Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

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खीर असल में एक प्रकार की मिठाई होती है, जो की दूध और चावल के मेल से बनती है। और इसे आमतौर पर घरों मे ही बनाया जाता है और यह मिठाईयों की दुकान में कम मिलती है। 🥛🍚😋

और खीर खाने के लिए जलेबी का साथ भी लिया जाता है, क्योंकि खीर के साथ जलेबी खाने से स्वाद लाख गुणा बढ़ जाता है। इसलिए यदि आपको भी खीर खाना पसंद है, तो आज का यह लेख आपके लिए ही है। 🍯✨

असल में दोस्त, आज के इस लेख में हम खीर पर शायरी लेकर आए है, जहां पर हम खीर पर कई तरह की शायरी पढ़ेंगे, तो आइए शायरी पढ़े — 📖👇


Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

🙏 1 – भक्ति रस (देवताओं के लिए खीर पर शायरी)

✍️ शायरी 1

जब आसमान में चांद निकलता है
तब हनुमान जी को खीर का भोग लगता है।

🌙🙊🥛

✍️ शायरी 2

चांदनी रात ने
रोशनी का जादू फैलाया है।
और बनाकर भक्त ने खीर
भगवान को भोग लगाया है।

🌕✨🙏🥛

✍️ शायरी 3

देखकर खीर की चमक को
दुर्गा का जीभ ललचाने लगती है।
तभी तो खीर खाने के लिए
मां धरती पर आने लगती है।

🪷👅😋🥛

✍️ शायरी 4

लेकर हाथ में त्रिशूल
शिव धरती पर आ जाते है।
जब भक्त शिव को
खीर का भोग लगा जाते है।

Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

🔱🌍🥛

✍️ शायरी 5

वो मंदिर भी खुशबूदार बन जाता है
जहां पर भक्त खीर का भोग लगा जाता है।

🛕👃✨🥛

✍️ शायरी 6

गोगानवमी के अवसर पर
भक्त मंदिर में पूजा करने आते है।
और बनाकर अपने हाथों से
खीर का भोग लगा जाते है।

🙏✨🥛

✍️ शायरी 7

खीर के साथ जलेबी का भोग
भक्त ने गणेश जी को लगाया है।
तभी तो खा कर खीर जलेबी
गणेश जी का चेहरा खिला आया है।

🐘🍯🥛😊

✍️ शायरी 8

देखकर खीर की प्याली को
गणेश जी लड्डू खाना भूल जाते है।
जब भक्त लेकर खीर जलेबी
का भोग लगाने आ जाते है।

🐘🥮❌🥛✅

✍️ शायरी 9

मां के हाथों से बने पकवानों में
खीर का सबसे पहले नाम होता है।
और कर देती है यह ईश्वर को भी खुश
क्योंकि इतना मीठा इसका स्वाद होता है।

👩‍🍳😊🙏🥛

✍️ शायरी 10

दूध में जब चावल उबलते है
तो फिर खीर बनकर निकलते है।

🥛🍚➡️🥛

✍️ शायरी 11

हमको भी इश्क हो जाता
यदि ईश्वर मेरा पास आ जाता।
खिलाता मैं भी खीर की प्याली भर भरकर
यदि ईश्वर मेरा खीर खाना पसंद करता।

💓🙏🥛

✍️ शायरी 12

हनुमान जी का दिल भी
खुश हो जाता है।
जब पूर्णिमा के अवसर पर
भक्त खीर का भोग लगाता है।

🙊😊🌕🥛

✍️ शायरी 13

श्री राम भी धरती पर आ जाते है
जब भक्त खीर का भोग लगाते है।

🏹🌍🥛

✍ शायरी 14

जो खाते है महंगे महंगे पकवान
वो भी खीर के दिवाने होते है।
और देखकर खीर सामने अपने
महंगे पकवानों से दूर होते है।

🍽️❌🥛✅

Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

✍️ शायरी 15

मन की इच्छा पूरी करवाने के लिए
वो खीर की प्याली लेकर आते है।
क्या कहे जनाब उनका
वो खुदा को भी रिश्वत देने आते है।

