जलेबी पर शायरी, जलेबी पर शायरी, jalebi pe shayari in hindi, जलेबी की शायरी, jalebi shayari,
जलेबी, भारत की प्रसिद्ध मिठाई में से एक होती है। यह मैदे की बनती है ओर इसमें चीनी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए जलेबी खाने में बड़ी मीठी लगती है। और यही कारण है कि अपने भारत में जलेबी को सबसे ज्यादा खाया जाता है। 🍯😋
यदि जलेबी के आकार की बात करे, तो जलेबी का आकार गोल होता है। क्योंकि जलेबी कभी सीधी बन ही सकती है। और यह देखने में साधारण लगती है, मगर जो लाल रंग की जलेबी होती है वह लोगों को बड़ी पसंद आती है। 🔴🌀
यदि आपको भी जलेबी पसंद है, तो आज के इस लेख में हम जलेबी पर शायरी लेकर आए है, आप जलेबी पर शायरी पढ़ सकते है जो कुछ ऐसे है — 📖👇

🌀 1 – Jalebi par shayari जिंदगी और जलेबी (उलझनें और मिठास)
✍️ शायरी 1
जिंदगी मेरी जलेबी जैसी हो गई।
अंदर से मीठी रसीली
तो बाहर से उलझी हुई हो गई।
🌀😊😢
✍️ शायरी 2
जलेबी की तरह बनकर तु
उलझने लग गया।
जो था मीठा रसीला
आज तु खारा नमक बन गया।
🌀➡️🧂
✍️ शायरी 3
समोसे के साथ जलेबी का स्वाद आ गया।
तभी तो खा कर जलेबी आज मजा आ गया।
🥟🍯😋
✍️ शायरी 4
जिंदगी भी जलेबी की तरह उलझने लग गई।
भरी चाशनी की कटोरी में डूबने लग गई।
🌊🌀
✍️ शायरी 5
जलेबी का मीठा स्वाद
दिल को भा जाता है।
जब सजकर रसगुल्ला
सामने आ जाता है।
💓🍬
✍️ शायरी 6
जिंदगी में भी न जाने कितने दुखों को सहा है।
पर जलेबी जैसा मीठा स्वाद न देखा है।
😢➡️🍯
✍️ शायरी 7
जिंदगी का हर एक पल
बड़ा महंगा हो जाता है।
जब घूमते घूमते
जलेबी सा जीवन हो जाता है।
⏰🌀
✍️ शायरी 8
दिल मेरा जलेबी सा गोल हो गया।
तभी तो यह बाहर से सख्त,
पर अंदर से मीठा निकल गया।
💓🌀🍯
✍️ शायरी 9
जीवन में न जाने कितने सपनों को देखा था
पर जलेबी जैसा मीठा अहसास न देखा था।
💭😊
✍️ शायरी 10
जलेबी जैसी मुसीबतें जीवन में आने लग गई।
लेकर मुझे बिच में चारो ओर घूमने लग गई।
🌀😵
✦ • ✦ • ✦

🙏 2 – भक्ति रस (देवताओं के लिए Jalebi par shayari)
✍️ शायरी 1
मंदिर की थाली में
जब जलेबी सजकर आती है।
तब देखकर जलेबी को
ईश्वर की धड़कन बढ़ जाती है।
🛕💓🍯
✍️ शायरी 2
लड्डू खाना गणेश जी भूल जाते है।
जब जलेबी लेकर भक्त आ जाते है।
🐘🚫🥨✅🍯
✍️ शायरी 3
मंदिर में जलता दीपक भी
खुश होने लग जाता है।
जब भक्त जलेबी का भोग
ईश्वर को लगाने लग जाता है।
🪔😊🙏
✍️ शायरी 4
डूबकर चाशनी में
जलेबी दिन रात नहाती है।
तभी तो जलेबी
इतनी मीठी निकल जाती है।
🏊♀️🍯😋
✍️ शायरी 5
देशी घी से बनी जलेबी का भोग
श्री कृष्ण जी स्वीकार करते है।
तभी तो लेकर जलेबी का भोग
भक्त मंदिर में चढ़ाने आते है।

