187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी पर शायरी महिलाओं के द्वारा लगाए जाने वाली माथे पर काले रंग की बिंदी से जुडी होती है । और इस प्रकार की शायरी मे ज्यादातर महिलाओं के माथे की काली बिंदी की तारिफ की जाती है। या फिर काली बिंदी के बारे में छोटी मोटी बातें की जाती है।

जैसे की काली बिंदी को निचा दिखाया जाए, और महिला के खुबसूरत चेहरे की तारिफ की जाए। और दूसरा कि महिला पर काली बिंदी ज्यादा अच्छी नही लगती है, ऐसा कहते हुए अन्य बिंदी की तारिफ की जाए।

वही पर काली बिंदी पर शायरी कुछ ऐसे भी हो सकती है जिसमें बिंदी की तारिफ करते हुए महिला से इश्क की बात की जाए। तो यदि आपकी भी कोई महिला मित्र है जो की काली बिंदी लगाती है, तो उसके लिए इस प्रकार की शायरियां काफी अच्छी रह सकती है

तो आइए दोस्त, का​ली बिंदी पर शायरी पढे,

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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काली बिंदी वो लगाकर

बढी सितम ढा रही है।

करकर होंठ लाल वो

मेरे दिल को तडपा रही है।

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खुले बाल वो रखती है,

तभी तो मस्त मुझे वो लगती है।

अरे लगाकर काली बिंदी वो

दिल को बडा धडकाती है।

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कानों मे झूमका पहनकर

माथे पर काली बिंदी लगा ली।

देखकर मेरे दिल को उसने

होंठो पर लाली लगा ली।

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माथे पर तेरी यह काली बिंदी

बडी कमाल की लगती है।

जब पहनती है तु साडी,

आशिकों के दिल धडकाती है।

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उसकी काली बिंदी पर

नजरे मेरी ठहर गई।

पता मुझे चला नही

वो आंखो से चुमकर चली गई।

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माथे पर काली बिंदी लगाकर

आंखो से इश्क का इशारा करती है।

जब उसे बुलाना होता है पास मुझे

तो होंठ लाल वो करती है।

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चांदनी सुरत पर उसने

काली बिंदी लगा रखी थी।

करके उसने आंखो से इश्क का इशारा

दिल की धडकन मेरी बढा रखी थी।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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काली बिंदी माथे पर लगाती है

तभी तो आशिकों बडा पसंद वो आती है।

देखते है दिन रात उसके चांद से चेहरे को

ओर वह चेहरा ढककर तडपाती है।

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तेरी मुस्कान के सामने

काली बिंदी फिकी लगती है।

जब करती है होंठ लाल तु

बडी मस्त दिखती है।

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माथे की काली बिंदी ने

दिल पर वार किया है।

कर दिया दिल को घायल

ओर इश्क का रोग दिया है।

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उसके माथे की काली बिंदी

कयामत ढा रही है।

देखकर वो मुझे

होठो से मुस्कुरा रही है।

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काली बिंदी के निचे

गुलाबी होठ की लाली उसकी है।

करती है जिससे वार दिल पर

ऐसी नशीली आंखे उसकी है।

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तेरी काली बिंदी में भी

कोई जादू छिपा है।

करता है दिन पर वार यह

जैसे दिल में तेरा कुछ छिपा है।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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उसकी काली बिंदी को देखकर

मैं तो अपना दिल हार बैठा ।

देखकर उसके लाल होठ को

 इश्क की बाजी मैं मार बैठा।

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काली बिंदी ने

मेरी आंखो को तडपाया है।

बुलाकर पास मुझे

आंखो से रस पिलाया है।

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काल बिंदी ने

दिल से न जाने क्या कहा।

शायर जो था तेरे दिल में

वो राज शब्दों कहा ।

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काली बिंदी का जादू

मुझे दिन रात तडपाता है।

ओर उपर से तेरे होठ

मेरे दिल को धडकता है।

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तेरे चांद से चेहरे पर

काली बिंदी लगी होती है।

जब देखते है तुझे रात को

ख्वाबों मे तु मिली होती है।

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तेरे माथे पर काली बिंदी सजी है

जिसमें मेरे दिल की धडकन बसी है।

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आंखो के जादू ने

दिल को दिवाना बना दिया।

उपर से तेरी काली बिंदी ने

दिल का बुरा हाल कर दिया।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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सुना है तुझे

काली बिंदी लगाना पसंद है

जो देखे तेरे चांद से चेहरे को

वो आशिक पसंद है।

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तेरी काली बिंदी ने

दिल पर बडा असर किया है।

करकर दिल को दिवाना

इसे धडकने से बेअसर किया है।

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हाथ में लाल चुडियों वो पहनती है

ओर माथे पर काली बिंदी लगाती है।

लगती है वो बडी मस्त मुझे,

जब होठो पर लाली लगाती है।

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काली बिंदी वो लगाकर

दिल पर इश्क का वार कर गई।

देखकर मेरे मासुम चेहरे को

कमबख्त मुस्कुराकर क्यों चली गई।

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मरते थे जिसे देखकर हम

वो काली बिंदी लगा बैठी।

अरे लगाकर चेहरे पर मेकअप वो

चांद सी चमक चठी।

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काली बिंदी ने आंखो से वार किया

