल को चोट
तो किसी को तकलीफ नही होती।
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कागज के फूलों
जैसा हाल मेरा हो गया
लगता हूं बडा मस्त
पर असल में फिका मैं पड गया।
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आज की इस दुनिया में
कागज के फूल बिकते है।
नही आती है खुशबू उनसे
फिर भी गुलाब से महकते है।
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जिसे गुलाब का फूल समझ
इश्क मैंने किया था।
वो कागज का फूल निकला
फिर मैंने भी उससे नाता तोड लिया था।
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कागज के फूलों को
पानी से बडा डर लगता है।
अरे नही सह सकते वो बारिश को
ऐसा हाल उनका होता है।
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कागज के फूलों मे भी जान होती है
जब उनसे चेहरे पर हंसी खिलती है।
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कागज के फूल भी
पेड कटने से बनते है।
मत मानों उनको कम
उनसे दिल कई खुश होते है।
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कागज के फूलों ने
दिल को महकाया है।
अरे नही है खुशबू उनमें
फिर भी दिल को वो भाया है।
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उसके होंठो की मुस्कान
कागज का फूल निकली।
आई बारिश तो
मुस्कान छिपकर निकली।
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गुलाबी गालों पर
कागज के फूल चमकते है।
देखते है जिन्हे दिन रात हम
वों चांद की तरह हंसते है।

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रंग बिरंगी कागज के फूल मैंने बनाए थे
इश्क का इजहार करने के लिए
उन्हे अपने पास बुलाए थे।
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कागज का फूल भी
इश्क का साथी होता।
अगर न होता बारिश से खतरा
तो वो भी चांद सा हंसता।
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कागज का फूल
बारिश से बडा डरता है।
जब होती है बारिश
छिपकर वो रहता है।
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कागज के फूलों ने
इश्क करना मुझे सिखाया है।
कैसे सजते है दुसरों के लिए
वो गुलाब सा बनकर उन्होने दिखाया है।
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कागज के फूल भी
गुलाब से महका गए ।
जब लिपटकर गालों से
इश्क का पैगाम पहुंचा गए।
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कागज के फूलों से
घर को मैंने सजया था।
पर आती नही थी खुशबू उनसे
तो घर महक न पाया था।
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अरे कुछ रिश्तें
कागज के फूल की तरह होते है।
दिखते है सुंदर बडा
पर अंदर से खोखले होते है।
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वो इश्क का इजहार करकर चली गई।
देकर कागज का फूल
कमबख्त गालों को चुमकर चली गई।
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कागज के फूलों ने
इश्क का पैगाम पहुंचाया है।
जाकर उसके घर में
मेरी तस्वीर को पहुंचाया है।
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कागज का फूल भी हम
उनकी तस्वीर से बनाते है।
करते है इतना इश्क उनसे
की कागज को भी महकाते है।

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जो बनाते है कागज के फूल
वो दिल भी बाग होते है।
रखते है ख्याल दिल का
इतने प्यारे उनके दिल होते है।
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कागज का फूल भी
इश्क की खुशबू फैलता है।
पर फर्क यह होता है कि
खुशबू नाक से सुंघी न जाती है।
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आजकल महोब्बत भी
कागज का फूल बन गई।
दिखती है सच्ची
मगर झूंठ उसमें छिप गई।
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मत करना हर छोरी पर भरोषा तुम
कुछ कागज की फूल भी होती है।
जो करती है दिखावा बडा
पर अंदर से बेशर्म होती है।
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कागज के फूलों को छुआ
तो दिल को बडा दर्द हुआ।
तडपते है वो इज्जत के लिए
क्योंकी यह फूल भी असली न हुआ।
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कागज के फूलों से भी प्यार होता है
उन्हे देखकर भी दिल खेलता है।
अरे लगते है दिल को प्यारे वो
जब फूल हाथों से बनता है।
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बच्चों का बडे प्यारे लगते है
कागज के बने फूल ।
उनके सामने फिके पड जाते है
गुलाब जैसे खुशबूदार फूल।
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कागज के फुलों ने
दिल मे जादू कर दिया।
करकर इश्क की बातें इसने
मेरे दिल को बेकाबू कर दिया।
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कागज के फूलों को
आग से तो बडा डर लगता है।
जब जाते है पास आग के
तो फूल भी साथ जलता है।

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दिल में लगी आग देखकर
कागज का फूल जल गया।
देखकर आंखो में आसू
फूल को भी दर्द का अहसास हो गया।
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कागज के फूल बनाकर
उसने मेरे दिल को बहलाया था।
हो गई बारिश बडी तेज
फिर असलियत सामने आया था।
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हर रंगीन चींज गुलाब नही होती
कुछ कागज के फूल भी होते है।
पर लाते है मुस्कान वो भी
ऐसे कागज के फूल होते है।
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कागज के फूल को भी
प्यार का अहसास होगा ।
समझा जाए अगर उन्हे गुलाब
तो खुश उनका दिल होगा।
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कागज के फूल किसी पौधे पर नही उगते।
पर वो किसी गुलाब से कम भी नही होते।
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कागज के फूलों को देखकर
कई बार दिल को दर्द होता है।
कैसे तड़पते है असली फूल बनने के लिए
जब यह अहसास मेरे दिल को होता है।