💭💰🙏🥛

✍️ शायरी 16

खीर का भोग तो मैं भी लगा देता
यदि देखकर खीर को शिव पास मेरे आ जाता।

🔱🥛😢

✍️ शायरी 17

बनाकर वो खीर
बड़ा मुस्कुराने लग गया।
जो कहता था मैं दिवाना हूं शिव का
वो शिव को ही भोग लगाना भूल गया।

😊🙏❌

✍️ शायरी 18

खीर का भोग तो शिव को पसंद आता है
तभी तो देखकर खीर को शिव दौड़कर आता है।

🔱🏃‍♂️🥛

✍ शायरी 19

लेकर खीर की कटोरी
वो शिव को मनाने जाता है।
जो गलती से शिव की
पूजा करने भूल जाता है।

🥛🙏❌

✍️ शायरी 20

शिवरात्री के अवसर पर
खीर का भोग लगाया था।
तभी तो मैंने शिव जैसा
जीवन साथी पाया था।

🔱💑🥛

✍️ शायरी 21

पूर्णिमा के अवसर पर
भोग हनुमान जी को लगाना था।
तभी तो घर पर खीर के संग
चुरमा मुझे बनाना था।

🌕🙊🌾🥛

❁ • ❁ • ❁

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💕 2 – इश्किया अंदाज़ (महबूबा वाली खीर पर शायरी)

✍️ शायरी 1

उसकी पतली कमर पर
दिल मेरा आ जाता है।
पर चूमता हूं जब उसके होठ
खीर जैसा का मीठा स्वाद आ जाता है।

💃💋🥛

✍️ शायरी 2

खीर खाने का भी मैं दिवाना हुआ करता था।
तभी तो जानम मैं तेरे होठो को बार बार चूमा करता था।

💋🥛😊

✍️ शायरी 3

तेरे गुलाबी होठ मुझे
खीर जैसा मीठा स्वाद देते है।
मिट जाए शरीर की सारी थकान
ऐसा जादू दिल को देते है।

💋✨🥛

✍️ शायरी 4

हमे भी उस लाल चश्मा वाले से इश्क हो गया।
जो भरकर प्याली खीर की अकेला खा गया।

🕶️😋🥛

✍️ शायरी 5

न जाने कब वो दिन आएगा
जब मैं खीर बनाऊंगी और तू बैठकर खाएगा।

👩‍🍳💑🥛

Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

✍️ शायरी 6

सुन बे खीर जैसे मीठे बदन वाली
क्या है तेरी मस्त जवानी।

😊💃🥛

✍ शायरी 7

लंबे बालों वाली ने
मुझे दिन रात सताया था।
खिला खिलाकर खीर मुझे
होठो से मीठा रस पिलाया था।

💇‍♀️💋🥛

✍️ शायरी 8

क्या कहे उनका
वो तो लाखों मे से एक है।
खिलाती है मुझे खीर अपने हाथों से
ऐसी चाहने वाली अनेक है।

💑🥛😊

✍️ शायरी 9

तेरे हुस्न की तारीफ में
चांद को भी मैंने बदनाम किया।
और चूमकर तेरे होठो को
खीर जैसा अनोखा स्वाद लिया।

🌙💋🥛

✍️ शायरी 10

खुदा कसम आज तू सफेद सूट में
खीर जैसी चमकती है।
पी जाऊं तुझे भर कर प्याली में
ऐसी हुस्न की परछाई जो लगती है।

👗✨🥛

✍️ शायरी 11

खीर की मीठास भी
फिकी पड़ जाती है।
जब तेरे होठो की लाली
मेरे होठो पर छा जाती है।

🥛❌💋✅

✍️ शायरी 12

क्या कहे उसकी आंखो का
वो तो कातिल लगती है।
पी जाए उन्हें भर कर प्याली में
ऐसी मीठी खीर लगती है।

👁️😍🥛

✍️ शायरी 13

तेरे होठो पर जो काला तिल है
उस पर अटका मेरा दिल है।
और जब मिलती है तू बदन से
खीर जैसा खिलता मेरा दिल है।