बनाकर दिल को दिवाना

इश्क में इसे धडका दिया।

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काली नैनों वाली कि

काली बिंदी प्यारी है।

अरे मुस्कुराती है जब वो

दिल कहे कितनी प्यारी है।

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काली बिंदी वो करकर

दिल पर वार करती है।

चुमती है दिल को प्यार से

ओर खुद से प्यार वो करती है।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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जब काली बिंदी चेहरे पर लगी

तो चेहरे भी खिल उठा।

जब लगी चेहरे पर सुरज की धूप

तो चांद सा चेहरा भी महक उठा।

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काली बिंदी माथे पर लगाकर

वो बडी प्यारी मुस्कान दिखाती है।

अरे आकर पास वो मेरे

गालों को चुमकर भाग जाती है।

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इश्क तो वो हमसे करती है

तभी तो माथे पर ​का​ली बिंदी लगाती है।

देखती है मुझे दिन रात तस्वीर में

ओर सिने से लगाकर वो सोती है।

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जब जब कॉलेज में वो आती है

माथे पर उसके काली बिंदी होती है।

देखता है हर आशिक उसे

ऐसी प्यारी उसकी सुरत होती है।

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माथे पर लगाकर काली बिंदी तुने

आशिकों को बडा तडपाया है।

ओर करकर मेकअप तुने

चांद को भी फैल किया है।

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चांद भी तुझे देखकर जलता होगा,

तेरी प्यारी सी सुरत पर मरता होगा।

अरे देखता होगा वो तेरी काली बिंदी को

ओर इससे दिन रात प्यार करता होगा ।

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तेरी काली बिंदी पर मरने वाला

आशिक जरूर इस जहां मे होगा।

जो करता होगा तेरे आने का इन्तजार

ऐसा महबूब आखिर तेरा भी होगा।

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काली बिंदी ने

कई छोरो का दिल धडकाया है।

बनकार उनको आशिक तुने

बडा तडपया है।

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जब तेरे सादे चेहरे पर

काली बिंदी जाकर लगी ।

तेरी सुरत भी

चांद जैसी चमकने लगी।

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काली बिंदी में तुम

आसमान से उतरी परी लगती हो।

बस जाती हो दिल में तुम

जैसे दिल की घरवाली होती हो।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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अरे है जो उसके माथे पर बिंदी

वो किश्मत का सितारा है।

जो चुराता है कई दिलों को

ऐसा आशिक तुम्हारा है।

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तेरे माथे की काली बिंदी ने

रात भर मुझे सोने नही दिया।

आती रही याद पल पल तेरी

ओर मुझे ख्वाब तेरा लेने नही दिया।

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काली बिंदी

दिल से बातें हजार करती है।

रखती है ख्याल दिल का

ओर दिल से प्यार करती है।

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तेरे माथें की जो काली बिंदी है

वो मेरे दिल को जलाती है।

चुमती है तेरे माथे को

जैसे इससे प्यार करती है।

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काली साडी पर काली बिंदी

बडी कातिल लगती है।

जब देखती हो तुम मुझे

दिल की धडकन बढती है।

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काजू जैसा बदन है तेरा

इसपर काली बिंदी लगाया करो।

पहनकर तुम लाल सूट

दिल को धडकाया करो।

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तेरी आंखो से प्यार मुझे हो गया

ओर देखकर तेरी का​ली बिंदी को

दिल मेरा इससे जल गया।

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लाल साडी में तुम

बडी धमाल लगती हो।

ओर लगाकर काली बिंदी तुम

दिल को बडा धडकाती हो।

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तेरी सुरत पर चांद तक मरता है

तभी तो दिल मेरा तुझसे प्यार करता है।

देखता है तेरी काली बिंदी को

ओर दिल इससे इश्क की बाते करता है।

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काली जुल्फों मे इश्क का जादू छिपा है।

अरे जो है तेरी बिंदी काली

उसमें दिल का राज तेरा छिपा है।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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सुबह उठते ही तुम

काली बिंदी लगाती हो,

करती हो प्यार मुझसे

ओर आशिक कई बनाती हो।

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काली बिंदी उसके माथे पर सजकर

उसे चांद की परी बनाता है।

देखकर आशिक उसी सुरत को

दिल अपना हार जाता है।

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होंठो पर लाली लगाकर

उनसे मुस्कुराती है।

लगाती है काली बिंदी माथे पर

ओर इश्क की बातें मुझसे करती है।

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जिसने काली बिंदी को देखा

उसके दिल का बुरा हाल हो गया।

देखकर चांद सी सुरत को

दिल किसी का दिवाना हो गया।

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नशीली आंखो का जादू

दिल में उतर गया ।

अरे देखकर उसकी काली बिंदी को

हमे भी प्यार उससे हो गया।

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काली बिंदी भी

इश्क का जादू फैलाती है।

करती है दिल से बातें वो

ओर दिल को दिवाना बनती है।

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काजल लगी आंखे हो

ओर उपर से काली बिंदी माथे पर हो।

अरे क्या लगती होगी वो हसीना

जिसके होठो पर लाली हो।

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चांद से मुखडे पर

काली बिंदी गजब ढा रही है।

जो देखता है दिल उसे

उसके दिल को दिवाना बना रही है।

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तेरी आंखो के इशारों ने

दिल को गुलाब बना रखा था।

जब देखा तेरी काली बिंदी को

दिल ने कहा क्या रुप खिला रखा था।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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उसके माथे की काली बिंदी