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कागज के फूल भी
हवा से उडकर चले जाते है।
अरे न होता है इनका कोई वजुद
तभी तो पानी में बिखर जाते है।
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कागज के फूल पर यकिन मत करना
वो पानी की बुंदों मे मिट जाते है।
हो जाती है उनकी सुरत बुरी
जब वो आग के पास जाते है।
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कई बार कागज के फूल भी
गुलाब को फिका कर देता है।
जब यह कागज का फूल
किसी का दिल खुश कर देता है।
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कागज के फूल में भी
खुशबू बडी आती है।
जब वो गुलाब सी मुस्कान
अपने चेहरे पर लाती है।
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कागज के फूलों से भी प्यार किया है
तभी तो अपना हाल बुरा हुआ है।
अरे समझा था जिसे गुलाब मैंने
उससी से दिल को बडा धोका हुआ है।
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कागज के फूलों को देखकर
गुलाब उन्हे मत समझना।
अरे होते है वो बडे कमजोर
उन्हे इश्क का साथी न समझना।
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दिल के बाग में
कागज के फूल उगाए थे।
तभी तो इश्क में
धोका मैंने कई खाए थे।
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कागज के फूल जबसे खिले है
गुलाब भी फिके लगने लगे है।
अरे होती है किमत बडी ज्यादा गुलाब की
तभी तो कागज के फूल बिकने लगे है।
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कागज के फूल को देखकर
गुलाब बडा जलता है।
फैलाता है अपनी खुशबू
फिर भी कागज का फूल बिकता है।

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गुलाब कि किमत
इश्क करने वाले जानते है
तभी तो कागज के फूल
फिके पड जाते है।
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कागज के फूलो ने
दिल का हार बुरा किया है।
तडपा तडपा कर मेरे दिल को
खुब जलाया है।
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कागज के फूल भी
इश्क का वार दिल पर करते है।
करते है प्यार की बातें जब जब
दिल का बुरा हाल करते है।
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आंखो से जादू चल गया
देखकर कागज के फूल को।
दिल भी बडा महक उठा
पाकर फूल की खुशबू को।
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कागज के फूल भी
चांदा सा हंसते है।
देखते है गुलाब को
ओर उसे जलाते है।
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बरसात में भी कागज का फूल खिल गया।
तभी तो गुलाब इतना ज्यादा जल गया।
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अगर होता है जन्म दिन किसी का
तो कागज के फूल काम में आते है।
मिलते है बसे सस्ते वो
तभी तो खरीदे जाते है।
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कागज के फूल को मैंने
गुलाब तक समझा था।
जब आई बारिश तेज
तो फूल को कमजोर देखा था।
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कागज के फूल भी
दिल पर वार कर लेते।
अरे लोग उन्हे
असली समझ लेते।

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इश्क का इजाहर करने के लिए
कागज का फुल वो ले आया।
करकर इश्क की बातें उससे
दिवाना उसे अपना बना आया।
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कागज के फूलों मे दम नही होता
तभी तो उनका मुकाबला
गुलाब से नही होता ।
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कागज के फूल भी
बडे चमकते है
जब देखते है गुलाब को
तो छिपकर गली से निकलते है।
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कागज के फूल बनकार वो
धनवान बनने लगी है।
न लगती है धुप उसे
तभी तो गोरी होने लगी है।
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कागज के फूल बनाना एक कला होती है।
तभी तो यह बाजार में खुब बिकती है।
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कागज के फूलों ने
दोस्ती करना सिखाया है।
कैसे रहते है गुलाब से सस्ते
यह बिकर बताया है।
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कागज के फूलो ने
बाजार में धाक जमा रखी है।
ले जाए ग्राहक उन्हे खरीदकर
इतनी किमत कम कर रखी है।
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उसके सुंदर मुखडे को
कागज पर उतार बैठे।
फिर बना दिया कागज का फूल
और इश्क का इजहार हम कर बैठे।
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कागज के फूल में तेरी सुरत छिपी है।
क्यो है तु मेरे लिए खास वो बात छिपी है।
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बच्चों का बडे प्यारे लगते है
कागज के बने फूल ।
अरे फिके लगते है उनकों तो
गुलाब के असली फूल।
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बच्चों का जो मन बहलाए
आखिर वही तो कागज का फूल कहलाए।
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कागज के रंग बीरंगे फूलो ने
दिल को दिवाना बना रखा है।
देखती रहूं दिन रात उन्हे
ऐसा हाल कर रखा है।

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कागज के फूलों से
प्यार मेरे दिल को हो गया।
तभी तो देखकर
गुलाब कागज के फूल से जल गया।
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कागज का फूल भी
बडा दिवाना होता है।
करता है तारिफ चेहरे की
ओर दिल में बसता है।
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कागज का फूल भी
दिल में जगह बना लेता है।
जब गुलाब की बात करकर
उसे फिका बना देता है।
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तो इस तरह से दोस्त, यह जो शायरी है वो कागज के फूल पर शायरी है । यदि आपको पसद आई हो तो कमेंट में बतना।
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