💛🙏🍯
✍️ शायरी 6
जलेबी की खुशबू ने
ईश्वर को खुश किया है।
और पिलाकर अपना मीठा रस
जलेबी ने मशहूर खुदको किया है।
👃✨🍯
✍️ शायरी 7
भगवान भी धरती पर आ जाते है
जब भक्त कटोरी मे जलेबी लेकर आ जाते है।
🌍🙏🍯
✍️ शायरी 8
जलेबी की मीठास ने
शिव को दिवाना बना दिया।
खिला खिलाकर जलेबी
भक्त ने शिव का आशीर्वाद पा लिया।
🔱😍🍯
✍️ शायरी 9
मां लक्ष्मी के होठो पर भी
मुस्कान छा जाती है।
जब सजकर जलेबी
लक्ष्मी जी के पास आ जाती है।
🪷😊🍯
✍️ शायरी 10
सच्चे मन से जो
जलेबी का भोग लगाता है।
वो ईश्वर की कृपा
दिन रात पाता है।
🙌✨🍯
✍️ शायरी 11
देखकर जलेबी को
कृष्ण जी की मुरली मुस्कुराती है।
आता है मजा श्री कृष्ण जी को
जब जलेबी मुंह के अंदर जाती है।
🪈😊🍯
✍️ शायरी 12
भक्त की भक्ति ने
खुदा को दिवाना अपना बनाया है।
खिला खिलाकर जलेबी,
Diabetes का मरीज बनाया है।
🙏😷🍯
✍️ शायरी 13
जलेबी की खुशबू ने
मंदिर को महकाया है।
बुलाकर खुदा को मंदिर में
जलेबी का मीठा स्वाद चखाया है।
🛕👃✨
✍️ शायरी 14
शिव की जटाओं से
गंगा की धारा बहती है।
जैसे डूबकर चाशनी में
जलेबी भोग में चढ़ती है।
🔱🌊🍯
✍️ शायरी 15
शनि देव का दोष दूर हो जाता है।
जब भक्त लेकर जलेबी का भोग आ जाता है।
🪐❌🍯✅
✍️ शायरी 16
हनुमान जी की कृपा ने
जीवन की बाधाओं को दूर किया।
और खिला खिलाकर तुने जलेबी
हनुमान जी का दिल खुश किया।
🙊💪😊
✍️ शायरी 17
जलेबी की मीठी खुशबू ने
खुदा को धरती पर बुलाया है।
खिलाने के लिए मीठा स्वाद
भक्त ने जलेबी खुदा को
अपने हाथों से खिलाया है।

🌍🙏🍯
✍️ शायरी 18
डूबकर वो चाशनी में
बड़ी मुस्कुराती है।
अरे खिल जाते है दिल भी
जब जलेबी मीठी निकल जाती है।
😊💓🍯
✍️ शायरी 19
जलेबी की खुशबू ने
दिल को बड़ा धड़काया है।
लगाने भोग उसने देवता को
पास अपने बुलाया है।
💓🙏
✍️ शायरी 20
भगवान को भोग में
जलेबी चढ़ाई जाती है।
तभी तो भक्त की मनोकामना
जल्दी पूरी हो जाती है।
✨🙏🍯
✍️ शायरी 21
मंदिर में सजकर देवता बैठ जाते है।
जब लेकर भक्त जलेबी भोग लगाने आ जाते है।
🛕🙏🍯
✍️ शायरी 22
काजू कतली का स्वाद भी
आजकल खुदा को फिका लगने लग गया।
जब से खुदा ने जलेबी का स्वाद चख लिया।
🥜❌🍯✅
✍️ शायरी 23
चाशनी में डूबकर बड़ी मुस्कुराती है।
आता है मजा दिल को
जब जलेबी मीठी निकल जाती है।
😊💓🍯
❁ • ❁ • ❁
💕 3 – इश्किया अंदाज़ (महबूबा वाली Jalebi par shayari)
✍️ शायरी 1
तेरी इश्क भरी बातों ने
जलेबी को भी फिका बना दिया।
और चुमकर तुने गाल मेरा,
दिल का बुरा हाल कर दिया।
💬💋💔
✍️ शायरी 2
आंखो में सजाकर वो बैठने लग जाते है।
जब लेकर जलेबी महबूब पास आ जाते है।
👀😍🍯
✍️ शायरी 3
तेरी काली आंखो के जादू ने
आशिक अपने कई बनाए है।
और खिला खिलाकर जलेबी तुने
उन्हे मीठे बनाए है।
👁️✨🍯
✍️ शायरी 4
तेरा मेरा इश्क भी
जलेबी सा होने लग गया।
मीठा होकर भी रिश्ता
जलेबी सा उलझने लग गया।
💑🌀
✍️ शायरी 5
तेरे गुलाबी होठो में
जलेबी की खुशबू आती है।
जैसे डूबकर तु चाशनी में
दिन रात नहाती है।
💋🍯

