पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

palash ke phool shayari, पलाश के फूल पर शायरी, palash ke phool par shayari, पलाश फूल शायरी, palash phool shayari, पलाश के फूल शायरी,

दोस्त, पलाश नामक एक वृक्ष होता है, और इस पेड पर जो फूल आते है उन्हे पलाश के फूल कहा जाता है। यह फूल काफी अधिक आकर्षित होते है, जिसके कारण से इन फूलो को “जंगल की आग” कहा जाता है।

इसलिए दोस्त, पलाश के फूल पर जो शायरियां है वो पलाश के फूल ओर जंगल की आग दोनो की तुलना करते हुए बनाई जा सकती है। दूसरा की दोस्त, पलाश के फूल की खुबसूतरी की तारिफ की जात सकती है और फलो का काफी आकर्षक बताया जा सकता है।

तो आइए दोस्त, पलाश के फूलों पर शायरी पढे,

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

एक पलाश के फूल ने

दिल में जगह बनाई है।

करकर इश्क की बातें इसने

दिल की धडकन बढाई है।

======================

पलाश के फूलों ने

जंगल को आग से जला दिया।

चमक कर दिन रात

बाकी फूलो को फिका कर दिया ।

======================

पलाश के फूल दिन को खिचते है

करते है दिल से बातें वो बडी

ओर प्यार दिल से करते है।

======================

पलाश के फूलों का लाल रंग

दिल को मेरे भा गया।

करकर तेरी बात यह

मेरे दिल को तेरा दिवाना बना गया।

======================

पलाश के फूल जब जब चमकते है ।

जंगल के जानवारों के मन उछलते है।

======================

सुखे जंगल मे पलाश का फूल

जब जब मुस्कुराता है।

लगता है इतना प्यार जंगल

जैसे फिर से चमक उठता है।

======================

पलाश के फूल है

प्रकृति की सान ।

इससे मिलकर बनता है

अपना हिंदुस्तान ।

======================

आग जैसे चमकते है पलाश के फूल

अरे फिके पड जाते है

इसके सामने बाकी सब फूल ।

======================

पलाश के फूलों ने

दिल पर वार किया है।

बनकर इश्क का जरिया यह

इश्क शुरु किया है।

======================

पलाश के फूल जब खिल उठे

धरती भी चांद जैसी चमक उठी।

अरे बन गई वो सब बातें

जब धरती गुलाब सी महक उठी।

======================

पलाश के फूल के सामने

गुलाब भी​ फिका पडता है।

अरे चमकता है फूल इतना प्यारा

कि दिल हर किसी का धडकता है।

======================

पलाश के फूलों ने

जंगल को खुशबू से महकाया है।

चमककर दिन रात इन्होंने

जंगल को चांद का दिवाना बनाया है।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

जब​ चांद की रोशनी

पलाश के फूल पर पडती है

तो जंगल में रह रहे जानवरों की

धडकन तक खुश होती है।

======================

पलाश के फूलों ने

हिरण को बहकाया है।

बुलाकर अपने पास इसने

प्यार का रस पिलाया है।

======================

गुलाब भी फिका पड जाता

अगर हाथ में पलाश का फूल हो

अरे जंगल तक महक उठे

जब मुकाबला इसका चांद से हो ।

======================

चांद भी अपनी चांदनी भूल जाए

जब पलाश के फूल को देखता है।

अरे हो जाता है दिवाना इसका

जब इसकी खुबसूरती पर मरता है।

======================

पलाश का फूल जब खिलता है

जंगल भी आग जैसा चमकता है।

अरे होते है बहुत से दिल खुश

जब फूलो का रस वो चखता है।

======================

गुलाब सा नाजुक नही है,

पर फिर भी जंगल की सान है वो।

अरे कहते है जिसे पलाश का फूल

वो कमल का फूल नही बल्की जंगल की आग वो।

======================

अगर कठिन हालात हो

तो डरना नही होता है।

अगर हो पलाश का फूल साथ में

तो इश्क करना जरूरी नही होता।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