◼️💓🥛

Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

✍️ शायरी 14

सुना है तू खीर की बड़ी दिवानी है
तभी तो क्या मस्त तेरी जवानी है।

😍🥛

✍️ शायरी 15

हमे तो लाख समझाया था जमाने ने
इश्क न करने की बातें तक कही थी।
पर देखकर तेरे होठो की चमक को
खीर जैसी मीठी तुझे मैंने कही थी।

💬💋🥛

✍️ शायरी 16

तेरे हर एक अंग ने
खास तुझे बनाया है।
और लिपटकर तू मेरे शरीर से
खीर का रस होठो से पिलाया है।

💋🥛✨

✍️ शायरी 17

चावल की खीर भी फिकी पड़ जाती है।
जब तेरे लाल होठो को हंसी आ जाती है।

🥛❌💋✅

✍️ शायरी 18

जादू तूने न जाने क्या कर दिया।
खिलाकर खीर मुझे दिवाना बना दिया।

✨🤪🥛

✍ी शायरी 19

जब तेरे होठो पर मुस्कान छाती है
दिल की धड़कन आशिकों की बढ़ जाती है।
और पहनती है जब तू सफेद सूट
तो खीर जैसी मीठी लगने लग जाती है।

😊👗🥛

✍️ शायरी 20

खीर के मीठे अहसास ने
तेरा ही नाम लिया है।
दिवाना है दिल मेरा तेरे लिए
वो गुलाब का फूल बता दिया है।

🌹💓🥛

✍️ शायरी 21

तेरे गुलाबी गालों ने
दिल का दर्द मिटा दिया।
और पिलाकर तूने खीर की प्याली
दिल पर जादू इश्क का चला दिया।

😊🥛✨

✍️ शायरी 22

तेरे खूबसूरत हाथों ने
खीर को बड़ा स्वादिष्ट बनाया है।
और खिलाकर तूने अपने हाथों से खीर
मेरा दिल चुराया है।

💓🥛✨

✍️ शायरी 23

जब जब तेरे हाथों की खीर खाता हूं
खुदा कसम शरीर की थकावट भूल जाता हूं।

🥛😊✨

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✍ शायरी 24

बना बनाकर खीर वो रोज मुझे खिलाने लग गई।
जो था पतला शरीर मेरा उसे मोटा बनाने लग गई।

🥛😅

✍️ शायरी 25

उसके हाथों से खीर इतनी ज्यादा खाई
कि पेट की भी नस फट आई।

🥛😵

✍ शायरी 26

खीर की खुशबू भी निराली होती है।
जैसे तेरे होठो की मीठास होती है।

👃💋🥛

❁ • ❁ • ❁


👩‍🍳 3 – माँ के हाथों की खीर पर शायरी (यादें और प्यार)

✍️ शायरी 1

बचपन के उन दिनों मे
खीर खाने का दिवाना था।
खाता था भर भर प्याली खीर की
ऐसा खास मेरा बचपन था।

👶🥛😊

✍️ शायरी 2

मां के हाथो से बना हर निवाला खास होता है
जैसे मिला हो उसमें खीर का स्वाद होता है।

👩‍🍳🥛✨

✍️ शायरी 3

मां के वो हाथ मुझे याद आने लग गए।
जब खीर बनाते समय चावल जलने लग गए।

👩‍🍳😢🍚

✍️ शायरी 4

सूरज की तेज धूप में
मुझे खीर बनाकर खिलाती थी।
अरे क्या कहे उस मां का
जो खुद भूखी रहकर मुझे पहले खाना खिलाती थी।

☀️👩‍🍳💔🥛

Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

✍️ शायरी 5

उस मां की जगह कोई नहीं ले सकता
जो लाख कष्ट सहकर दुनिया में मुझे लाती है
और करने के लिए मेरी ख्वाहिश पूरी
खीर बनाकर खिलाती है।

👩‍🍳💖🥛

❁ • ❁ • ❁


🍯 भाग 4 – खीर जलेबी पर शायरी (स्वाद का संगम)