✍️ शायरी 6
तेरे होठो की मुस्कान ने
दिल को घायल कर दिया।
और खिलाकर तुने जलेबी
मेरे दिल को खुश कर दिया।
😊💓🍯
✍️ शायरी 7
मैं जलेबी तो तु मेरी चाशनी है।
मिलेंगे दोनो एक दूसरे में
फिर हमारी भी इश्क की नई कहानी है।
🍯💑✨
✍️ शायरी 8
तेरी यादों ने मुझे
पास अपने बुलाया है।
और खा कर तुने जलेबी अकेले
मुझे बड़ा चिड़ाया है।
💭😢🍯
✍️ शायरी 9
लेकर जलेबी की कटोरी
जब तु छत पर आती है।
खुदा कसम
आशिकों की शामत आती है।
🍯😵💀
✍️ शायरी 10
इश्क मेरा
जलेबी सा गोल हो गया।
खाया लोगो ने भर भर प्याला
फिर पेट उनका ढोल हो गया।
💘🌀😋
✍️ शायरी 11
तेरी पतली कमर
जलेबी सी लगती है।
जब डूबकर चाशनी में
तु पास मेरे आती है।
💃🍯
✍️ शायरी 12
जीभ को भी स्वाद आने लग गया।
जब जलेबी जैसा तेरा गोरा बदन मिल गया।
👅😍🍯
✍️ शायरी 13
तेरा इश्क मुझे जलेबी सा लगने लग गया।
चूमा तेरे होठो को तो दिल मेरा धड़क गया।
💓💋🍯
✍️ शायरी 14
तुझसे इश्क करते करते
दिल का बुरा हाल न हो जाए।
खाए तु जलेबी गणेश मिठास भंडार की
तो हर दुख तु तुरंत भूल जाए।
💓🙏✨
✍️ शायरी 15
तेरे इश्क का स्वाद
मीठी जलेबी सा लगता है।
जब चूमता है तु होठ मेरे
दिल को बड़ा अच्छा लगता है।
💋🍯💓
✍️ शायरी 16
होठो पर लगा कर जलेबी का रस
चूमने वो पास मेरे आ जाते है।
जो छिपा कर जलेबी अकेले खा जाते है।
💋🍯🙈

✍️ शायरी 17
इश्क में हम हद से गुजर जाएंगे।
जब जलेबी खाने हम चाशनी ले आएंगे।
💘🍯✨
✍️ शायरी 18
हवा भी बादलों की तारीफ करने लग गई।
जब हवा में जलेबी की खुशबू मिल गई।
🌬️👃✨
✍️ शायरी 19
लंबे बालों वाली ने
मुझे दिन रात सताया है।
खिला खिलाकर जलेबी
मेरे पेट को फूलाया है।
💇♀️😋🍯
✍️ शायरी 20
पहनकर कानों मे बाली
वो होठो से मुस्कुराती है।
जब खाती है जलेबी
आशिकों को पास अपने बुलाती है।
💍😊🍯
✍️ शायरी 21
तेरे जलेबी जैसे मीठे बदन को
दिल मेरा चुरा लेगा।
रहा कर तु घर में छिपकर,
वरना तुझे कोई पटा लेगा।
🍯💓😍
✍️ शायरी 22
जो लड़का मुझे देखकर हंसा करता था
आज वो भी छिपकर जलेबी खा रहा है।
😊➡️🙈🍯
✍️ शायरी 23
जलेबी के सामने
इश्क भी फिका लगता है।
तभी तो छिपकर आशिक
जलेबी भर पेट खाता है।
💘❌🍯✅
✍️ शायरी 24
जब दोस्त ही जलेबी जैसा हो
तो दुश्मनों से क्या डर होगा।
अगर करेगा घाव दुश्मन
तो दोस्त चाशनी के मिठास से भरेगा।
👫🍯✨
✍️ शायरी 25
तेरे होठो की लाली ने
जलेबी की चाशनी चुरा ली।
और चूमकर तुने गाल मेरा
दिल की धड़कन बढ़ा दी।
💋💓🍯
✍️ शायरी 26
हाथों में चूड़ियां पहनने वाली
कब मेरी घरवाली बनेगी।
खिलाएगी मुझे अपने हाथों से जलेबी
फिर हम दोनो की प्रेम कहानी बनेगी।
💍💑🍯
✍️ शायरी 27
लगा कर हाथों पर महंदी
वो जलेबी उठा कर खाती है।
और देखकर मुझे सामने
दौड़कर चली आती है।
🤎🏃♀️🍯
✍️ शायरी 28
काजू की पतली कमर ने
जलेबी को फंसाया है।
करकर मीठी बातें
दुल्हन जलेबी को बनाया है।
🥜💑🍯
✍️ शायरी 29
जलेबी की शादी में
ढोल जोर जोर से बजने लग गए।
और देखकर जलेबी को
आशिकों के बुरे हाल हो गए।
🥁😵💔

✍️ शायरी 30
लाल मुखड़े वाली ने
हाथों से हाथ मिलाया है।
करकर मीठी बातें मेरे दिल से
होठो से जलेबी का रस पिलाया है।
🔴💋🍯
✍️ शायरी 31
दिल की रखवाली करने वाली ने
जलेबी को होठो से खिलाया है।
करकर इश्क की बातें
दिल को दिन रात बहलाया है।
💓🍯✨
✍️ शायरी 32
आंखो से टपकने वाले आंसू ने
दर्द दिल का बताया है।
क्यों न खिलाती है जानम जलेबी
वो राज रोकर आशिक ने बताया है।
😢💔🍯
❁ • ❁ • ❁
😂 4 – हास्य-विनोद (मजेदार Jalebi par shayari)
✍️ शायरी 1
जिसे दिन रात प्रेम किया था
वो जानम दिल की हुआ करती थी।
खाती थी दिन रात जलेबी
तभी तो जलेबी जैसी मीठी हुआ करती थी।
💑😊🍯
✍️ शायरी 2
जलेबी खा कर दिल उसका खुश हो जाता है।
जो पहनकर सिर पर पगड़ी घोड़ी पर चढ़ जाता है।
🎩🐎😊
✍️ शायरी 3
डाइट वाइट सब जाए भाड़ में
जब जलेबी आ जाए सामने।
🏃♂️🚫🍯✅
✍️ शायरी 4
देखकर चाशनी में डूबी जलेबी को
दिल मेरा जोर से धड़काता है।
तभी तो खाने को जलेबी
मुंह मेरा टूट पड़ता है।
💓😋🍯
✍️ शायरी 5
गुलाब का फूल भी
बदनाम होने लग गया।
जब जलेबी के साथ
गुलाब दिखने लग गया।
🌹😶
✍️ शायरी 6
लेकर घोड़ी डाइट मेरी भागने लग जाती है।
जब जलेबी सजकर सामने आने लग जाती है।
🏃♀️🍯

✍️ शायरी 7
जलेबी के मीठे रस का
दिवाना मेरा दिल हो गया।
तभी तो खा खा कर जलेबी मैं
diabetes का मरीज बन गया।
💓😷🍯
✍️ शायरी 8
दिल को भी चैन न मिलता है।
जब समोसे के साथ
जलेबी खाने को न मिलता है।
💔🥟❌
✍️ शायरी 9
जलेबी की खुशबू ने
दिन रात मुझे सताया है।
और खिला खिलाकर तुने जलेबी
हाल मेरा बुरा बनाया है।
👃😵🍯
✍️ शायरी 10
वो रसोई भी बाग सी महकती है
जहां पर जलेबी की कढ़ाई चढ़ती है।
🍳🌿✨
✍️ शायरी 11
विवाह के मौके पर
न जाने कौन कौनसी मिठाई खाई थी।
मगर फिर भी जलेबी सी
मीठी मिठाई मैंने न पाई थी।
🎉🍯🥇
✍️ शायरी 12
दुकानदार को भी कभी जेल होगी,
जब मीठी जलेबी शरीर पर हावी होगी।
👨🍳😷🍯
🤣 • 😂 • 🥲