पलाश के फूलों ने

चुपचाप जंगल को सुरज सा सजाया है।

फैलाकर अपनी खुशबू दूर दूर तक

अपना रस पिलया है।

======================

पलाश के फूलो का दिवाना

हर जानवार हो गया ।

अरे जबसे इसकी

खूबसूरती का दिवाना वो हो गया ।

======================

पलाश का फूल भी गुलाब सा महकता है

अगर कोई इससे इश्क करता है।

======================

पलाश का फूल जब जब महकता है

उम्मीद की एक नई किरण लेकर आता है।

होता है सफल जीवन में तुझे

वो बातें बताकर जाता है।

======================

पलाश के फूलों ने

होली का रंग बनना सिखलिया।

कैसे करना है दिल को घायल

उन बातो को सिखलिया।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

जब पलाश का फूल खिलता है

तो सुनसान राह भी महकता है।

लगता है दिन उस स्थान पर

जहां पर पलाश का रंग बिकता है।

======================

पलाश के फूल

चिला चिलाकर कहते है।

हार न मानने का संदेश

पल पल यह देते है।

======================

पलाश के फूल ने सिखाया

कठिनाईयों को पार कैसे करना है।

लडता है उनसे ओर जीत हासिन करना है।

======================

पलाश के फूलों के लाल रंग ने

जंगल को ओढनी उढाई है।

सजाकर इसे इतना प्यारा

सुरज की दुल्हन बनाई है।

======================

तेज धूप में भी

पलाश का फूल खिलता है।

चमकता है खुद ओर

जंगल में प्रकाश फैलाता है।

======================

पलाश का फूल जबसे खिला है

जंगल भी आग के लिए तरसा है।

सजाया धरती को दुल्हन जैसा प्यारा

देखकर इसे सुरज तक तरसा है।

======================

पलाश के लाल फूल ने

बसंत ऋतु को एक पहचान दी।

सजाकर जंगल को दुल्हन जैसा

चांद को भी एक जान दी।

======================

पलाश का फुल जब जब खिलता है

चांद भी देखकर खुश होता है।

अरे लगता है जंगल इतना प्यारा

जब लाल रंग से मिलकर यह खिलाता है।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