✍️ शायरी 1

खीर में जलेबी डूबकर खुश हो जाती है।
जैसे पहनकर तू बाली कान में हंसती है।

🍯🥛😊💍

✍️ शायरी 2

खीर के संग जलेबी खा कर
हर कोई खुश हो जाता है।
जैसे लगा कर तू होठो पर लाली
मुस्कुराने लग जाती है।

🥛🍯👗😊

✍️ शायरी 3

खीर की भरी कटोरी में
जलेबी खुशी से तैरती है।
और देखकर खीर जलेबी को
मुंह से लार मेरे टपकती है।

🥛🍯👅💧

✍️ शायरी 4

गर्म गर्म जलेबी ने
जब खीर में गोता लगाया।
खा कर भी ग्राहक का दिल
भर न पाया।

🔥🍯🥛💓

✍️ शायरी 5

खीर की नदी बनकर बहने लग जाती है
जब विवाह के मौके पर खीर बन जाती है।
और आता है स्वाद भी जीभ को बड़ा
जब खीर के साथ जलेबी मिल जाती है।

🌊🎉🥛🍯

✍️ शायरी 6

खीर और जलेबी की दोस्ती ने
आजकल उधम मचा रखी है।
फैलाकर खुशबू अपनी
ग्राहकों की भीड़ बढ़ा रखी है।

👫👃📈

Top 201+ Kheer Par Shayari (खीर और खीर जलेबी, खीर चुरमा पर दो अलफाज)

✍️ शायरी 7

जब दुकानों मे जलेबी बनती है
तो ग्राहकों की भीड़ बढ़ती है।
अगर मिल जाए खीर भी साथ
तो फिर खीर जलेबी ताबड़तोड़ बिकती है।

🏪🍯🥛📈

✍️ शायरी 8

दिल को भी मजा आने लग जाता है
जब खीर जलेबी कोई खाने लग जाता है।

💓🥛🍯

✍ शायरी 9

आता है मजा हमको भी
जब तू पास आता है।
खिलाता है खीर जलेबी अपने हाथों से
तभी तो दिल खुश हो पाता है।

💑🥛🍯😊

✍️ शायरी 10

खीर में बादाम ने
गोता लगाया है।
मगर फिर भी जलेबी सा
मीठा अहसास न दे पाया है।

🥛🌰❌🍯✅

✍️ शायरी 11

खीर जलेबी की अनोखी बात हो गई।
फैलाकर खुशबू खीर जलेबी महारानी बन गई।

👑🥛🍯

✍️ शायरी 12

बाजार में जब खुशबू फैलती है
खीर जलेबी की ही बात होती है।
आता है मजा ग्राहकों को भी
जब खीर जलेबी मुंह में जाती है।

👃😋🥛🍯

✍️ शायरी 13

ठंडी खीर में पतली जलेबी गिर गई,
और देखकर खीर जलेबी को
ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई।

🥛🍯📈

✍ शायरी 14

चीनी की चाशनी ने
जलेबी को मीठा बनाया है।
और डूबकर खीर में जलेबी ने
खीर को भी खास बनाया है।

🍯🥛✨

✍️ शायरी 15

खीर जलेबी की दुकान पर
मेला लगने लग गया।
जब खीर जलेबी ग्राहकों को
पसंद आने लग गया।

🏪🎉😊

✍️ शायरी 16

फैलाकर खुशबू चांद तक
धरती पर बुलाती है।
जब खीर जलेबी
मीठी बन जाती है।

🌙👃🌍🥛🍯

✍️ शायरी 17

आओ मिलकर हम सब खीर जलेबी खाएं
जो है दिल के गिले शिकवे उन्हें दूर भगाएं।

💑🥛🍯✨

✍️ शायरी 18

सुना न था कभी ऐसा मीठा स्वाद भी होगा
गर्म जलेबी तो ठंडी खीर का दिवाना हर कोई होगा।

🔥🍯❄️🥛😍

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✍️ शायरी 19

दिवाली हो या ईद
हर त्योहार फिका लगता है।
जब तक खाने को
खीर जलेबी न मिलता है।

🎉❌🥛🍯✅

❁ • ❁ • ❁


🌾 5 – खीर चुरमा (खास मिठाई) खीर पर शायरी

✍️ शायरी 1

चावल की खीर के साथ
बाजरे की रोटी का स्वाद आता है।
जब बनता है बाजरे का चुरमा
तो खीर हर कोई खाता है।