मेरे दिल से बातें हजार करती है।

जब होता हू उदास मैं

तो मुझे मानने के लिए प्यार करती है।

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काली बिंदी के इश्क ने

मुझे दिन रात तडपाया है।

करकर तेरी तारिफें इसने

मेरे दिल को बडा धडकाया है।

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खुले बालों पर जो मर मिटे

वो आशिक मेरा दिल हो गया।

देखकर उसकी काली बिंदी को

इश्क का रोग मुझे भी लग गया।

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तेरी काली बिंदी ने

मेरे दिल में रोशनी की है।

न रह सकु तेरे बिना मैं

ऐसी मेरी जींदगी की है।

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काली बिंदी की सजावट ने

आंखो से जादू करवा दिया।

देखते रहे हम उसे दिन रात

इसलिए दिल मेरा धडका दिया।

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तेरी काली बिंदी को देखकर

मेरा दिल इश्क का गीत गाता है।

अरे है जो तेरे होठों की मुस्कान

उसपर दिल मर तक जाता है।

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काली बिंदी उसने लगकार

मेरे दिल को बेचन कर दिया।

ओर उपर से पहनकर लाल टॉप

मेरे दिल का बुरा हाल कर दिया।

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कानों की बाली ने

दिल पर जादू कर दिया।

ओर उपर से तेरी काली बिंदी ने

दिल को इश्क में बेकाबू कर दिया।

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तेरी सुरत को देखकर

तो मेरा दिल धडकता है।

ओर जो है तेरी काली बिंदी

उससे रोम रोम जलता है।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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तेरी काली बिंदी ने

तेरे दिल में छिपा राज बता दिया।

क्यों करती हो तुम प्यार मुझे

वो बातों का खजना ​दे दिया।

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सुरत पर मरते होगे लाखो दिल

पर हम तो तेरी काली बिंदी से प्यार करते है।

अरे देखते है ​इसे दिन रात

ओर इसी से ख्वबों मे मुलाकात करते है।

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गुलाब जैसे होंठो पर

तुम गुलाब का रस लगाती हो।

जब लगाती हो माथें पर काली बिंदी

आशिक तुम कई बनाती हो।

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सुरज जैसी तुम चमकती हो

जब गालों पर गुलाल लगाती हो।

अरे लगाकर माथें पर काली बिंदी

तुम चांद पर दाग लगाती हो।

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लगाकर माथे पर काली बिंदी

तुम चांद पर दाग लगाती हो।

जब आती हो मिलने हमसे

लाल सुट पहन आती हो।

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सोने जैसे बदन पर

काले काले तिल है।

अरे तेरी काली बिंदी पर

आया मेरा छोटा सा दिल है।

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खुशबू तेरे बदन की

मेरे दिल को महकाती रही।

लगाकर तु काली बिंदी

दिल की धडकने बढाती रही।

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अंधेरी रात में

तेरा चेहरा चांद जैसा चमकता है।

जब लगाती हो काली बिंदी तुम

तेरा माथा गजब का मुझे लगता है।

187+ kali bindi par shayari, काली बिंदी पर शायरी

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काली नजरो से तुम

दिल पर वार करती हो।

लगाकर माथें पर ​काली बिंदी

दिल की धार तेज करती हो।

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तेरी काली बिंदी ने

मेरे दिल पर वार कर दिया।

बनाकर मुझे इश्क का रोगी

इश्क करने से इनकार कर दिया।

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तेरी काली बिंदी ने मेरे

होठो को चुमा है।

करकर इश्क की बातें इसने

मेरी रातों की नींद को छीना है।

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तेरे चेहरे को देखकर ऐसा लगा

जैसे चांद से उतरी तुम परी हो।

पर लगाकर माथे पर काली बिंदी तुम

चांद पर दाग तक लगाती हो।

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तेरी गुलाबी साडी ने

मेरे दिल को महकाया है।

लकार माथें पर काली बिंदी तुने

दिल को जलाया है।

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सुरज से मुकाबला तुम करती

जब तु लाल साडी पहनती ।

लगाती काली बिंदी माथे पर

ओर आशिकों को बडा तडपाती ।

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खुशबू तेरे बदन की आती है

जिसे देखकर मेरे दिल धडकन बढ जाती है।

कैसे करेगे तुझसे प्यार हम

तेरी काली बिंदी हमे बडा सताती है।

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काली काली आंखो ने

दिल को घायल किया है।

चुराकर दिल का चैन तुने

इसका बुरा हाल किया है।

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तो इस तरह से दोस्त, काली बिंदी पर शायरी आपको कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।

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