🎭 5 – मिश्रित (अनोखी और क्रिएटिव) Jalebi par shayari
✍️ शायरी 1
पूर्णिमा के अवसर पर
खीर जलेबी बनते है।
खाते है सभी चाव से
तभी तो अंदर से मीठे बनते है।
🌕🍚🍯
✍️ शायरी 2
खीर जलेबी खा कर
दिल मेरा खुश हो गया।
रहता था अकेला हमेशा
आज वो तेरी आंखो में खो गया।
🍚🍯💓
✍️ शायरी 3
जलेबी का स्वाद और बढ़ जाता है
जब खीर में जलेबी का रस पड़ जाता है।
🍚🍯✨
✍️ शायरी 4
लगा कर बालों मे महंगी
होठो को लाल करती है।
हाय दिल को घायल कर देती है
जब जलेबी वो प्यार से खाती है।
💇♀️💋💔
✍️ शायरी 5
खेतों की करती
वो दिन रात रुखाली है।
खाती है वो जलेबी दिनभर
ऐसी मेरी घरवाली है।
👩🌾🍯
✍️ शायरी 6
उसकी पीली साड़ी पर
दिल मेरा अटक गया।
खाया जलेबी का टुकड़ा
तब मजा आ गया।
💛👗😋
✍️ शायरी 7
आंखो से इशारा करके
वो तीर दिल पर चलाती है।
लेकर आती है जब जलेबी वो
पास मुझे अपने बुलाती है।
👁️💘🍯
✍️ शायरी 8
लगा कर आंखो पर काला चश्मा
वो गजब ढाने लग जाती है।
जब पहनकर वो पीली साड़ी आ जाती है।
🕶️💛
✍️ शायरी 9
रसगुल्ले की सफेद मिठास भी
फिकी पड़ने लग जाती है।
जब जलेबी डूबकर चाशनी में
हंसने लग जाती है।
🍬❌🍯✅
✍️ शायरी 10
रसगुल्ला भी बुरा मान गया।
जब जलेबी मैं लेकर खा गया।
🍬😤🍯
✍️ शायरी 11
लड्डू खाने का दिवाना तो
गणेश जी हुआ करता था।
पर देखकर जलेबी को
गणेश जी भी न रुका करता था।
🐘😋🍯

✍️ शायरी 12
गुलाब जामुन की चमक ने
मुझे बड़ा सताया था।
मगर फिर भी मैं
जलेबी खरीदकर खाया था।
🍬❌🍯✅
✍️ शायरी 13
चावल की खीर भी
अधूरी लगने लग जाती है।
जब खीर के साथ
जलेबी खाने को न मिलती है।
🍚❌🍯
✍️ शायरी 14
काजू कतली ने जलेबी से झगड़ा कर लिया।
जब गुलाब जामुन ने जलेबी से विवाह कर लिया।
🥜😠💍🍯
✍️ शायरी 15
पहनकर सिर पर टोपी
पेड़ा दुकान में सजकर बैठता है।
मगर फिर भी जलेबी के सामने
पेड़ा कहाँ बिकता है।
🎩🍬❌🍯✅
✍️ शायरी 16
जलेबी की कीमत ने
आसमान छू लिया।
फिर ग्राहक ने भी
जलेबी को चुराना लिया।
💰📈😈
✍️ शायरी 17
जलेबी की आंखो में भी आंसू आने लग गए।
जब गुंडे जलेबी को उठाकर ले जाने लग गए।
😢🔫
✍️ शायरी 18
दांतो से दबा कर जिसे खाया जाता है
वही जलेबी दिल को मीठा स्वाद देता है।
🦷😋💓
✍ी शायरी 19
चाशनी ने भी इश्क का पैगाम लिख दिया।
जब जलेबी ग्राहक खरीदकर ले गया।
🍯💌
✍️ शायरी 20
जलेबी की चाशनी को भी दुख होने लग जाता है।
जब ग्राहक खरीदकर जलेबी ले जाता है।
🍯😢
🎯 आपकी राय जरूरी है!
इस तरह से दोस्त, जलेबी पर शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।
💬👇😊
📢 अगर आपको जलेबी पसंद है, तो यह शायरी अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें!
📲 व्हाट्सऐप | इंस्टाग्राम | फेसबुक
🙏 धन्यवाद! 🍯🌀