🥛🍚🌾😋

✍ शायरी 2

खीर चुरमा जब बनता है
दिल हर किसी का धड़कता है।
आता है मजा जीभ को भी
जब खीर के साथ चुरमा खाता है।

💓🌾🥛

✍️ शायरी 3

खीर चुरमे का भोग
हनुमान जी को लगाया है।
तभी तो जीवन के
सारे संकटों को दूर मैंने पाया है।

🙊🌾🥛✨

✍ शायरी 4

मां के हाथों से बना वो चुरमा
खीर के साथ अच्छा लगता है।
तभी तो खीर चुरमा खाने के लिए
रिश्तेदार भी रोज घर आता है।

👩‍🍳🏠👨‍👩‍👧‍👦

✍️ शायरी 5

देखकर खीर की चमक को
बाजरे के चुरमे का दिल आ गया।
तभी तो खा कर खीर चुरमा
मजा आ गया।

❤️🌾🥛😋

✍️ शायरी 6

खीर चुरमे की खुशबू ने
शिव को भी धरती पर बुलाया है।
और खा कर खीर चुरमा
शिव का दिल खुश हो पाया है।

🔱🌍🌾🥛

✍️ शायरी 7

दिल को भी मजा आ जाता है
जब खाने को खीर चुरमा मिल जाता है।

💓🌾🥛

✍️ शायरी 8

खीर की मलाई पर
चुरमे के दाने बिखरते है।
तभी तो खाने में खीर चुरमा
मजा आने लगते है।

🥛🌾😋

✍ शायरी 9

थाली में खीर चुरमा सजने लग गए।
जब घर में रिश्तेदार आने लग गए।

🍽️🏠👨‍👩‍👧‍👦

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✍️ शायरी 10

खीर चुरमे की खुशबू ने
दिलों को महकाया है।
बुला कर शहर से मुझे
मां ने अपने हाथों से खिलाया है।

👃💓🏙️👩‍🍳🌾🥛

✍️ शायरी 11

जब गर्मियों की छुट्टियाँ आती है
मैं भी नानी जी के घर जाता हूं।
खिलाती है नानी मुझे खीर चुरमा
फिर खुश मैं हो जाता हूं।

☀️👵😊🌾🥛

✍️ शायरी 12

दादी के हाथों से खीर चुरमा बनने लग गया।
फिर तो खाने में भी मजा आने लग गया।

👵🌾🥛😋

✍ शायरी 13

शादी के दिनों मे
बड़े चाव से खाते थे।
जब खीर चुरमा
घर वाले बनाते थे।

🎉🏠🌾🥛

✍️ शायरी 14

जवाई के घर आने पर
खीर चुरमा बनाया था।
तभी तो खा कर खीर चुरमा
जवाई खुश हो पाया था।

👨‍💼🏠😊🌾🥛

✍️ शायरी 15

काजू बादाम को पीसकर
खीर में डालने लग गया।
जब घर में पहली बार
जवाई आने लग गया।

🥜🌰👨‍💼🥛

✍️ शायरी 16

आजकल खीर भी बदनाम होने लग गई,
जबसे खीर बादाम के साथ मिल गई।

🥛🌰😅

❁ • ❁ • ❁


🎭 6 – मिश्रित खीर पर शायरी (अन्य शायरी)

✍️ शायरी 1

चांदनी रात में
जब खीर बनाई जाती है।
तब दिखा कर चांद को
दिल की धड़कन बढ़ाई जाती है।

🌙🥛💓

✍️ शायरी 2

दूध की सफेद खीर भी
आजकल पीली बनने लग गई।
तभी तो कटोरी में खीर
आजकल सजकर बैठने लग गई।

🥛💛


🎯 आपकी राय जरूरी है!

इस तरह से दोस्त, खीर पर शायरी आपको कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना।

💬👇😊

📢 अगर आपको खीर पसंद है, तो यह शायरी अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें!


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