अगर कठिनाई जीवन में आती है

तब भी पलाश का फूल खिलता है।

देता है कठिनाई से लडने का संदेत,

ओर बनकर सफलता का राज यह खिलता है।

======================

पलाश के फूलों ने

धरती को सजाया है।

बनाकर इसे चांद की दिवानी

चांद को भी धरती से मिलाया है।

======================

पलाश का लाल फूल

दिल पर वार करता है।

बनकार दिल को दिल का दिवाना

प्यार का इजहार करता है।

======================

पलाश के फूल को देखकर

चेहरे पर खुशी आग गई।

कैसे खिला है यह फूल कठिनाईयों में

वो बात मुझे याद है आ गई।

======================

जंगल भी खुशबू से खिलता है

जब पलाश से फूल निकलता है।

======================

पलाश के फूल को देखकर

जंगल के जानवार खिल उठे।

लडकर कठिनाईयों से

वो पलाश के फूल से चमक उठे।

======================

पलाश का फूल सर्घष बडा करता है

तभी तो यह जंगल में मुस्कुराकर खिलता है।

======================

पलाश का फूल

चांद से टक्कर लेता है।

खिलता है जंगल में जब जब

जंगल को बडा महकाता है। 

======================

सुखे जंगल में

जब पलाश का फूल खिलता है।

जंगल के जानवरों को

एक नई उम्मिद यह देता है।

======================

पलाश का फूल

गुलाब सा नही महकता।

फिर भी यह जंगल में

बडा खुश होता ।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

तोंते की लाल चोंच ने

पलाश के पेड पर वार ​है किया।

देकर संदेश जंगल का

उसे चमकरने से रोक दिया।

======================

पलाश के फूल की खुशबू ने

जंगल को बडा महकाया है।

सजकार जंगल को दुल्हन सा

चांद को प्यार का रस पिलाया है।

======================

जब पलाश का फूल ​है खिलता

बसंत का महोल है आता ।

======================

तेरी काली जुल्फों का रंग

दिल को दिवाना कर दिया।

ओर खिलकर पलाश का फूल

दिल को महका दिया।

======================

पलाश का फूल भी गजब होता है।

खिलकर लाल रंग में

सूरज से मुकाबला यह करता है।

======================

जबसे पलाश पर फूल खिला है

जंगल में एक नई रोशनी खिली है।

महकाता है जंगल को दिन रात

जैसे गुलाब की कली पलाश पर खिली है।

======================

गुलाब पलश का फूल बन गया,

तभी तो देखकर इसे दिल खुश हो गया।

======================

पलाश के लाल फूल ने

खामोश रहकर बडी बात कह दी।

हिम्मत रखने पर बदल जाते है हालात

यह फूल ने खिलकर बात कह दी।

======================

सुखे जंगल में

पलाश का फूल खिलता है।

जब देखता है मन इसे

जीवन का विश्वास खिलता है।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

पलाश का जो फूल है

वो अपने दम पर खिलता है।

महकाता है जब जंगल को

चांद भी जंगल पर मरता है।

======================

पलाश के फूल जैसा मन हो गया

अकेला रहकर भी यह खुश हो गया।

रहता है दिन भर अपने में

ओर फिर भी इश्क इसे हो गया।

======================

पलाश के फूल की लाली ने

आंखो पर वार किया है।

बना दिया है दिल को दिवाना

इसलिए दिल को धडकाया है।

======================

पलाश का फूल भी

गुलाब जैसा महकता।

यदि करता कोई प्यार इसे

तो इश्क का इजहार यह करता।

======================

पलाश के फूल ने

आग बनकर समझाया है।

तपता है जब तेज रोशनी में

तभी सोना बन पाया है।

======================

बिना मौसम के

पलाश का फूल खिलता है

देखता है जब इसे कोई

खुश उसका दिल होता है।

======================

पलाश का फूल भी गजब ढाता है

खिलकर जंगल में चांद से मुकाबला करता है।

======================

पलाश का फूल

मुश्बितों से लडकर खिलता है।

देता है नए जीवन का अहसास

जब पलाश का फूल हंसता है।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

पलाश का फूल भी

सुरज को देखकर हंसता है।

अरे खिलता है जब यह फूल

तो सुरज से भी मुकाबला करता है।

======================

अगर राहों मे कांटे कई आते है

तो पलाश बनकर निकलना होता है।

अरे पडती है जब तेज धुप

तो पलाश का फूल बनकर खिलना होता है।

======================

सुरज भी जिसे झूका न पाया

वो पलाश का फूल बन पाया।

तपती धरती में अपनी खुशबू फैलाया

आखिर वही तो पलाश का फूल कहलाया।

======================

अरे होता है जो पलाश का फूल

उसे सुरज भी रोक नही पाता है।

खिलता है तेज धुप में यह

तभी तो पलाश का फूल बन पाता है।

======================

सुखे जंगल को

पलाश का फूल बचाता है।

अरे फैलाता है जब खुशबू अपनी

तभी तो पलाश का फूल बनता है।

======================

जंगल मे पलाश का फूल बडा चमकता है

तभी तो यह प्यारा लगता है।

जब चिपता है गलों से रंग बनकर

तो दिल को भी खुश यह करता है।

======================

पलाश का फूल भी

लाल रंग बनाता है।

जिससे खेलते है रंगो की होली

आखिर ऐसा फूल यही बनता है।

======================

अंधेरी रात में चांद जगमगाता है।

जब पलाश का फूल जंगल में हंसता है।

======================

सुरज को देखकर

पलाश का फूल भी खुश होता है।

चमकता है इतना ज्यादा

जैसे सुरज से मुकाबला यह करता है।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

अरे जब होती है अंधेरी रात

पलाश का फूल चांद सा चमकता है।

बसता है हर दिल मे

जब यह प्यार की खुशबू फैलाता है।

======================

नीले आसमान के निचे,

पलाश का लाल फूल खिला है।

देखता है जब जब चांद इसे,

चांद का मन भी बडा खिला है।

======================

लाल होंठो का रंग

पलाश का फूल बनाता है।

अरे खिलात है जब यह फूल

जंगल को दुल्हन सा सजाता है।

======================

तारों का टिमटिमाना

दिल में जादू करता है।

जब खिलता है पलाश का फूल

दिल भी बेकाबू होता है।

======================

पलाश का फूल भी

खुशबू बडी फैलाता है।

देखता है जब चांद को

दिवाना उसे अपना बनाता है।

======================

अंधेरी रात में

पलाश का फूल चांद सा चमकता है।

जब देखता है जंगल इसे

जंगल का मन बडा खिलता है।

======================

नीले आसमान में

पलाश का लाल फूल खिला है।

अरे हो गया तुझसे प्यार मुझे

तभी तो दिल ने आई लव यु बोला है।

======================

जब खिलाता है पलाश का फूल

मिलने हम तुमसे आएगे ।

करेगे इश्क की बातें हम

ओर पलाश के फूल को साथ लाएगे।

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

======================

गुलाब के स्थान पर

पलाश का फूल ले आए ।

मनाने के लिए तुझे

हम सोने की चैन ले आए।

======================

गुलाब की खुशबू भी

फिकी पड जाती है

जब पलाश के फूल को देखकर

चांद की धडकन बढ जाती है।

======================

पलाश के फूल की

बडी मस्त चमक है।

बनाता है यह दिवाना हर किसी को

ऐसी इसकी धडकन है।

======================

पलाश का फूल भी

बेकाबू दिल को कर गया ।

करकर इश्क की बातें हमसे

दिल का बुरा हाल कर गया।

======================

बालों मे वो

पलाश का फूल लगाती है

तभी तो हुस्न से वो

चांद का टूकडा लगती है।

======================

पलाश के फूल ने

जगहर तेरे सिर पर बनाई है।

सजकर यह बालों मे

दिल में तगह तक बनाई है।

======================

जब पलाश का फूल

गुलाब बनकर आता है।

तो इश्क करने में भी

बडा मजा आता है।

======================

पलाश के फूल पर 192+ शायरी, palash ke phool shayari

पलाश का फूल बताता है

सुरज की तपती धुप में खिलना है।

आती है जीवन में कई मुश्बितें

पर उनसे लकडकर निकलना है।

======================

सुखें जंगल में

एक पलाश का फूल खिलता है।

देखता है इसे जब कोई

दिल में उम्मीद बनकर मिलता है।

======================

पलाश का फूल भी

दिल पर जादू करता है।

महकाता है दिल को

ओर चांद का दिवाना बनाता है।

======================

तो इस तरह से दोस्त, पलाश का फूल शायरी कैसी लगी कमेंट में बताना जरूर ।

188+ kagaj ke phool par shayari, कागज के फूल पर शायरी

सरसों के फूल पर 198+ शायरी, sarson ke phool par shayari (फूल के लिए दो अल्फाज)

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

185+ पिंपल के लिए शायरी pimple par shayari (पिंपल की तारिफ में दो अल्फाज)

205+ सफेद बालों पर शायरी safed baal shayari

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *